मेरठ में दामिनी ने जिस पति को सांप से डसवाया, एक समय वह उसे बेइंतहा प्यार करती थी। 7 साल पहले दोनों ने परिवार के खिलाफ जाकर लव मैरिज की। एक बेटा भी हुआ। सब कुछ अच्छा चल रहा था। फिर ऐसा क्या हुआ कि दामिनी को अतुल की हत्या करनी पड़ी? पुलिस, दामिनी-अतुल के घरवालों, पड़ोसियों और रिश्तेदारों से बातचीत में जो कहानी सामने आई, पढ़िए… प्यार, शादी और फिर कत्ल की इस कहानी की शुरुआत होती है करीब 8 पहले 2018 से…। हस्तिनापुर में अतुल के घर से 3 किमी दूर दामिनी का घर है। दामिनी के पिता की मौत हो चुकी थी। घर में मां और छोटा भाई रहता है। घर में कॉस्मेटिक की दुकान भी है, जिसे दामिनी ही चलाती थी। एक दिन अतुल उसकी दुकान पर फेशवॉश खरीदने पहुंचा। वह पहली ही नजर में दामिनी को देखकर दिल दे बैठा। 10 दिन बाद अतुल दोबारा दुकान पर गया। दामिनी से बोला- अरे वाह, हमारी तो बिरादरी भी एक है, हम दोनों गुर्जर हैं। दामिनी ने जवाब दिया- हां, मैं टीचर हूं। स्वामी कल्याणदेव स्कूल में जॉब करती हूं। कुछ टाइम यहां शॉप पर रहती हूं। अतुल ने कहा- मैं भी उसी स्कूल से पढ़ा हूं। 2012-13 में मैंने स्कूल छोड़ा, फिर मर्चेंट नेवी में जॉब के लिए मुंबई चला गया। मेरे बड़े भइया भी नेवी में हैं। उनकी मदद से मुंबई में मर्चेंट नेवी में रहा। 2015 में दोबारा यहां आया हूं। घर पर पापा-मम्मी, बड़े भइया-भाभी उनके 3 बच्चे हैं। दूसरे नंबर के भइया भी नेवी में हैं। उनकी पत्नी एक बेटा, बेटी है। मैं अभी सिंगल हूं। मैं यहां एक कंपनी में कंप्यूटर जॉब करता हूं। विद्या प्रकाशन का काम भी देखता हूं और राजनीति भी कर लेता हूं। एबीवीपी में सहसंयोजक हूं। मंडल में भी पद रहा है। युवा मोर्चा में भी पद पर रह चुका हूं। दामिनी हंसते हुए बोली- इतना सारा काम करते हैं और नेता भी हैं…। टैटू ‘अतुल की गुर्जरी’ देख दामिनी को गले लगा लिया आपस में बातचीत करते और मिलते-जुलते दोनों में दोस्ती हो गई। एक दिन अतुल ने दामिनी को प्रपोज कर दिया। इसके बाद दोनों ने परिवारवालों से शादी की बात की, लेकिन वो लोग राजी नहीं हुए। लेकिन, दोनों ने जिद पकड़ ली, तो आखिरकार परिवारवाले मान गए। 2019 में हस्तिनापुर में उनकी शादी हो गई। अतुल प्राइवेट नौकरी करता था, दामिनी घर संभालती थी। शादी के एक साल बाद बेटे मानिक का जन्म हुआ। दोनों ने इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे के नाम से अकाउंट भी बनाए। इसी दौरान अतुल और दामिनी दोनों मेरठ घूमने गए। दामिनी ने प्यार जताने के लिए अपने बाएं हाथ पर टैटू बनवाया। लिखवाया ‘अतुल की गुर्जरी’। दामिनी के हाथ पर अपना नाम देखकर अतुल ने उसे गले लगा लिया। अतुल स्कूल का डायरेक्टर बना और दामिनी प्रिंसिपल इसके बाद दोनों ने हस्तिनापुर में किराए की बिल्डिंग में एक किड्स स्कूल खोला। दामिनी के पास स्कूल में काम करने का अनुभव था। इसलिए अतुल ने खुद डायरेक्टर की जिम्मेदारी संभाली और दामिनी को प्रिंसिपल बना दिया। दामिनी बच्चों को पढ़ाती थी, जबकि अतुल स्कूल का मैनेजमेंट देखता था। बाद में दोनों ने किराए की दूसरी बिल्डिंग में नया स्कूल शुरू किया, जो अच्छा चलने लगा। स्कूल में करीब 150 बच्चे हो गए। एक साल पहले दामिनी की शादीशुदा जिंदगी में तुषार की एंट्री हुई इसी स्कूल में करीब एक साल पहले मार्च- 2025 में वैन ड्राइवर तुषार