5 साल का बेटा पूछ रहा- पापा कब आएंगे:देवरिया में पिता बोले- कर्ज लेकर जहाज पर भेजा था; अमेरिकी हमले में हुई मौत

‘मेरे बेटे शिवानंद की मर्चेंट नेवी में 9 महीने पहले जॉब लगी थी। 6 लाख रुपये कर्ज लेकर उसका सीडीसी सर्टीफिकेट यानी समुद्री पासपोर्ट बनवाया था। उसकी सिंगापुर में जॉइनिंग हुई थी। वहां से पहली बार ही वो ऑयल शिप पर सवार हुआ था। लेकिन पहली यात्रा ही उसकी आखिरी यात्रा बन जाएगी, ऐसा कभी सपने में भी नहीं सोचा था। वह मेरे घर का इकलौता कमाऊ पूत था, जो अब नहीं रहा। हम लोगों का क्या होगा, अब भगवान ही जाने…।’ यह कहते-कहते देवरिया के रामजी चौरसिया की आंखें भर आईं। गला रुंध गया। उनके बेटे शिवानंद चौरसिया की अमेरिकी हमले में बुधवार को मौत हुई। वह सिंगापुर के जहाज ‘MT सेत्तेबेल्लो’ पर सवार थे। रामजी कहते हैं, पूरे परिवार की उम्मीदें शिवानंद से जुड़ी थीं। उसकी नौकरी लगने के बाद घर में खुशियां लौट आई थीं। अब घर में सिर्फ सन्नाटा है। घर से उठती चीखें और सिसकियां हर किसी की आंखें नम कर रही हैं। पत्नी बार-बार बेहोश रही है। मां और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। दैनिक भास्कर शिवानंद के गांव पहुंचा, पढ़िए रिपोर्ट… 3 तस्वीरें देखिए… देवरिया जिला मुख्यालय से करीब 10 किमी दूर गांव सुरौली है। यहां गांव के बीच में रामजी चौरसिया का घर है। उनके दो बेटे शिवानंद (38) और राम प्रवेश व एक बेटी सोनी है। सोनी की शादी हो चुकी है। शिवानंद की 2017 में सुशीला के साथ शादी हुई थी। उनका पांच साल का बेटा राजवीर और दो साल की बेटी वानिका हैं। परिवार में पिता रामजी चौरसिया खेती और पशुपालन का काम करते हैं। मां कलावती देवी गृहिणीं हैं। दैनिक भास्कर ऐप टीम पहुंची तो पिता घर के बाहर कुर्सी पर गुमसुम बैठे थे। आसपास गांव की महिलाएं भी जमीन पर बैठी थीं। 2012 में शिवानंद ने छोड़ दिया था घर
हमने शिवानंद के पिता रामजी से बात की। उन्होंने बताया, शिवानंद ने 2006 में मझगांवा के गंगा प्रसाद इंटर कॉलेज से हाईस्कूल और 2008 में इंटरमीडिएट किया था। पढ़ाई पूरी करने के बाद शिवानंद ने 2012 में रोजगार की तलाश में घर छोड़ दिया। उन्होंने दुबई, मुंबई, लखनऊ, पुणे और सोलापुर सहित कई शहरों में काम किया। इसी दौरान उन्होंने मर्चेंट नेवी का कोर्स किया। समुद्री जहाज पर नौकरी के लिए जरूरी सीडीसी (Continuous Discharge Certificate) प्रमाणपत्र भी लिया। इसके लिए गांव और रिश्तेदारों से उधार लेकर लगभग छह लाख रुपये खर्च किए गए थे। सितंबर 2025 में शिवानंद मुंबई से सिंगापुर पहुंचे और एक शिपिंग कंपनी के जहाज पर काम शुरू किया। चीन में रुक जाता तो आज जिंदा रहता बेटा
पिता ने बताया– शिवानंद जहाज पर इंजन फिटर थे। 23 मई को चीन में तेल उतारने के बाद कुछ साथियों ने शिवानंद को शिप छोड़कर रेस्ट लेने की सलाह दी थी। लेकिन कर्ज चुकाने की उम्मीद में शिवानंद ने जहाज पर ही रुकने का फैसला किया। ताकि जल्द से जल्द पैसे भेजकर कर्ज उतरवा सके। इसी शिप कंपनी का एक शिप होर्मुज से पहले तकनीकि खराबी के चलते रुक गया था। उसमें तेल लदा हुआ था। जिसके चलते कंपनी के अफसरों ने खराब खड़े शिप से माल अनलोड कर चीन से लौट रहे खाली शिप MT सेत्तेबेल्लो में लोड करने को कहा था। बुधवार को जहाज होर्मुज के पास से गुजर रहा था, तभी अमेरिका ने मिसाइस से हमला कर दिया। जिसमें शिवानंद की मौत हो गई। ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने गुरुवार सुबह घटना की जानकारी सबसे पहले दुबई में रहने वाले शिवानंद के छोटे भाई राम प्रवेश चौरसिया को दी। केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनेवाल ने उनकी मौत की पुष्टि की। शिवानंद की 45,000 रुपये सैलरी थी। संजय बोले- मेरे जीजा का शव जल्द भिजवा दे सरकार
