अयोध्या के रहने वाले कथावाचक पवन देव महाराज (42) पर बिहार की एक महिला ने दुष्कर्म का आरोप लगाया है। महिला ने कहा, कथावाचक पवन उसे राम मंदिर दर्शन कराने के बहाने अयोध्या लेकर आया। यहां दुष्कर्म किया। इसके बाद मंदिर में फर्जी शादी की। कुछ समय तक अपने साथ रखा। फिर जबरन मायके भेज दिया। महिला का आरोप है कि कथावाचक ने उसके करीब 10 लाख के गहने रख लिए। विरोध करने पर कथावाचक और उसके पिता पंडित रमाकांत शास्त्री ने मारपीट की। जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने शनिवार रात महिला की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। पूरा मामला जिला मुख्यालय से 25 किमी दूर बीकापुर कोतवाली क्षेत्र का है। अब जानिए पूरा मामला…. बिहार में कथा के दौरान मुलाकात हुई पीड़ित महिला बिहार के सीवान जिले की रहने वाली है। वह पहले से शादीशुदा है। दो बच्चे भी हैं। महिला ने बताया- 10 जुलाई, 2023 को चंपारण में कथा थी। इसी कथा में पहली बार मेरी मुलाकात पवन देव महाराज से हुई थी। उन्होंने मेरा नंबर लिया और हम दोनों की बीच बातचीत शुरू हो गई। पवन देव महाराज मुझे अपने फोटो और वीडियो भेजता था। धीरे-धीरे हम दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ती गईं। राम मंदिर दर्शन के बहाने मुझे अयोध्या लेकर आया
महिला ने बताया, पवन देव बिहार के मुजफ्फरपुर आया। मुझे कॉल किया कि मेरे साथ चलो राम मंदिर दर्शन करा देंगे। मुझे वीआईपी दर्शन कराने का भरोसा भी दिया। वहां से मुझे और मेरे बेटे को 10 जुलाई 2025 अयोध्या लेकर आया। उसने मुझे अपने घर में ठहराया। कहने लगा कि अयोध्या में मेरा घर है और हम लोग घर में ही रुकेंगे। घर में पवन देव की मां और छोटा भाई आनंद मिश्रा मौजूद थे। अगले दिन कथावाचक की मां मायके चली गईं। इसके बाद मौका पाकर पवन देव महाराज ने मेरे साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद मैंने विरोध किया और पुलिस से शिकायत करने की बात कही। इस पर कथावाचक ने मुझसे माफी मांगते हुए शादी करने का वादा किया। कथावाचक ने मुझे अपने पास ही रखा, क्योंकि उसे डर था कि मैं तुरंत पुलिस के पास गई और मेडिकल जांच हुई तो मामला खुल सकता है। कथावाचक ने मंदिर में विवाह किया
महिला ने बताया, घटना के बाद मैंने अपने परिजनों को पूरी जानकारी दी। परिवार ने मुझे सावधान रहने के लिए कहा। लेकिन, मैंने कथावाचक के शादी के वादे पर भरोसा कर लिया। 17 अगस्त, 2025 को नाका हनुमानगढ़ी में हम दोनों ने शादी की। इसके बाद मुझे अपने घर ले गया। घर पर उसकी मां, भाई आनंद मिश्रा, पिता पंडित रमाकांत शास्त्री सब लोग थे। वहां मैं रहने लगी। इसी दौरान मैं गर्भवती भी हो गई थी। 4 नवंबर, 2025 को कथावाचक ने अपने छोटे भाई के साथ मुझे मायके भेज दिया। जब मैंने जाने से इनकार किया तो मुझसे कहा कि अगर मैं नहीं गई तो पुलिस कार्रवाई हो सकती है और सभी लोग फंस जाएंगे। 10 लाख रुपए के गहने और सामान अपने पास रख लिया
