‘रात को मम्मी-पापा और बाबू साथ सोए थे। अचानक रात के समय कमरे में कुछ गिरने जैसी तेज आवाज आई। मैं झट से उठ गई। देखा, पापा मेरे ऊपर गिरे पड़े हैं। चाचा उनकी गर्दन पर गंडासे से हमला कर रहे हैं। मैं डरकर किनारे हो गई। तभी चाचा ने मेरी मम्मी के सिर पर रॉड से हमला किया। इसके बाद गर्दन गंडासे से रेत दी। फिर मेरे बाबू रेयांश को चाचा ने गोद में उठा लिया। मैं उनके आगे गिड़गिड़ाई, बाबू को छोड़ दीजिए। लेकिन, तब तक गंडासे से बाबू की गर्दन भी काट दी। कमरे में चारों तरफ खून फैल गया। मैं डरकर सिसकने लगी। इसके बाद चाचा ने मुझसे कहा कि किसी को बताया तो तुम्हारा भी यही हाल करूंगा। फिर चाचा ने नहाकर अपने फोन में धुरंधर फिल्म का गाना सुना।’ यह बात मम्मी-पापा और छोटे भाई की हत्या अपने आंखों से देखने वाली बच्ची ने बताई। गोरखपुर के बांसगांव में 22 जून (सोमवार) को तड़के 3 बजे अमित गुप्ता (35), भाभी रंजना (32) और भतीजे रेयांश (3) की 16 साल के छोटे भाई ने हत्या कर दी। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… चश्मदीद बेटी ने जो बताया, वो पढ़िए… पूरी घटना देखने वाली 9 साल की बच्ची ज्योति ने बताया- मम्मी-पापा और बाबू को मारने के बाद चाचा के पूरे शरीर पर खून लगा था। वह मेरे पास आए। मेरे मुंह पर कपड़ा बांध दिया। मुझसे कहने लगे कि किसी से बताना मत, वरना तुम्हारा भी यही हाल करूंगा। इसके बाद घर के आंगन में जाकर चाचा ने नहाया। फिर दूसरे कपड़े पहनकर वह छत पर गए। वहां बैठकर अपने मोबाइल में धुरंधर फिल्म का गाना गहरा हुआ… सुनने लगे। दादी लाशें देखकर बेहोश हो गई थीं मुझे बहुत डर लग रहा था। मैं डरते हुए बाबा-दादी के पास गई। दादी अनिता देवी को बताया कि चाचा ने मम्मी-पापा और बाबू को मार दिया है। सभी लोग कमरे के बेड पर गिरे पड़े हैं। यह सुनकर चिल्लाते हुए दादी कहने लगीं, चलो मैं देखती हूं। मेरे साथ दादी पापा के कमरे में गईं। अंदर बेड पर तीन लाशें देखकर दादी बेहोश हो गईं। तभी बाबा आए। वह चिल्लाने लगे। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। 20 मिनट के अंदर ही घर पर पुलिस टीम आ गई। बाबा ने सारी बात बताई। इसके बाद पुलिस चाचा की आस-पास तलाश करने लगी। तभी बच्ची ने पुलिस को बताया कि चाचा छत पर बैठकर मोबाइल चला रहे हैं। पुलिस टीम छत पर जाने के लिए सीढ़ियों की तरफ गई, तो अंदर से ताला बंद था। तब पुलिस बगल के घर से हरीलाल गुप्ता के घर की छत पर पहुंची। पुलिस को देखकर चाचा रोने लगा। बेटी बोली- अब कौन कराएगा डॉक्टर की पढ़ाई ज्योति ने बताया- सोमवार रात मैं मम्मी-पापा और भाई के बिना सो नहीं पाई। बार-बार सपने में कातिल चाचा का चेहरा सामने आ जा रहा था। मेरे पापा-मम्मी मुझे डॉक्टर बनाने का सपना देखा करते थे। पापा-मम्मी बोलते थे कि डॉक्टर बनकर अपने पापा का नाम रोशन करना। अब यह सब कौन कहेगा? वहीं, बांसगांव पुलिस ने बच्ची का बयान वीडियो में ले लिया है। अब कोर्ट में भी बच्ची का बयान कराने की तैयारी चल रही है। पुलिस के मुताबिक, 3 से 4 दिन में इस केस में चार्जशीट भी दाखिल कर दी जाएगी। जिससे आरोपी को