नोएडा में इंजीनियर युवराज मेहता की मौत से चर्चा में आए डिलीवरी बॉय मनिंदर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मनिंदर पर रेस्टोरेंट और रेहड़ी वालों से रंगदारी मांगने का आरोप है। पुलिस ने उसके भाई नरेंद्र को भी इस मामले में पकड़ा है। दरअसल, मनिंदर ने युवराज की मौत को लेकर प्रशासन की लापरवाही जाहिर की थी। मनिंदर ने आरोप लगाते हुए कहा था कि प्रशासन की टीम अगर समय पर पहुंचती तो युवराज को जिंदा बचा लिया जाता। इसके बाद से उसे धमकियां मिलीं। कई बार बयान बदलने का दबाव भी बनाया गया। मनिंदर ने अपनी और परिवार की सुरक्षा की गुहार भी लगाई थी। नोएडा में नॉलेज पार्क के पास गढ़ी समस्तीपुर गांव है। यहां महरचंद अपनी पत्नी, बेटों मनिंदर और नरेंद्र के साथ रहते हैं। 16 जनवरी 2026 को युवराज मेहता मामले से मनिंदर चर्चा में आया था। नोएडा के सेक्टर-150 में युवराज मेहता की कार पानी में गिर गई थी। घटना को लेकर मनिंदर ने दावा किया था कि युवराज को कोई मदद नहीं मिली और मैं खुद पानी में उतरा था। मनिंदर ने सरकार से अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई थी। मनिंदर ने कहा था कि मुझे जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। इस घटना के कुछ दिन बाद मनिंदर नोएडा से बाहर चले गए थे। मनिंदर पर रेस्टोरेंट संचालकों से रंगदारी मांगने का आरोप अब पुलिस ने मनिंदर और उसके भाई नरेंद्र के खिलाफ शिकायत दर्ज की। नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने गुरुवार को सेक्टर 150 से मनिंदर और नरेंद्र को पकड़ा है। पुलिस के मुताबिक, ये लोग रेस्टोरेंट संचालकों और ढकेल वालों को डरा-धमकाकर हर महीने 20 से 25 हजार रुपये की रंगदारी मांगते थे। एक पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है। इनके खिलाफ पहले भी गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई हो चुकी है। कार की छत पर चढ़कर मदद मांगते रहे युवराज 16 जनवरी की रात सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता (27) की ग्रैंड विटारा कार घने कोहरे के कारण यूटर्न पर पानी से भरे 30 फीट गहरे गड्ढे में गिर गई थी। युवराज कार से निकलकर छत पर चढ़ गए और रात 12:20 बजे पिता को फोन कर मदद मांगी थी। सूचना के बाद पुलिस, दमकल और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन रेस्क्यू से पहले ही करीब 80 मिनट तक मदद की गुहार लगाने के बाद युवराज कार समेत पानी में डूब गए। सुबह करीब 4:30 बजे उनका शव बाहर निकाला गया था। अब मनिंदर के लगाए आरोप पढ़िए कोई भी पानी में उतरने को तैयार नहीं था’ घटना के चश्मदीद मनिंदर ने बताया था कि रात में डिलीवरी करते समय मैंने मौके पर पर भीड़ देखी। पुलिस भी वहां मौजूद थी। एक लड़का मोबाइल की लाइट जलाकर मदद के लिए चिल्ला रहा था। लेकिन कोई भी व्यक्ति पानी में उतरने को तैयार नहीं था। पुलिस वालों ने भी पानी बहुत ठंडा और सरिया होने का हवाला देते हुए पानी में उतरने से इनकार कर दिया। इसके बाद मैंने हिम्मत करते हुए अपनी कमर पर रस्सी बांधी और पानी में उतरने का प्रयास किया। लेकिन अंधेरा और कोहरा होने के कारण मुझे कुछ भी नहीं दिखा। परिवार की जान को खतरा नोएडा प्रशासन और पुलिस के खिलाफ बयान देने के बाद मनिंदर ने डिलीवरी बॉय की नौकरी छोड़ दी। उसने सरकार से अपनी और परिवार की सुरक्षा की गुहार भी लगाई थी। मनिंदर ने बताया था कि मामले में मुझे पर लगातार दबाव बढ़ता जा रहा है। इससे मेरे परिवार की जान को खतरा है। अब मुझे रात में घर से बाहर निकलने में डर लगता है। हादसे के बाद 18 जनवरी को पुलिस ने पूछताछ के लिए हमें थाने बुलाया था और दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक थाने में बैठाकर रखा था। इस दौरान वो यही बात कह रहे थे कि पुलिस का साथ दो। मुझे बिल्डर से भी धमकियां मिल चुकी हैं। मेरे पिता ने भी सच का साथ नहीं छोड़ने के लिए कहा था। हमने सच का साथ छोड़ दिया, तो लोगों का इंसानियत से भरोसा उठ जाएगा। —————————- ये खबर भी पढ़िए- 4 लाशों के साथ 12 घंटे रहा हत्यारोपी दोस्त, रातभर सबूत मिटाए, शवों को रजाई ओढ़ाई; बेटे ने बाप के सिर की 10 हडि्डयां तोड़ी थीं प्रयागराज में करोड़पति कारोबारी के परिवार के 4 लोगों की हत्या करने वाला सनी गुप्ता शातिर है। हत्या करने के बाद वह करीब 12 घंटे तक आराम से 4 लाशों के बीच रहा। इस दौरान वह सबूत मिटाने की पूरी कोशिश करता रहा। पढ़ें पूरी खबर