उत्तर प्रदेश का बेसिक शिक्षा विभाग का फेसबुक पेज ‘लावारिस’ हो चुका है। विभागीय सोशल मीडिया टीम के पास वर्तमान में चल रहे आधिकारिक फेसबुक पेज का एक्सेस (पासवर्ड व एडमिन कंट्रोल) ही मौजूद नहीं है। इसका खुलासा 11 अगस्त को हुआ, जब अपर मुख्य सचिव (बेसिक व माध्यमिक शिक्षा) की अध्यक्षता में विभाग की डिजिटल रणनीति को लेकर समीक्षा बैठक चल रही थी। बैठक में अधिकारियों ने फेसबुक पर चल रही गतिविधियों और कंटेंट की समीक्षा की, तो सोशल मीडिया टीम ने बताया कि उनके पास इस अकाउंट का एक्सेस ही नहीं है। ये बड़ी लापरवाही सामने आने के बाद महानिदेशक मोनिका रानी ने नाराजगी जताते हुए बेसिक शिक्षा विभाग का नया आधिकारिक फेसबुक पेज बनाने का निर्देश दिया। साथ ही इसका वेरिफिकेशन भी कराने को कहा है। यूट्यूब और इंस्टाग्राम का कराना होगा वेरिफिकेशन बैठक में केवल फेसबुक ही नहीं, बल्कि अन्य सोशल प्लेटफॉर्म्स की ढिलाई भी सामने आई। अपर मुख्य सचिव ने सख्त निर्देश दिए कि आधिकारिक यूट्यूब चैनल का प्रशासनिक एक्सेस तुरंत सोशल मीडिया टीम को हस्तांतरित किया जाए। इसके साथ ही इंस्टाग्राम और नए फेसबुक पेज के वेरिफिकेशन (ब्लू टिक) की प्रक्रिया तत्काल पूरी की जाए ताकि कोई फर्जी पेज जनता को भ्रमित न कर सके। सोशल मीडिया पर कौन क्या लिख रहा, इसकी भी निगरानी एक्सेस गंवाने की चूक के बाद विभाग ने प्राइवेसी और सुरक्षा को लेकर सख्त गाइडलाइन जारी की है। अब एक ट्रैकिंग सिस्टम तैयार किया जाएगा। विभाग से संबंधित नकारात्मक या भ्रामक खबरों को तुरंत चिन्हित कर उनका तथ्यात्मक ‘खंडन जारी किया जाएगा। इसके अलावा सार्वजनिक हैंडल्स पर विभाग को लेकर की जा रही टिप्पणियों की ‘सोशल लिसनिंग’ भी की जाएगी। विभाग से संबंधित सार्वजनिक हैंडल्स पर होने वाली टिप्पणियों को ट्रैक किया जाएगा। इसके लिए सोशल लिसनिंग सिस्टम विकसित किया जाएगा और विषयवार रिपोर्ट तैयार होगी। नया लोगो, कॉमन बैनर और 7.5 लाख का टारगेट विभाग ने अपनी ब्रांडिंग बदलने का फैसला किया है। अब X (ट्विटर), फेसबुक, यूट्यूब और इंस्टाग्राम चारों प्लेटफॉर्म्स के लिए एक कॉमन डिजाइन और नया बैनर तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही चारों प्लेटफॉर्म्स पर मिलाकर 7.5 लाख फॉलोअर्स जुटाने का मासिक लक्ष्य तय किया है। हर जिले से स्कूलों की अच्छी कहानियां आएंगी नई रणनीति में जिलों को भी सोशल मीडिया कंटेंट का स्रोत बनाया गया है। हर जिले में एक SRG को नोडल बनाया जाएगा और उसका एक वाट्सअप ग्रुप तैयार होगा। इस ग्रुप में परिषदीय स्कूलों की उत्कृष्ट गतिविधियां, छात्रों की उपलब्धियां, शिक्षकों के नवाचार, बालिका शिक्षा, निपुण भारत, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की सकारात्मक कहानियां और स्कूलों की बेस्ट प्रैक्टिस भेजी जाएंगी। कंटेंट क्यूरेशन टीम इन्हें चुनकर, एडिट करके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के मुताबिक तैयार करेगी। 78 वीडियो से बनेंगी रील्स और शार्ट्स SCERT की ओर से उपलब्ध कराए गए 78 वीडियो का भी सोशल मीडिया के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। इनसे रील्स, शार्ट्स और अन्य छोटे वीडियो कंटेंट तैयार कर सभी प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किए जाएंगे। साथ ही निपुण भारत मिशन, स्मार्ट क्लास, ICT लैब, बाल वाटिका और KGBV को भी डिजिटल कंटेंट का आधार बनाया जाएगा। एक्स और फेसबुक पर वीडियो 60 सेकंड से ज्यादा नहीं विभाग ने सोशल मीडिया वीडियो की अवधि भी तय कर दी है। एक्स और फेसबुक पर कोई वीडियो 60 सेकंड से अधिक का नहीं होगा। इन दोनों प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते समय मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन, भारत सरकार को टैग करने के निर्देश भी दिए हैं।