‘अखिलेश कभी यूपी के मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे’:केशव बोले- विधायकों के टिकट कटेंगे, लेकिन ये प्रदेश भाजपा तय नहीं करेगी

2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों, संगठन में फेरबदल, विधायकों के टिकट कटने की अटकलों पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने खुलकर बात की। केशव ने आजम खान को गृह मंत्री बनाने के दावे पर कहा- अखिलेश न तो यूपी के सीएम बनने जा रहे हैं, न ही राहुल गांधी देश के प्रधानमंत्री। शिवपाल के दावे में भी कोई दम नहीं है। यूपी चुनाव से पहले PDA फैक्टर पर उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा- अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे। 5 साल बहुमत की सरकार थी। तब उन्होंने पिछड़ों-दलितों के लिए क्या किया? सपा का PDA फर्जी है। सपा-कांग्रेस तो जेन-जी विरोधी पार्टियां हैं। पढ़िए केशव प्रसाद मौर्य का पूरा इंटरव्यू… भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम की घोषणा हुई है, आपकी नजर में ये कैसी है? केशव. 2027 में 5 राज्यों में और 2029 में लोकसभा चुनाव होने हैं। इन चुनावों में ये टीम बहुत बड़े अंतर से कमल खिलाने में सफल रहेगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उत्तर प्रदेश को पर्याप्त हिस्सेदारी दी है। टीम बहुत मजबूत और सक्षम है। इस टीम ने दूसरे राज्यों के चुनाव में पार्टी को जिताने का काम किया है। यूपी में टीम नया रिकॉर्ड बनाएगी। चुनाव में 6 महीने का समय बचा है। भाजपा की क्या तैयारी है? केशव. चुनाव आयोग घोषित कर दें कि 2, 4 या 6 महीने बाद चुनाव होने हैं, हम मजबूती से लड़ेंगे। भाजपा तो हर वक्त चुनाव के लिए तैयार रहती है। 2027 के चुनाव की तैयारी कर चुके हैं। बूथ अध्यक्षों का सम्मेलन हो चुका है। पन्ना प्रमुख तक टीम बन चुकी है। भाजपा के आंतरिक सर्वे में कई विधायकों के टिकट काटने की सिफारिश हुई है? केशव. देखिए, सर्वे लगातार होते रहते हैं। हमारा जो ओरिजिनल सर्वे है, वो बाहर आएगा नहीं। उसमें हम 2017 दोहराने जा रहे हैं। हर चुनाव में 403 सीटों में से बहुत सारे विधायकों के टिकट कटते हैं। नए लोगों को मौका मिलता है। मगर किसका टिकट कटेगा, किसको मौका मिलेगा? ये केशव प्रसाद मौर्य और यूपी भाजपा तय नहीं करती है। शिवपाल ने रामपुर में कहा कि सपा सरकार में आजम खान गृहमंत्री बनाए जाएंगे? केशव. पहले सपा-कांग्रेस जान ले कि वो 2047 तक सत्ता में नहीं आने वाले हैं। अखिलेश यादव यूपी के मुख्यमंत्री नहीं बनने वाले हैं। राहुल गांधी देश के प्रधानमंत्री नहीं बनने वाले हैं। सपा की अब यूपी में सरकार नहीं आएगी। शिवपाल के दावे में कोई दम नहीं है। सपा जेन-जी और राम मंदिर चढ़ावा चोरी को बड़ा मुद्दा बनाए है, क्या इससे भाजपा को नुकसान नहीं होगा? केशव. सपा और कांग्रेस तो जेन-जी विरोधी पार्टी हैं। युवा हमेशा भाजपा के साथ रहा है। युवा जानते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वजह से सरकारी और प्राइवेट सेक्टर में युवाओं को मौके मिल रहे हैं। हमारे बच्चे दुनिया के बड़े देशों को टक्कर दे रहे हैं। सरकार ने 1 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान किया हुआ है। प्रधानमंत्री ने जो विकसित भारत का लक्ष्य दिया है, उसके लिए हमारा जेन-जी बहुत मेहनत कर रहा है। सपा PDA के सहारे चुनाव की तैयारी में है, कितनी चुनौती मानते हैं? केशव. सपा का PDA फर्जी है। उनके PDA की धज्जियां उड़ गई हैं। पर्दाफाश हो चुका है, वो जिस तरह से हर बार PDA की बात करते हैं, फिर उसकी परिभाषा ही बदल लेते हैं। मैं अखिलेश यादव से पूछता हूं कि 2012 से 2017 तक यूपी में सपा की पूर्ण बहुमत की सरकार थी। अखिलेश खुद मुख्यमंत्री थे। आप सत्ता में थे, तब पिछड़ों और दलितों के लिए क्या किया? सिर्फ उनके हकों को लूटा…। प्रदेश को बर्बाद किया। गुंडों को बढ़ावा दिया। इनका PDA यानी परिवार डेवलपमेंट एजेंसी। सपा-कांग्रेस गठबंधन में विधानसभा चुनाव लड़ने जा रही हैं, आपकी क्या तैयारी है? केशव. 2017 में सपा और कांग्रेस गठबंधन में चुनाव लड़ चुकी हैं। तब जो दुर्दशा हुई थी, उससे बुरी दशा 2027 के चुनाव में सपा-कांग्रेस गठबंधन की होने वाली है। विधायक कहने लगे हैं कि ‘हारे का सहारा, केशव भाई हमारा’, कैसे निपटते हैं? केशव. मुख्यमंत्री की अगुआई में हमारे सभी विधायक एक परिवार की तरह हैं। जब भी कोई चुनाव जीतता है, तो वह मजबूत स्तंभ बन जाता है। यही स्तंभ मिलकर पार्टी को आगे बढ़ाने का काम करते हैं। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे बनते ही उखड़ने लगा। इस पर सवाल उठने लगे हैं? केशव. ये राष्ट्रीय परियोजना है। एक्सप्रेस-वे बनना बहुत जरूरी था, इसके बनने से लखनऊ और कानपुर के लोग खुश हैं। जिन लोगों ने कमी छोड़ी है, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की तरफ से कार्रवाई भी की गई है। अगर सड़क की उम्र 25 साल है, लेकिन वो 5 साल, 1 साल में खत्म होगी, तो जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। 2027 में भाजपा के सबसे बड़े चुनावी मुद्दा क्या रहेंगे? केशव. चुनाव का मुद्दा तो सबका साथ, सबका विकास रहेगा। गरीब और किसानों का उत्थान है। महिलाओं का सशक्तिकरण रहेगा। डेवलपमेंट का अंबार लगा हुआ है, यही वजह है कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है। वो मुद्दे के लिए तरस रहे हैं। जो प्रभु श्रीराम को भगवान ही नहीं मानते थे, अब उन्हें चिंता हो रही है कि प्रभु को क्या चढ़ावा आया है? ब्रजेश पाठक के साथ आपकी तस्वीर बहुत वायरल हुई, लिखा था- कदम-कदम मिलाए जा…? केशव. हम और ब्रजेश पाठक तो कदम मिलाकर चलते ही हैं, साथ ही हमारे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, संगठन महामंत्री धर्मपाल, सभी पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और जो भी भाजपा के प्रदेश में बड़े चेहरे हैं, वो सब कदम मिलाकर ही चलते हैं। 2027 के चुनाव में भी हम कदम मिलाकर चलेंगे। 2017 में भाजपा ने जीत का रिकॉर्ड तोड़ा। तब आप प्रदेश अध्यक्ष थे। क्या 2027 में रिकॉर्ड टूट पाएगा? केशव. जरूर, 2027 में 2017 से भी ज्यादा बड़ी जीत मिलेगी। ये रिकॉर्ड टूटेगा। माना जा रहा है कि पंचायत चुनाव विधानसभा के बाद होंगे। क्या चुनाव टालने का निर्णय ठीक है? केशव. मैं स्पष्ट कर दूं, हमारी सरकार की तरफ से इस दिशा में कोई प्रयास नहीं हुआ। पिछड़ा वर्ग आयोग, जोकि ये देखता है कि किस सीट को किस वर्ग के लिए सुरक्षित करना है, उसकी वजह से लेट हो रहे हैं। चुनाव के मामले में सारी पार्टियां मिलकर हमारे आधे के बराबर भी नहीं पहुंच सकती हैं। विपक्ष की पार्टियां कभी जात-पात का सहारा लेती हैं, कभी किसानों तो कभी छात्रों के पीछे छिप जाती हैं। लेकिन उनके अपराध को देश की जनता देख रही है। किसानों के पीछे छिपकर हिंसा करने वाले कौन हैं? लोग इंतजार कर रहे हैं कि सही वक्त आने पर कैसे साइकिल को पंचर करे, हाथ को मरोड़े और भाजपा का कमल खिलाए।
————————— ये भास्कर इंटरव्यू भी पढ़ें – आजम की पत्नी बोलीं- मुझे रातों-रात डकैत बना दिया:जौहर यूनिवर्सिटी बनाने में नियम नहीं तोड़े; क्या DM-SSP के घरों के नक्शे पास हैं? प्रोफेसर पद से रिटायर होने के बाद जब मैंने यूनिवर्सिटी का काम देखना शुरू किया, तब रातों-रात मेरे ऊपर 60-70 मुकदमे लगा दिए। मैं चोर भी हो गई और डकैत भी। अपराधियों के जो भी काम होते हैं, सब मुझसे जोड़ दिए गए।’ ये कहते हुए सपा नेता आजम खान की पत्नी तंजीम फातिमा भावुक हो गईं। उन्होंने कहा- रहा सवाल नक्शा पास नहीं होने का, तो DM-SSP के घरों के नक्शे भी पास नहीं होते हैं। पढ़िए पूरी खबर…