मानसून पूर्वांचल से एंट्री लेगा, ऐसा 2 साल पहले हुआ:सोनभद्र-बलिया के रास्ते 20-25 जून तक आ सकता है; अभी यूपी का आसमान साफ

यूपी में मानसून 4 से 5 दिन लेट एंट्री ले रहा है। 24-25 जून के बीच मानसूनी बारिश शुरू होने का अनुमान है। इस बार मानसून बुंदेलखंड से नहीं, बल्कि पूर्वांचल के जिलों में पहले पहुंचेगा। मानसून पिछले 2 साल से बुंदेलखंड के रास्ते आ रहा था। 17 जून को INSAT-3DS सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों में उत्तर प्रदेश के आसमान पर बादल नहीं दिखे। ऐसा बंगाल की खाड़ी में मजबूत लो प्रेशर एरिया नहीं बनने से हो रहा है। 4 जून को केरल में दस्तक देने के बाद मानसून 14 दिन में 19 राज्यों तक पहुंचा। मौसम वैज्ञानिक कह रहे हैं कि मानसून बिहार के मुजफ्फरपुर को पार कर चुका है। यूपी की सीमा के बेहद करीब पहुंच चुका है। यूपी में मानसून आने की सामान्य तारीख 18 से 20 जून मानी जाती है। मौसम वैज्ञानिक कहते हैं, ’2022 से 2024 तक मानसून यूपी तक 24 से 25 जून तक ही पहुंचता आया है। ऐसा ही इस बार भी हो रहा है।’ सोनभद्र और बलिया के रास्ते होगी मानसून की एंट्री मानसून यूपी की तरफ दो तरह से बढ़ता है। पहला- अरब सागर की तरफ से। दूसरा- बंगाल की खाड़ी से। बंगाल की खाड़ी की नम हवाएं बांग्लादेश और बिहार को पार करते हुए पूर्व दिशा से यूपी में प्रवेश करने वाली हैं। मानसून कब कहां पहुंचेगा- 24 से 25 जून- पूर्वांचल के जिलों में पहुंचेगा। सोनभद्र, बलिया, गाजीपुर, महाराजगंज के रास्ते दाखिल होगा। 26 से 27 जून- मध्य यूपी और बुंदेलखंड के जिलों को कवर कर लेना चाहिए। यानी लखनऊ, कानपुर, अयोध्या और उन्नाव में बारिश हो सकती है। 28 से 30 जून- पश्चिमी यूपी को सबसे आखिर में कवर करेगा। वेस्ट यूपी में सामान्य से ज्यादा बारिश हो चुकी मौसम विभाग ने अपने 3 महीने के पूर्वानुमान में बताया था कि इस साल यूपी में सामान्य से 8% कम मानसूनी बारिश होगी। अब लो प्रेशर एरिया नहीं बनने से अनुमान है कि सामान्य से 10% कम बारिश होगी। वहीं, वेस्ट यूपी में 1 से 16 जून के बीच एक्टिव पश्चिमी विक्षोभ की वजह से 2 बड़े बदलाव दिखे। 1. पश्चिम और मध्य यूपी में सामान्य से 37% ज्यादा बारिश हो चुकी है। आमतौर पर इस पीरियड में 23.1 mm बारिश होती है, जबकि इस बार 31.6 mm बारिश हुई है। 2. पूर्वांचल के जिलों में इस दौरान सूखा जैसा दिखा। यहां 28% कम बारिश हुई। आमतौर पर 1 से 16 जून तक यहां 30.8 mm बारिश होती है। इस बार सिर्फ 22.2 mm बारिश हुई। मानसून आने तक पूर्वांचल में गर्मी, लू का अलर्ट मानसून आने से पहले यूपी में गर्मी के दो अलग मिजाज देखने को मिलेंगे। तय समय पर बारिश नहीं होने से पूर्वांचल के जिलों में तापमान एक बार फिर 42 से 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा रहा है। प्रयागराज, वाराणसी और बलिया जैसे जिलों के लिए अगले 3-4 दिनों तक भीषण लू का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, लखनऊ, कानपुर और नोएडा जैसे मध्य व पश्चिमी इलाकों में बारिश के कारण पारा भले ही 38 से 40 डिग्री के बीच रुका है, लेकिन हवा में नमी बढ़ने से चिपचिपी और पसीने वाली गर्मी अपने चरम पर है। इस स्थिति से स्थायी राहत 24 से 25 जून के बीच मानसून की पहली भारी बारिश के बाद ही मिलेगी। तब तक उमस और तपिश का यह मिला-जुला दौर लोगों को झेलना पड़ेगा। किसानों को सलाह- देर से पकने वाली धान की किस्में न लगाए कम बारिश की आशंका के बीच दैनिक भास्कर ने वाराणसी के BHU में कृषि विभाग के प्रो. पीके सिंह से बात की। वह कहते हैं, ’यूपी में कम बारिश की वजह से धान के उत्पादन में 20% तक की कमी आ सकती है। जून-जुलाई में बारिश नहीं होने से धान की रोपाई में देर हो सकती है। रकबा भी घट सकता है। ऐसे में किसान इस बार धान की ऐसी पारंपरिक किस्में नहीं रोपनी चाहिएं। ऐसी किस्मों से बचना चाहिए, जिसमें बहुत ज्यादा पानी चाहिए। साथ ही पकने में 150 से ज्यादा दिन का समय लगता हो। इसकी जगह कम समय यानी 110 से 120 दिन में पकने वाली और कम पानी वाली धान की उन्नत किस्मों का चुनाव करें। जिससे पानी की कमी से फसल प्रभावित न हो।’ ————————— ये खबर भी पढ़ें… यूपी में इस साल सूखे के आसार, मानसून लेट हुआ, जून में हीटवेव चलेगी, बारिश के भरोसे रहे तो धान की खेती चौपट होगी यूपी में इस साल मानसून सीजन में बारिश कम होगी। वेस्ट यूपी के 10 जिलों में सूखे जैसे हालात बन सकते हैं। जबकि 60 जिलों में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान है। हीटवेव (लू) ज्यादा दिन चलेगी। इसका सीधा असर धान की खेती पर पड़ेगा। अगर किसान बारिश के भरोसे रहा तो धान की खेती चौपट हो सकती है। पूरी खबर पढ़ें…