महिला ने कहा, मैं अपनी ससुराल और मायके वालों से मिले गहने लेकर अयोध्या आई थी। लेकिन, वापस जाते समय केवल कुछ कपड़े साथ ले गई। बाकी जेवर और कीमती सामान कथावाचक के पास ही रह गया। करीब 10 लाख रुपए के जेवर थे। कुछ समय बाद कथावाचक पवन देव महाराज और उसके पिता पंडित रमाकांत शास्त्री मेरे घर पहुंचे। वहां विवाद होने पर मेरे साथ मारपीट की और दोबारा आने पर जान से मारने की धमकी दी। उस समय मेरे पिता ने भी आरोपियों से सवाल किया था कि यदि वे मुझे अपने साथ नहीं रखना चाहते थे तो मेरे साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया गया। महिला का कहना है कि मेरे पहले पति ने पहले से तलाक का मुकदमा दायर कर दिया था। अब न तो मेरे पास नौकरी है और न ही रहने का कोई ठिकाना। कथावाचक ने मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी। इसलिए मैं चाहती हूं कि या तो मुझे पत्नी की तरह रखा जाए, या फिर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। अब कथावाचक पवन देव के बारे में जानिए….. खुद को कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर का शिष्य बताते
पवन देव महाराज बीकापुर थाना क्षेत्र के मलेथू कनक गांव का रहने वाला है। वह खुद को प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर का शिष्य बताता है। पिछले कुछ सालों में कथा के जरिए से धार्मिक जगत में अपनी पहचान बना चुका है। पवन देव महाराज को 13 मई 2026 को करणी सेना का राष्ट्रीय प्रवक्ता नियुक्त किया गया था। इस नियुक्ति के बाद वे संगठन से जुड़े विभिन्न सामाजिक और धार्मिक मुद्दों पर भी अपनी बात रखता है। धार्मिक मंचों के साथ-साथ उनकी पहचान एक युवा कथावाचक और वक्ता के रूप में भी बनाई है। उनके पिता रमाकांत शास्त्री कर्मकांडी हैं। वह पारिवारिक स्तर पर धार्मिक अनुष्ठानों और पूजन कार्यों में उनके साथ जुड़े रहते हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत के आधार पर सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस तथ्यों का सत्यापन करने में जुटी है। ——————————- ये खबर भी पढ़िए- मासूम को बस ने रौंदा, शव पॉलीथीन में ले गए:गाजीपुर में मां-चाची की भी मौत, पिता-बहन बाल-बाल बचे; एक बाइक पर सवार थे यूपी के गाजीपुर में बस ने एक ही परिवार के 3 लोगों को कुचल दिया। हादसे में देवरानी, जेठानी और 4 महीने की मासूम की मौत हो गई। तेज रफ्तार बस ने टर्न लेते समय बाइक को टक्कर मार दी। बस का पहिया दोनों महिलाओं और बच्ची के ऊपर से गुजर गया। बाइक चला रहे प्रतीक गिरी और उसकी डेढ़ साल की बेटी श्रेया बाल-बाल बच गए। पढ़ें पूरी खबर…
महिला ने बताया, पवन देव बिहार के मुजफ्फरपुर आया। मुझे कॉल किया कि मेरे साथ चलो राम मंदिर दर्शन करा देंगे। मुझे वीआईपी दर्शन कराने का भरोसा भी दिया। वहां से मुझे और मेरे बेटे को 10 जुलाई 2025 अयोध्या लेकर आया। उसने मुझे अपने घर में ठहराया। कहने लगा कि अयोध्या में मेरा घर है और हम लोग घर में ही रुकेंगे। घर में पवन देव की मां और छोटा भाई आनंद मिश्रा मौजूद थे। अगले दिन कथावाचक की मां मायके चली गईं। इसके बाद मौका पाकर पवन देव महाराज ने मेरे साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद मैंने विरोध किया और पुलिस से शिकायत करने की बात कही। इस पर कथावाचक ने मुझसे माफी मांगते हुए शादी करने का वादा किया। कथावाचक ने मुझे अपने पास ही रखा, क्योंकि उसे डर था कि मैं तुरंत पुलिस के पास गई और मेडिकल जांच हुई तो मामला खुल सकता है। कथावाचक ने मंदिर में विवाह किया
