झांसी में हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के नाती के साथ 40 लाख रुपए की ठगी हो गई। जालसाज ने बैंक से आरटीजीएस फॉर्म चोरी किया, उसमें से हस्ताक्षर वाला हिस्सा फाड़ा। इसके बाद अपने खाते की डिटेल फॉर्म में चिपका दी और 40 लाख रुपए अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए। नवाबाद थाना पुलिस ने शनिवार को महज 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूरा मामला नवाबाद थाना क्षेत्र स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शाखा का है। पहले 2 तस्वीर देखें… अब विस्तार से मामला समझिए… पेट्रोल पंप के जमा किए थे 40 लाख रुपए सीपरी बाजार थाना क्षेत्र के प्रेमगंज के रहने वाले तुषार सिंह और अजय कुमार सिंह की अपने दादा-दादी मैसर्स जानकी-ध्यानचंद के नाम से रक्सा थाना क्षेत्र के डगरवाह में पेट्रोल पंप हैं। तुषार सिंह ने बताया कि 2 जून को वह अपने कर्मचारी के साथ भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के खाते में 40 लाख रुपए ट्रांसफर कराने के लिए सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की ग्वालियर रोड शाखा गए थे। उन्होंने आरटीजीएस फॉर्म भरकर 40 लाख रुपए का चेक अटैच किया। चेक के पीछे भारत पेट्रोलियम की खाता संबंधी जानकारी भी लिखी। तुषार के मुताबिक, वह पिछले करीब 15 सालों से इसी बैंक के माध्यम से लेनदेन कर रहे हैं, इसलिए उन्हें किसी तरह की धोखाधड़ी की आशंका नहीं थी। पेट्रोल-डीजल की सप्लाई नहीं पहुंची तो हुआ खुलासा 3 जून को पेट्रोल पंप पर पेट्रोल-डीजल नहीं पहुंचा तो तुषार सिंह ने कंपनी के ऐप पर भुगतान चेक किया, लेकिन वहां पैसा जमा नहीं दिखा। इसके बाद बैंक स्टेटमेंट देखने पर पता चला कि 40 लाख रुपए भारत पेट्रोलियम के खाते में जाने की बजाय पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में सुकु मंडी नाम के व्यक्ति के खाते में चले गए हैं। इसके बाद तुषार के भाई अजय कुमार सिंह ने नवाबाद थाने में शिकायत की। लंच टाइम में चुराया RTGS फॉर्म पुलिस ने मामले में जांच शुरू की। जांच में पता चला कि जिस समय बैंक में RTGS फॉर्म जमा किया गया, उसी समय पश्चिम बंगाल का समीर सामन्थ भी शाखा में मौजूद था। फॉर्म जमा करने के बाद कर्मचारी लौट गया। बैंककर्मी ने फॉर्म अपनी डेस्क पर रख लिया। इसी दौरान लंच टाइम हो गया। महिला बैंककर्मी फॉर्म वहीं छोड़कर चली गईं। इसी मौके का फायदा उठाकर समीर ने बैग की आड़ में RTGS फॉर्म चुरा लिया। असली फॉर्म से हस्ताक्षर काटकर फर्जी फॉर्म पर लगाए पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी ने चोरी किए गए असली RTGS फॉर्म से तुषार सिंह के हस्ताक्षर वाला हिस्सा काट लिया। उसने अपने खाते की जानकारी वाले दूसरे RTGS फॉर्म पर उन हस्ताक्षरों को चिपका दिया। फिर फर्जी फॉर्म और 40 लाख रुपए का चेक वहीं रख दिया, जहां से असली फॉर्म उठाया था। बैंक कर्मियों ने फॉर्म की ठीक से जांच नहीं की। उसे असली मानकर भुगतान की प्रक्रिया पूरी कर दी। फॉर्म में लिखा 4 लाख, खाते में भेज दिए 40 लाख जांच में बैंक की बड़ी लापरवाही सामने आई। तुषार सिंह ने बताया कि बैंक से फॉर्म निकलवाने पर पता चला कि असली हस्ताक्षर काटकर फर्जी फॉर्म पर चिपकाए गए थे। हैरानी की बात यह रही कि फर्जी RTGS फॉर्म में रकम 4 लाख रुपए लिखी गई थी, जबकि चेक 40 लाख रुपए का था। इसके बावजूद बैंक कर्मचारियों ने फॉर्म और चेक का मिलान नहीं किया। न ही भुगतान की जानकारी की पुष्टि की। इसी वजह से पूरे 40 लाख रुपये आरोपी के खाते में ट्रांसफर हो गए। 37 लाख रुपये फ्रीज, सोने के गहने भी खरीदे एसपी सिटी प्रीति सिंह ने बताया कि पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी के खाते में मौजूद 37 लाख रुपए फ्रीज करा दिए। जांच में पता चला कि आरोपी ने ठगी के पैसों से तीन सोने की अंगूठियां और एक लॉकेट खरीदा था। गिरफ्तारी के समय उसके पास से 94,100 रुपए नकद भी बरामद किए गए। बाकी रकम उसने खर्च कर दी या यूपीआई के जरिए दूसरे खातों में भेज दी। पुलिस ने आरोपी समीर सामन्थ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। एक सप्ताह से झांसी में रहकर कर रहा था रेकी पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी समीर सामन्था करीब एक सप्ताह से झांसी में रह रहा था। वह अलग-अलग बैंकों की रेकी कर बैंकिंग प्रक्रिया की कमजोरियां तलाश रहा था।इसी दौरान उसने ऐसे खातों पर नजर रखी, जिनसे बड़ी रकम का लेनदेन होता था। उसने सेंट्रल बैंक की एक शाखा से एक अन्य चेक भी चुराया था, लेकिन उसे भुना नहीं सका। मामले में एक अज्ञात बैंककर्मी के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस यह जांच कर रही है कि यह सिर्फ लापरवाही का मामला है या किसी बैंक कर्मचारी की मिलीभगत भी थी। पश्चिम बंगाल भागने से पहले गिरफ्तार ठगी की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पश्चिम बंगाल भागने की तैयारी में था। शनिवार को वह रेलवे स्टेशन की ओर जा रहा था, तभी नवाबाद थाना प्रभारी निरीक्षक रवि श्रीवास्तव और उनकी टीम ने स्टेशन रोड पर घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से 12 भरे हुए चेक, 5 डेबिट कार्ड, 1 पैन कार्ड, 3 मोबाइल फोन, 3 सिम कार्ड और 94,100 रुपए नकद बरामद किए। पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर आरोपी को पकड़ लिया। इससे खुश होकर मेजर ध्यानचंद के परिवार के सदस्य पुलिस लाइन पहुंचे। उन्होंने एसपी सिटी प्रीति सिंह, इंस्पेक्टर रवि श्रीवास्तव व उनकी टीम को सम्मानित किया। ———————– ये खबर भी पढ़िए- पत्नी की हत्याकर जान देने वाले ने 2 लव-मैरिज की: फुफेरी बहन के बाद गर्लफ्रेंड से शादी की, नाराज हुई तो पहली पत्नी को मारी गोली “मेरे बेटे ने 5 साल पहले अपनी सगी बुआ की बेटी (फुफेरी बहन) पुख्खन से लव-मैरिज कर ली थी। दोनों को समझाया था, लेकिन वे नहीं माने। तब मंदिर में शादी करा दी थी। पढ़ें पूरी खबर…