राम मंदिर चढ़ावा चोरी- डॉ. अनिल मिश्र से होगी पूछताछ:SIT चंपत राय-गोपाल राव से कर चुकी है बात; 50 से ज्यादा लोग रडार पर

अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की SIT जांच तीसरे दिन 17 जून को भी जारी रही। SIT की सख्त पूछताछ के बीच अब जांच की आंच ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों तक पहुंचती दिख रही है। सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और गोपाल राव से बात करने के बाद बाद गुरुवार को ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र को तलब किया गया है। माना जा रहा है कि उनसे कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जवाब मांगे जाएंगे। SIT अब तक इस मामले में 50 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है। 16 जून को चंपत राय और गोपाल राव से चार-चार घंटे तक सवाल-जवाब किए गए थे। इसके बाद 17 जून (बुधवार) को जांच टीम ने बैंक अधिकारियों और नोटों की गिनती से जुड़ी निजी एजेंसी के प्रतिनिधियों से पूछताछ की। इस दौरान बैंक स्टेटमेंट और वित्तीय रिकॉर्ड की भी पड़ताल की गई। नोटों की गिनती और नियुक्तियों पर फोकस जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि चढ़ावा राशि की गिनती और उससे जुड़े कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर कई सवाल उठे हैं। इसी कड़ी में डॉ. अनिल मिश्र का नाम सामने आने के बाद उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया है। बताया जा रहा है कि वह 17 जून को ही अयोध्या पहुंच गए थे। रामशंकर यादव टिन्नू से भी हुई पूछताछ रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू से भी कई दौर की पूछताछ की जा चुकी है। जांच एजेंसियां उसके बयानों का अन्य दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों से मिलान कर रही हैं। सूत्रों का दावा है कि पूछताछ में कई नए तथ्य सामने आए हैं, जिनकी पुष्टि की जा रही है। पूरी रिपोर्ट के बाद होगी बड़ी कार्रवाई? जांच एजेंसियां फिलहाल पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं। एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद मामले में बड़ी प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, अभी तक किसी भी ट्रस्टी या पदाधिकारी के खिलाफ आधिकारिक रूप से कोई निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है। आज की पूछताछ पर टिकी निगाहें राम मंदिर चढ़ावा मामले में गुरुवार को डॉ. अनिल मिश्र से होने वाली पूछताछ को सबसे अहम कड़ी माना जा रहा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि दान राशि के प्रबंधन, गिनती और संबंधित व्यवस्थाओं में किसकी क्या भूमिका थी? नोटो की गिनती के लिए 500 स्वयं सेवक भेजे सूत्रों के अनुसार, नोटों की गिनती समेत राम मंदिर की सेवा के लिए आएसएस ने पूरे देश से अपने 500 स्वयं सेवक भेजे थे। इन सभी को ट्रस्ट ने 3 महीने तक जूतों की रखवाली के काम में लगाने के बाद बाहर का रास्ता दिखा दिया। इसके बाद ट्रस्ट ने अपने पसंद के लोगों को रख लिया। इससे आरएएस का एक वर्ग राम मंदिर ट्रस्ट के प्रभावशाली लोगों से बेहद नाराज है। आरएसएस के सह कार्यवाह भैयाजी जोशी 3 दिन पहले गोपनीय रूप से अयोध्या पहुंचे। उन्होंने साकेत निलयम में पूरी रात अपने लोगों से मंत्रणा भी की। राम मंदिर परिसर में काम करने वाले उनके परिचित एक अधिकारी ने उनसे रामशंकर यादव टिन्नू की कार्यशैली को बताकर बेहद पीड़ा जताई थी। पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने गोंडा में बुधवार को कहा- ट्रस्ट से जुड़े लोगों ने झटका दिया है। जिस तरह के दस्तावेज सामने आ रहे हैं, उनसे सवाल खड़े होना स्वाभाविक है। इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। कहते हैं कि बिना आग के धुआं नहीं उठता है। अब तक 2 करोड़ की बरामदगी चढ़ावा चोरी मामले में अब तक 5 लोगों- लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर के नाम सामने आए हैं। इन लोगों की निशानदेही पर अब तक 2 करोड़ रुपए की रिकवरी हुई है। ये सभी दान राशि की गिनती की ड्यूटी से जुड़े हैं। सपा प्रमुख और पूर्व मंत्री ने चोरी का मुद्दा उठाया था