राजभर और निषाद बोले, हारी हुई सीटें जीता देंगे:पीएम मोदी झालमुड़ी खिलाकर बोले- इसी तरह साथ रहे तो सबका साथ-सबका विकास होगा

यूपी विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही एनडीए के सहयोगी दलों ने सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत शुरू कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लगातार 12 साल प्रधानमंत्री बनने के उपलक्ष्य में बुधवार को दिल्ली में एनडीए के सहयोगी दलों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। इस बैठक के बाद सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर और निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद ने गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर मांग की है कि साल 2022 में जीती हुई सीटों के साथ-साथ उन्हें वे सीटें भी दी जाएं, जहां उनकी पार्टी या भाजपा दूसरे स्थान पर रही थी। राजभर-निषाद का तर्क, मुस्लिम-यादव सीटों पर हम जीतेंगे सूत्रों के मुताबिक, गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात के दौरान दोनों सहयोगी दलों ने अपनी चुनावी तैयारियों का हवाला देते हुए साफ किया कि 2022 में उनकी जीती हुई सीटें गठबंधन के तहत 2027 में भी उनके पास रहनी चाहिए। दोनों नेताओं ने विशेष रूप से उन सीटों पर दावा ठोका है जो मुस्लिम और यादव बहुल होने के कारण पारंपरिक रूप से भाजपा के लिए कठिन मानी जाती हैं और जहां भाजपा चुनाव हार जाती है। राजभर और संजय निषाद ने गृहमंत्री को भरोसा दिलाया है कि यदि ये हारी हुई सीटें उनके दलों को दे दी जाएं, तो वे वहां सामाजिक समीकरणों के दम पर जीत दर्ज कर एनडीए गठबंधन का परचम फहराएंगे। निषाद पार्टी के पास बचे केवल 5 विधायक संजय निषाद की इस नई रणनीति के पीछे हाल ही में हुए सियासी घटनाक्रम को बड़ी वजह माना जा रहा है। साल 2024 के लोकसभा चुनाव में मझवां सीट से निषाद पार्टी के विधायक डॉ. विनोद बिंद ने भाजपा के सिंबल पर भदोही से चुनाव लड़ा और वे लोकसभा सदस्य निर्वाचित हो गए। डॉ. बिंद के सांसद बनने के बाद खाली हुई मझवां विधानसभा सीट पर जब उपचुनाव हुआ, तो भाजपा ने यह सीट निषाद पार्टी से ले ली और वहां अपने सिंबल पर प्रत्याशी उतार दिया। इस सियासी फेरबदल के कारण वर्तमान में निषाद पार्टी के पास अपने सिंबल के केवल पांच ही विधायक बचे हैं। पीएम मोदी ने खिलाई झालमुड़ी, दिया ‘सबका साथ’ का मंत्र एनडीए की इस हाईप्रोफाइल बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपी के आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सहयोगी दलों की अहमियत का बड़ा संकेत दिया। पीएम मोदी ने बैठक के बाद खुद संजय निषाद और ओमप्रकाश राजभर को अपने हाथों से झालमुड़ी खिलाई और दोनों नेताओं से काफी देर तक आत्मीय बातचीत की। निषाद और राजभर ने भी पीएम मोदी के नेतृत्व में पूरा भरोसा जताते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। मुलाकात के बाद संजय निषाद ने बताया कि प्रधानमंत्री ने सभी सहयोगी दलों से एकजुट रहने का आह्वान करते हुए कहा है कि यदि हम इसी तरह साथ रहे तो सबका साथ-सबका विकास का संकल्प जरूर पूरा होगा। अब समझिए 2022 में कैसा था दोनों पार्टियों का प्रदर्शन सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा): पिछले विधानसभा चुनाव में ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन किया था। तब सपा ने सुभासपा को 17 सीटें दी थीं, जिनमें से राजभर की पार्टी ने 6 सीटों पर जीत दर्ज की थी। अब सुभासपा एनडीए का हिस्सा है। निषाद पार्टी: साल 2022 में निषाद पार्टी को भाजपा के साथ गठबंधन में कुल 16 सीटें मिली थीं। हालांकि, पार्टी ने एक दिलचस्प रणनीति के तहत काम किया था। कुल 10 सीटों पर निषाद पार्टी के अपने सिंबल पर प्रत्याशी उतरे थे, जिनमें से 6 जीते। वहीं, बची हुई 6 सीटों पर निषाद पार्टी के प्रत्याशियों ने भाजपा के सिंबल पर चुनाव लड़ा था, जिनमें से 5 उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी। ———————————————- ये खबर भी पढ़ें… मोदी बोले- कांग्रेस ने नाकामी का कलंक हिंदुओं पर लगाया:हमने सालों के काम महीनों में किए; शुभेंदु ने PM को झालमुड़ी खिलाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। उनके कार्यकाल के 4,399 दिन पूरे होने पर भारत मंडपम में आयोजित NDA बैठक में उनका सम्मान किया गया। पूरी खबर पढ़ें…