शिवानंद के भाई रामप्रवेश चौरसिया ने गुरुवार सुबह मौत की जानकारी पिता रामजी चौरसिया और सुनीता के भाई संजय चौरसिया को दी। उस समय सुनीता गर्मी के छुटि्टयों के चलते दोनों बच्चों के साथ अपने मायके रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र के रामलक्षन गांव में थीं। पति की मौत की सूचना सुनते ही सुनीता बदहवाश हो गईं। सुनीता के भाई संजय ने उन्हें संभाला, लेकिन खुद के आंसू भी नहीं रोक सके। उनका कहना है कि सरकार मेरे जीजा की लाश हमें जल्द से जल्द दे दे। अभी तक किसी अफसर ने ये नहीं बताया है कि शव इंडिया कबतक आएगा। बच्चों को सुलाने के बाद कॉल करने को कहा था
पत्नी सुनीता ने बताया – मंगलवार (9 जून) शाम को पति का फोन आया था। पति ने बच्चों का हालचाल पूछा था। उन्होंने कहा था कि बच्चों का अच्छी तरह ख्याल रखना। इसी दौरान बच्चे रोने लगे तब शिवानंद ने कहा कि बच्चों को सुलाने के बाद फिर बात कर लेना और फोन कट गया। फिर बुधवार को मैंने अपने देवर के पास फोन किया कि आपके भईया गुस्सा है क्या फोन नहीं किए, तो मेरे देवर ने कहा कि भाभी नेटवर्क नहीं होगा। उसके बाद कल पूरे दिन इंतजार की लेकिन फोन नहीं आया। मैं अपने मायके में थी फिर अपने ससुराल फोन की। तब भी कुछ पता नहीं चला। फिर मेरे देवर का फोन आया कि आप घर चली जाओ… फिर उन्होंने कहा कि भईया के जहाज पर बम गिर गया है। बेटा बार-बार पूछ रहा पापा कब आएंगे
शिवानंद चौरसिया का बड़ा बेटा समर अभी इस हादसे की गंभीरता से पूरी तरह अनजान है। करीब 5 साल का समर लिटिल लोशन स्कूल में कक्षा एक का छात्र है। पिता की मौत की खबर से परिवार में कोहराम मचा हुआ है, लेकिन मासूम समर बार-बार अपने पिता के घर लौटने की बात पूछ रहा है। गांव के लोग और परिजन उसे संभालने का प्रयास कर रहे हैं। समर के अलावा छोटी बेटी भी वानिका भी पिता की मौत से अंजान है। एडीएम ने परिवार को बंधाया ढांढस
शिवानंद चौरसिया की मौत की खबर पाकर गुरुवार देर शाम एडीएम प्रशासन प्रेम नारायण सिंह गांव पहुंचे और परिजनों से मिलकर ढांढस बंधाया। उन्होंने परिवार को आश्वस्त किया कि शव को जल्द से जल्द भारत लाने की प्रक्रिया जारी है और संभावना है कि एक-दो दिन में शव गांव पहुंच जाएगा। इस दौरान परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। एडीएम ने उन्हें संभाला। दुबई से घर पहुंचा छोटा भाई, बोला- सरकारी नौकरी और 1 करोड़ रुपए चाहिए
शिवानंद चौरसिया के छोटे भाई रामप्रवेश 3 महीने पहले दुबई गए थे। 6 महीने काम सीखने के बाद वो प्लाईवुड फैक्ट्री में हेल्पर के रूप में काम करेंगे। शिवानंद की मौत की सूचना पर राम प्रेवश दुबई से लौट आए हैं। शुक्रवार की रात 9.30 बजे वह मुंबई से अपने गांव सुरौली पहुंचे। उन्होंने बताया, ‘मेरे भाई के एक दोस्त का अचानक फोन आया। उसने बताया कि अमेरिका ने जहाज पर हमला कर दिया है। उस जहाज पर कुल 24 लोग सवार थे, जिसमें से 21 लोगों का पता चल गया है, जबकि तीन लोग लापता हैं। मेरा भाई जहाज पर काम करता था। जानकारी मिली कि जहाज पर अमेरिका ने मिसाइल से हमला कर दिया है। मैं चाहता हूं कि परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता मिले। फिलहाल मुझे यह जानकारी नहीं है कि शव कब तक आएगा। जिला प्रशासन और भारत सरकार की ओर से कोई स्पष्ट सूचना मिलेगी, तभी बता पाऊंगा। अभी तक हमें कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है।’ ******************** ये खबर भी पढ़ें स्कूल में 10वीं के छात्र की चाकू मारकर हत्या:चंदौली में क्लासमेट चाकू लेकर पहुंचा, सीने पर वार किए, बाकी स्टूडेंट डरकर भागे यूपी के चंदौली में 10वीं के छात्र की शुक्रवार सुबह स्कूल में हत्या कर दी गई। वारदात को क्लासमेट ने अंजाम दिया। आरोपी छात्र कमर में चाकू छिपाकर क्लास पहुंचा। वहां उसने सीने पर चाकू से वार किए। अचानक हुए हमले में लवकुश यादव (17) संभल नहीं पाया। खून से लथपथ होकर वह वहीं गिर गया। पूरी खबर पढ़ें