यूपी के रामपुर में शनिवार को आईटी कंपनी के मालिक समेत 4 युवकों की सड़क हादसे में मौत हो गई। 3 की हालत गंभीर है। सभी उत्तराखंड घूमने के लिए जा रहे थे। सुबह 5 बजे उनकी ईको कार 100 की स्पीड में खड़ी डीसीएम में जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार चकनाचूर हो गई। अंदर फंसे लोग दर्द से तड़पते रहे। हादसे के बाद का एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें शवों के बीच फंसा खून से लथपथ युवक लोगों से मदद की गुहार लगा रहा है। कह रहा है- भैया, बचा लो। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार को गैस कटर से काटकर शवों और घायलों को निकाला। इसके बाद उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में झपकी आने से हादसा होने की आशंका है। मृतकों में दिल्ली निवासी अभिषेक अग्निहोत्री (30), नीरज (24), गुलबुद्दीन उर्फ सोनू (35) और बागपत निवासी कार्तिक (24) शामिल हैं। अभिषेक अग्निहोत्री नोएडा में ‘इंडियन शॉप’ नाम की आईटी कंपनी चलाते थे। वह अपने कर्मचारियों और दोस्तों के साथ जिम कॉर्बेट पार्क जा रहे थे। हादसे की 3 तस्वीरें- अब पूरा मामला सिलसिलेवार समझिए… दोस्त पदम धीमान ने बताया- अभिषेक के परिवार में पत्नी, 4 साल की एक बेटी और दो विशाल और नितिन भाई हैं। वह आईटी कंपनी के मालिक थे। उनकी कंपनी दिल्ली-गुरुग्राम में कंप्यूटर सर्विस प्रोवाइड कराती थी। अभिषेक अक्सर अपने स्टाफ को ट्रिप पर ले जाते थे। वीकेंड पर घूमने का प्लान था, इसलिए हम सभी शुक्रवार देर रात साथ में जिम कॉर्बेट के लिए निकले थे। शनिवार को पूरे दिन घूमने के बाद शाम को ही लौटने का प्लान बनाया था। हम लोग शुक्रवार की रात नौ बजे निकले थे। अभिषेक अपने 5 कर्मचारियों और छोटे भाई विशाल के साथ ईको कार में थे। मैं और मेरे 4 दोस्त सियाज कार में थे। हादसे से कुछ देर पहले ही ईको कार का टायर पंचर हो गया था। उसे ठीक कराने में समय लगा। इस वजह से हम आगे निकल आए। कुछ देर तक पीछे उनकी गाड़ी दिखाई नहीं दी तो फोन कर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन जवाब नहीं मिला। बाद में अभिषेक के मोबाइल पर दोबारा कॉल करने पर किसी अन्य व्यक्ति ने फोन उठाया और हादसे की जानकारी दी। इसके बाद मैं तुरंत मौके पर पहुंचा। वहां देखा तो अभिषेक समेत 4 लोगों की मौत हो चुकी थी। हादसे में जतिन, कमल और अभिषेक के भाई विशाल गंभीर रूप से घायल हुए। रामपुर जिला अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद तीनों को मेरठ रेफर किया गया। लेकिन उनके परिवार वाले सभी को दिल्ली लेकर गए हैं। इंजीनियर कार्तिक की 2 साल पहले हुई थी शादी हादसे में बागपत के रहने वाले कार्तिक राजपूत पुत्र योगेश राजपूत की भी जान गई है। वो BCA करने के बाद पिछले कई साल से नोएडा के सेक्टर-2 में जॉब कर रहे थे। परिवार में पत्नी भारती और एक साल की बेटी काशवी है। हादसे के बाद पत्नी और मां संगीता, बाबा कृष्णपाल, दादी हरकोर का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। कार्तिक की दो साल पहले ही शादी हुई थी। पिता बोले- बेटे की शादी की बात चल रही थी नीरज के पिता राजकुमार ने बताया- कल शाम मेरा बेटा अपने स्टाफ के साथ बाहर गया था। इसी दौरान उसका सड़क हादसा हो गया। मेरे 6 छह बच्चे हैं। कार्तिक सबसे छोटा बेटा था। एक बेटी के बाद उसी की शादी होनी थी। उसके रिश्ते की बातचीत चल रही थी। जनवरी में उसका रिश्ता तय होने की पूरी संभावना थी। मेरा परिवार मूलरूप से अलीगढ़ का रहने वाला है। लेकिन, कामकाज के चक्कर में हम लोग लंबे समय से दिल्ली में रह रहे हैं। दो भाइयों में छोटा था गुलाबुद्दीन वहीं, दिल्ली के रहने वाले गुलबुद्दीन की शादी नहीं हुई थी। उनके बड़े भाई सद्दाम हुसैन ने बताया कि गुलाबुद्दीन दिल्ली में अभिषेक की कंपनी में काम करते थे। उसने इंटर तक पढ़ाई की थी। परिवार में माता-पिता हैं। थाना प्रभारी संदीप मिश्रा ने बताया- पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। उनके परिजन आ गए हैं। प्रारंभिक जांच में हादसे का मुख्य कारण कार की रफ्तार तेज होना और सुबह के समय चालक को झपकी आना माना जा रहा है। ——————————— गाजियाबाद में बेटी बोली- पापा को चाकू मारा-आंतें निकल आईं:मुझे जल्लादों की तरह पीटता था; दामाद ने की थी ससुर की हत्या मैं बता नहीं सकती कि मेरे पति ने मुझ पर क्या-क्या जुल्म किए। सालों तक सहती रही कि शायद वह बदल जाएगा, लेकिन वह शराब पीकर जल्लाद की तरह मारता-पीटता था। ये बात कहते-कहते गाजियाबाद में मोदीनगर की रहने वाली मोनिका फूट-फूटकर रोने लगीं। पास खड़े भाई ने उनको सहारा दिया। पढ़ें पूरी खबर