की एंट्री हुई। तुषार स्कूल की इको वैन चलाने लगा। वो बच्चों को छोड़ने के साथ दामिनी को भी स्कूल से घर पिक एंड ड्राप करने लगा। इसी दौरान दोनों में नजदीकी बढ़ी। धीरे-धीरे दोनों में मोहब्बत हो गई। इसी बीच दामिनी ने तुषार को अपने पति के 20 लाख रुपए के मेडिकल इंश्योरेंस के बारे में बताया। दोनों ने सोचा कि स्कूल में दामिनी सारा दिन काम करती है, मैंनेजमेंट अतुल देखता है। क्यों न इसको रास्ते से हटाकर हम एक हो जाएं। बीमे के पैसे ले लेंगे और शादी करके मस्ती से जिंदगी गुजारेंगे। अतुल को शक हुआ, समझाया लेकिन दामिनी नहीं मानी दामिनी और तुषार के बीच स्कूल से लेकर घर आने-जाने, दिन में और जगहों पर भी साथ जाने की हरकतें देखकर अतुल को शक हुआ। उसने दामिनी से कहा- तुषार के साथ क्या चल रहा है? इसे यहीं रोक दो, ये ठीक नहीं है। दामिनी ने जवाब दिया- ऐसा कुछ नहीं है। इसके बाद अतुल को शक हुआ कि दामिनी उसे खाने में नशे की गोलियां खिलाती है। उसने घर जाकर अपनी मां से यह बात बताई। मां से कहा- दामिनी मुझे मारना चाहती है। मां ने कहा- बेटा तुमने तो लव मैरिज की है। अब मैं क्या बताऊं? तुम दामिनी को समझाओ। अर्टिगा गाड़ी से अतुल को टक्कर मरवाई उधर, तुषार और दामिनी अतुल की हत्या की प्लानिंग में करने लगा। हत्या से 20 दिन पहले अतुल बाइक से कहीं जा रहा था, तब रास्ते में उसे अर्टिगा गाड़ी ने टक्कर मार दी। अतुल ने हेलमेट पहना था, वो बच गया। अतुल ने घर आकर ये बात दामिनी को बताई। इश पर दामिनी ने कहा- जब गाड़ी पहचान ही नहीं पाए, तो शिकायत करने से क्या फायदा होगा? कोई अल्प होगी, जो टल गई। अतुल ने उस दिन दामिनी की बात को सही मानकर इसे अनदेखा कर दिया। तुषार बोला- तुम लव मैरिज से दुखी हो और मैं अरेंज मैरिज करके एक दिन दामिनी ने तुषार से कहा- कब तक ऐसे चलेगा, मैं थक चुकी हूं। इस रिश्ते में आर या पार कुछ होना चाहिए। मैं तेरे साथ रहना चाहती हूं। तुषार ने कहा- मैं भी पत्नी को छोड़कर तुम्हारे साथ रहना चाहता हूं। तुम लव मैरिज से दुखी हो और मैं अरेंज मैरिज से। हम दोनों मिलकर नई दुनिया बसाएंगे। अतुल को रास्ते से हटाने के लिए मिलकर प्लान किया दामिनी ने कहा- एक प्लान है। मैं अगर अतुल को डिवोर्स (तलाक) देती हूं, तो उसकी पूरी जायदाद मेरे नाम नहीं होगी। क्यों न उसकी हत्या कर दें। अतुल की हत्या के बाद तुम अपनी पत्नी को तलाक दे देना। अतुल का 20 लाख का बीमा है। हम वो रुपए भी ले लेंगे। इसके बाद शादी कर लेंगे। बेटे को मैं अपने साथ रखूंगी। क्योंकि वो साथ रहेगा, तभी ससुराल में अतुल के नाम वाली 35 बीघा जमीन हमें मिलेगी। स्कूल भी हम चलाते रहेंगे। इसके बाद दोनों ने अतुल को रास्ते से कैसे हटाना है, इस पर सोचना शुरू किया। दूसरे पार्ट में पढ़िए दामिनी और अतुल ने मिलकर कैसे रची हत्या की साजिश… ——————————— पढ़ें एक्सक्लूसिव स्टोरी… मेरठ की दामिनी बोली-पति को सांप डसवाने का गम नहीं, उसका अफेयर था, इसलिए वैन ड्राइवर से दोस्ती की ‘मुझे पति की मौत का गम नहीं है। वो मर गया, ठीक हुआ। उसका दूसरी महिला से अफेयर था। टोकने पर मुझे पीटता था। कहता था कि घर में रहना है तो मेरे हिसाब से रहो, वरना मारकर भगा दूंगा। मैं कमाती थी तो पैसा वो रख लेता था। उससे तंग आ गई थी। इसलिए मैंने भी वैन ड्राइवर से दोस्ती कर ली।’ पढ़ें पूरी खबर…