जल्द से जल्द सजा दिलाई जा सके। बाल सुधार गृह पहुंचते ही आरोपी ने मांगा खाना वहीं, 22 जून (सोमवार) को बांसगांव पुलिस ने 16 साल के चाचा को कोर्ट में पेश किया। वहां से उसे बाल सुधार गृह भेज दिया गया। पुलिस टीम उसे शाहपुर स्थित बाल सुधार गृह छोड़ने गई। इस दौरान वह बार-बार कह रहा था कि उसे इस घटना का कोई पछतावा नहीं है। जेल में समय से खाने को तो मिलेगा। शाम करीब 5:30 बजे उसे बाल सुधार गृह में दाखिल किया गया। वहां पहुंचते ही वह खाने की डिमांड करने लगा। उसे विशेष निगरानी में अलग रखा गया है। धोबिया घाट पर नम आंखों से हुआ अंतिम संस्कार बांसगांव के तिहरे हत्याकांड में जान गंवाने वाले पति-पत्नी का सोमवार को धोबिया घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। पिता हरीलाल ने बेटे-बहू को मुखाग्नि देकर अंतिम विदाई दी। वहीं, मासूम बेटे रेयांश के शव का धार्मिक रीति-रिवाज के अनुसार जलप्रवाह किया गया। अंतिम संस्कार के दौरान घाट पर परिजनों, रिश्तेदारों और ग्रामीणों की भीड़ मौजूद रही। हर किसी की आंखें नम थीं। एक साथ तीन अर्थियां उठने से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल रहा। पुलिस फोर्स भी मौके पर तैनात रहा। परिवारवालों का रो-रोकर बुरा हाल था। एसपी साउथ दिनेश पुरी ने बताया- हत्या में इस्तेमाल धारदार हथियार और रॉड बरामद कर लिया गया है। बहुत जल्द इस केस में चार्जशीट लगा दी जाएगी। अब पढ़िए आरोपी चाचा का कबूलनामा 16 साल के आरोपी चाचा ने बताया- मैं पढ़ने में बहुत तेज था। CBSE बोर्ड से 5वीं क्लास तक हर बार फर्स्ट आता था। UPSC की परीक्षा देकर अफसर बनना चाहता था। लेकिन, पिता ने पढ़ाई छुड़ा दी। मजदूरी कर किसी तरह आगे की पढ़ाई की। पढ़ने का समय नहीं मिलता था, इसलिए फिर 10वीं में फेल हो गया। इसके बाद घरवाले ताने मारने लगे। रोज-रोज बेइज्जत करने लगे। कई-कई दिन खाना भी नहीं मिलता था। अपने ही घर में सोने के लिए जगह ढूंढनी पड़ती थी। इसलिए सबको खत्म करने की ठान ली। पिता को तड़पा-तड़पाकर मारने की योजना बनाई थी। पिता बोले- बेटे को फांसी की सजा हो बेटे, बहू और पोते को खोने के बाद पिता हरीलाल और मां अनीता देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। हरीलाल ने रोते हुए सीएम योगी से मांग की है कि किसी भी हाल में मेरे बेटे को फांसी की सजा दिलाई जाए। छोटे बेटे ने रात के समय जिम वाली रॉड और गंड़ासे से सोते समय बड़े बेटे, बहू और तीन साल के पोते की हत्या कर दी। मुझसे छोटा बेटा पैसा मांग रहा था। इसको लेकर कई बार झगड़ा हुआ था। उसे मारना ही था, तो मुझे मारता। मेरे बड़े बेटे ने उसका क्या बिगाड़ा था? मुझे कैंसर की बीमारी है, पत्नी का हार्ट का इलाज चल रहा है। ऐसे में पैसा दे पाने में असमर्थ था। वह इस बात का समझता ही नहीं था। उसे बस अपनी चिंता थी। परिवार से कोई मतलब नहीं रखता था। वहीं, मां अनिता देवी बार-बार घटना को याद कर अचेत हो जा रहीं। अनिता देवी ने कहा कि भगवान कभी किसी को भी ऐसी औलाद न दे। पूरा परिवार खत्म कर दिया।
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