महिला ने बताया, घटना के बाद मैंने अपने परिजनों को पूरी जानकारी दी। परिवार ने मुझे सावधान रहने के लिए कहा। लेकिन, मैंने कथावाचक के शादी के वादे पर भरोसा कर लिया। 17 अगस्त, 2025 को नाका हनुमानगढ़ी में हम दोनों ने शादी की। इसके बाद मुझे अपने घर ले गया। घर पर उसकी मां, भाई आनंद मिश्रा, पिता पंडित रमाकांत शास्त्री सब लोग थे। वहां मैं रहने लगी। इसी दौरान मैं गर्भवती भी हो गई थी। 4 नवंबर, 2025 को कथावाचक ने अपने छोटे भाई के साथ मुझे मायके भेज दिया। जब मैंने जाने से इनकार किया तो मुझसे कहा कि अगर मैं नहीं गई तो पुलिस कार्रवाई हो सकती है और सभी लोग फंस जाएंगे। 10 लाख रुपए के गहने और सामान अपने पास रख लिया
महिला ने कहा, मैं अपनी ससुराल और मायके वालों से मिले गहने लेकर अयोध्या आई थी। लेकिन, वापस जाते समय केवल कुछ कपड़े साथ ले गई। बाकी जेवर और कीमती सामान कथावाचक के पास ही रह गया। करीब 10 लाख रुपए के जेवर थे। कुछ समय बाद कथावाचक पवन देव महाराज और उसके पिता पंडित रमाकांत शास्त्री मेरे घर पहुंचे। वहां विवाद होने पर मेरे साथ मारपीट की और दोबारा आने पर जान से मारने की धमकी दी। उस समय मेरे पिता ने भी आरोपियों से सवाल किया था कि यदि वे मुझे अपने साथ नहीं रखना चाहते थे तो मेरे साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया गया। महिला का कहना है कि मेरे पहले पति ने पहले से तलाक का मुकदमा दायर कर दिया था। अब न तो मेरे पास नौकरी है और न ही रहने का कोई ठिकाना। कथावाचक ने मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी। इसलिए मैं चाहती हूं कि या तो मुझे पत्नी की तरह रखा जाए, या फिर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। अब कथावाचक पवन देव के बारे में जानिए….. खुद को कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर का शिष्य बताते
पवन देव महाराज बीकापुर थाना क्षेत्र के मलेथू कनक गांव का रहने वाला है। वह खुद को प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर का शिष्य बताता है। पिछले कुछ सालों में कथा के जरिए से धार्मिक जगत में अपनी पहचान बना चुका है। पवन देव महाराज को 13 मई 2026 को करणी सेना का राष्ट्रीय प्रवक्ता नियुक्त किया गया था। इस नियुक्ति के बाद वे संगठन से जुड़े विभिन्न सामाजिक और धार्मिक मुद्दों पर भी अपनी बात रखता है। धार्मिक मंचों के साथ-साथ उनकी पहचान एक युवा कथावाचक और वक्ता के रूप में भी बनाई है। उनके पिता रमाकांत शास्त्री कर्मकांडी हैं। वह पारिवारिक स्तर पर धार्मिक अनुष्ठानों और पूजन कार्यों में उनके साथ जुड़े रहते हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत के आधार पर सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस तथ्यों का सत्यापन करने में जुटी है। ——————————- ये खबर भी पढ़िए- मासूम को बस ने रौंदा, शव पॉलीथीन में ले गए:गाजीपुर में मां-चाची की भी मौत, पिता-बहन बाल-बाल बचे; एक बाइक पर सवार थे यूपी के गाजीपुर में बस ने एक ही परिवार के 3 लोगों को कुचल दिया। हादसे में देवरानी, जेठानी और 4 महीने की मासूम की मौत हो गई। तेज रफ्तार बस ने टर्न लेते समय बाइक को टक्कर मार दी। बस का पहिया दोनों महिलाओं और बच्ची के ऊपर से गुजर गया। बाइक चला रहे प्रतीक गिरी और उसकी डेढ़ साल की बेटी श्रेया बाल-बाल बच गए। पढ़ें पूरी खबर…