आगरा में महिला की हत्या का पुलिस ने 3 दिन के भीतर खुलासा कर दिया। शनिवार शाम बटेश्वर परिक्रमा मार्ग पर मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आरोपी मनु को गिरफ्तार कर लिया। उसके पैर में गोली लगी है, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच में पता चला कि आरोपी महिला के गांव का ही रहने वाला था। महिला अपने मायके में भात कार्यक्रम में शामिल होने जा रही थी। रास्ते में आरोपी ने लिफ्ट देने के बहाने उसे बाइक पर बैठा लिया। महिला के जेवर देखकर आरोपी के मन में लालच आ गया। उसने रास्ते में गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और जेवर लेकर फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी के पास से लूटे गए जेवर, नकदी, अवैध तमंचा और वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद कर ली है। 2 तस्वीरें देखिए… जानिए पूरा मामला… पुलिस उपायुक्त पूर्वी अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि 10 जून को थाना बाह क्षेत्र में एक महिला का शव मिला था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। महिला की पहचान नहीं हो पा रही थी। पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए पहचान कराने की कोशिश की। 11 जून को महिला की पहचान लक्ष्मी देवी के रूप में हुई। वह पूर्व फौजी रूप सिंह की पत्नी थीं। पहचान होने के बाद पुलिस ने परिजनों से संपर्क किया। परिजनों ने बताया कि लक्ष्मी देवी अपने मायके में भात कार्यक्रम में शामिल होने जा रही थीं। रास्ते में गांव का ही परिचित मनु उन्हें मिला और लिफ्ट देने के बहाने अपनी मोटरसाइकिल पर बैठा लिया। बाह-बटेश्वर बाईपास मार्ग पर जाम लगाकर किया हंगामा परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीम बनाई गई। शनिवार को परिजनों ने महिला का शव हनुमान तिराहे पर रखकर इटावा-बाह-बटेश्वर बाईपास मार्ग जाम कर दिया। आरोपियों पर सख्त कार्रवाई, बुलडोजर कार्रवाई और एनकाउंटर की मांग की। प्रदर्शन के चलते करीब 4 घंटे तक सड़क पर जाम लगा रहा। वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मुठभेड़ में आरोपी गिरफ्तार, जेवर और तमंचा बरामद 13 जून 2026 की शाम करीब 7 बजे पुलिस को मुखबिर से आरोपी मनु के बटेश्वर परिक्रमा मार्ग पर होने की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस ने चेकिंग शुरू की। शाम करीब 7:45 से 8 बजे के बीच पुलिस ने आरोपी की घेराबंदी की। खुद को घिरा देख आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया।पुलिस ने आरोपी के पास से मृतका के दो कुंडल, दो पायजेब, नकदी, 315 बोर का तमंचा, एक खोखा कारतूस, दो जिंदा कारतूस और बिना नंबर प्लेट की बाइक बरामद की है। पूछताछ में आरोपी ने कबूला जुर्म पुलिस पूछताछ में आरोपी मनु ने बताया कि लक्ष्मी देवी उसी के गांव की रहने वाली थीं। वह उन्हें पहले से जानता था। इसी पहचान का फायदा उठाकर उसने उन्हें को बाइक पर बैठाया। रास्ते में उनके जेवर देखकर उसके मन में लालच आ गया। इसके बाद उसने गला दबाकर लक्ष्मी की हत्या कर दी और जेवर लेकर फरार हो गया। डीसीपी पूर्वी अभिषेक अग्रवाल ने बताया- जांच में कुछ अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं। उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। सबूत मिलने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। आरोपी को अस्पताल में भर्ती कराया है। ———————– ये खबर भी पढ़िए- राम मंदिर के चढ़ावे पर क्यों उठे सवाल:पद्मनाभ मंदिर में जज के सामने खुलती है दानपेटी, सांवलिया सेठ में पब्लिक कर सकती है गिनती चंपत राय ईमानदार नहीं हैं। पहले से एक ट्रस्ट मौजूद था, जिसमें चार शंकराचार्य, पांच वैष्णवाचार्य और 13 अखाड़ों के प्रमुख थे। जब वह ट्रस्ट था, तो नया ट्रस्ट बनाने की क्या जरूरत थी? अगर शंकराचार्य और धर्माचार्य ट्रस्ट में रहते, तो कोई गड़बड़ी नहीं कर पाता।’शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने दैनिक भास्कर से ये बातें कहीं। पढ़िए इंटरव्यू-