यूपी में मानसूनी बारिश ने फिर से जोर पकड़ लिया है। गुरुवार सुबह से लखनऊ में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हो रही है। बिजली भी कड़क रही है। बारिश से सड़कों पर पानी भर गया है। प्रदेश के ज्यादातर शहरों में बादल छाए हैं। मौसम विभाग ने आज 36 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इधर, पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश से यूपी की नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। मथुरा में यमुना नदी उफान पर है। पानी चेतावनी के निशान से 1.30 मीटर नीचे बह रहा है। वृंदावन के केशीघाट की सीढ़ियां डूब गई हैं। बरेली में रामगंगा और बिजनौर में मलान नदी खतरे के निशान के करीब हैं। प्रयागराज में गंगा और यमुना का पानी घाटों पर बनी दुकानों तक पहुंच गया है। कानपुर और वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है। पानी आनंदेश्वर मंदिर घाट की सीढ़ियों तक पहुंच गया है। बलिया में सरयू और घाघरा नदी के किनारों पर कटान शुरू हो गया है। बांसडीह में 150 परिवार घर छोड़कर दूसरी जगह शिफ्ट हो गए हैं। मंगलवार की बात करें तो 40 शहरों में बारिश हुई। अयोध्या में इतनी बारिश हुई कि राम मंदिर जाने वाले भक्ति पथ पर एक फीट तक पानी भर गया। प्रदेश में 1 जून से अब तक 25 प्रतिशत कम बरसात हुई है। 80% हिस्से से बारिश वाले बादल गायब मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, पाकिस्तान से आ रही सूखी हवाओं के चलते प्रदेश के करीब 80% हिस्से से बारिश वाले बारिश वाले बादल गायब हो गए हैं। इस वजह से आधे से ज्यादा प्रदेश में बारिश नहीं हो रही है। लखनऊ के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया- पूर्वी यूपी के ऊपर मौसम का एक सिस्टम बना हुआ है। मानसून की लाइन तराई क्षेत्र से गुजर रही है। इसलिए बादल तो हैं, लेकिन प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में अच्छी बारिश नहीं हो रही है। बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र लगातार मजबूत हो रहा है। अगले 48 घंटे में इसके उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है। इसके असर से 17 जुलाई के बाद यूपी में मानसून फिर सक्रिय होगा और अच्छी बारिश होगी। यूपी के मौसम के पल-पल अपडेट के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…