लखनऊ में साड़ी पहनकर अखाड़े में उतरीं महिलाएं, पटखनी दी:70 साल की बुजुर्ग ने भी दांव लगाया, पुरुषों की एंट्री बैन, 200 साल पुरानी परंपरा

लखनऊ में नाग पंचमी के दूसरे दिन अनोखी कुश्ती खेली गई। 25 साल से लेकर 70 साल तक की महिलाएं साड़ी पहनकर अखाड़े में उतरीं। दांव लगाकर एक दूसरे को पटखनी दी। कुश्ती देखने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंचीं। अपनी पसंदीदा पहलवान को जिताने के लिए ढोल की थाप पर लोकगीत गाकर हौसला बढ़ाया। जमकर हूटिंग भी की। कड़े मुकाबले में 70 साल की स्वराजा ने 50 साल की विद्या को पटखनी दी। 65 साल की विनय कुमारी ने 40 साल की पुच्ची को दांव लगाकर पटका। 25 साल की मनीषा ने 27 साल की रानी को पटखनी दी। यह कुश्ती अहिमामऊ गांव में हुई। दंगल के दौरान पुरुषों की एंट्री पूरी तरह बैन रही। कुश्ती जीतने वाली महिलाओं को साड़ी और हारने वाली को 50 रुपए दिए गए। महिला दंगल की ये करीब 200 साल पुरानी परंपरा है। अहिमामऊ के नवाब की बेगम नूरजहां और कमरजहां ने नाग पंचमी के दूसरे दिन महिलाओं की कुश्ती कराने की शुरुआत की थी। तब से यह परंपरा लगातार चली आ रही है। देखिए 3 तस्वीरें… महिलाओं की कुश्ती से जुड़े अपडेट के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…