किसान नेता बोले- SSP के खिलाफ पत्नी-बच्चों संग आंदोलन करूंगा:मेरठ में ‘चोली के पीछे क्या है’ गाने पर नचाकर पीटा, सपा MLA बोले- गुंडों जैसी सजा हो

‘चोली के पीछे क्या है…’ गाने पर मुझे नचाया। मेरठ SSP अविनाश पांडेय और इंस्पेक्टर ने अपने चैंबर में गालियां दीं। मारा-पीटा और अपने बूट से वार किए। मुझे अंदरूनी चोटें आईं और एक आंख भी सूज गई। पांच दिन बाद भी पुलिसवालों पर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। पिटाई के सुबूत खत्म हो रहे हैं। अगर मेरा मुकदमा 2 दिन में नहीं लिखा गया तो मैं पत्नी, बच्चों के साथ आंदोलन करूंगा। ये बातें दैनिक भास्कर से बातचीत में किसान नेता दिग्विजय भाटी ने कहीं। वहीं, दिग्विजय भाटी को न्याय दिलाने के लिए आगे आए सपा विधायक अतुल प्रधान ने कहा- मामले में शामिल लोगों के खिलाफ उसी तरह कार्रवाई हो, जैसे कानून तोड़ने वाले गुंडे-बदमाशों पर होती है। दिग्विजय भाटी और अतुल प्रधान से बातचीत और पूरे मामले को विस्तार से जानते हैं…. दिग्विजय बोले- मेरी मेडिकल जांच तक नहीं कराई गई भारतीय किसान यूनियन (बीआर अंबेडकर) के अध्यक्ष डॉ. दिग्विजय भाटी ने कहा- घटना 19 अगस्त की है। अब तक मेरा मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। पुलिस ने अब तक मेरी लिखित शिकायत भी नहीं ली। मेरी मेडिकल जांच भी नहीं कराई गई। मैं घटना के बाद से लगातार परेशान हूं। मैं पिटाई के बाद से नहाया नहीं हूं। दिग्विजय भाटी ने मामले की SIT से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा- जांच की निगरानी किसी पूर्व जज से कराई जाए, ताकि जांच निष्पक्ष तरीके से हो सके। हमें डर है कि कहीं जांच को पुलिस विभाग के अफसर ही प्रभावित न कर दें। मुझे जांच के लिए DIG सहारनपुर के सामने बुलाया गया था। मुझसे पूछा गया कि क्या पिटाई करने वालों की पहचान कर सकते हैं, लेकिन मेरे सामने किसी को पहचान के लिए पेश नहीं किया गया। शनिवार को मुझे एडीजी ऑफिस में बयान के लिए बुलाया गया था, जहां करीब दो घंटे इंतजार के बाद भी एडीजी से मुलाकात नहीं हो सकी। सपा विधायक बोले- पुलिसवालों को लाइनहाजिर करना सजा नहीं सरधना से सपा विधायक अतुल प्रधान ने कहा- जिन लोगों ने कानून तोड़ा है, उनके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। मैंने मेरठ के नए SSP को पूरे मामले की जानकारी दी है। जांच के आधार पर आगे कार्रवाई का भरोसा दिया गया है। लेकिन, मेरी मांग है कि जांच निष्पक्ष हो। मामले की कई बातें सार्वजनिक हो चुकी हैं। अब सही तथ्यों के आधार पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अभी केवल कुछ पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है, जिसे मैं सजा नहीं मानता। पुलिस अधिकारियों से कहा है कि मामले को धर्म और जाति के नजरिए से न देखा जाए, बल्कि निष्पक्ष न्याय किया जाए। ‘कार्रवाई नहीं हुई तो थानों पर प्रदर्शन करेंगे’ अतुल प्रधान ने कहा- अगर मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई नहीं हुई तो सपा कार्यकर्ताओं के साथ विरोध प्रदर्शन करूंगा। जरूरत पड़ने पर थानों पर भी प्रदर्शन किया जाएगा। DIG सहारनपुर से फोन पर बात हुई है। DIG ने कहा है कि बयान लिए जा रहे हैं। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे मामले की जांच DIG सहारनपुर अभिषेक सिंह कर रहे हैं। उन्होंने शुक्रवार को पीड़ित पक्ष से बातचीत की थी। मामले में आगे भी पूछताछ और बयान दर्ज किए जा रहे हैं। 21 अगस्त को दिग्विजय भाटी और अतुल प्रधान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी डॉ. दिग्विजय भाटी ने बताया कि 19 अगस्त को मैं और भारतीय किसान यूनियन (बीआर अंबेडकर) के जिलाध्यक्ष मोहित जाटव SSP अविनाश पांडेय से मिलने गए थे। ललिता गौतम हत्याकांड के विरोध प्रदर्शन मामले में पुलिस ने हम 8-10 लोगों को जेल भेज दिया था। हमारी कोई गलती नहीं थी और न ही हम प्रोटेस्ट में शामिल थे। इसलिए हम कप्तान साहब से अपनी बात रखने गए थे। जब हम SSP से मिले, तो वे भड़क गए। अभद्र भाषा में कहने लगे- “40 रुपए का कुर्ता-पायजामा पहनकर नेता बन जाते हैं, हमसे टकराएंगे?” जब हमने गाली देने का विरोध किया, तो एसएसपी अपने चैंबर में खींचकर ले गए और लात-घूसों, जूतों से हमारी पिटाई कर दी। इसके बाद सिविल लाइंस प्रभारी अखिलेश गौड़ से कहा कि देखते हैं कितनी खातिरदारी कर पाते हो। फिर वो हमें एसओजी (SOG) दफ्तर ले गए। बंद कमरे में हम दोनों के हाथ-पैर बांधकर डंडों से पिटाई की। रात 2 बजे जब अतुल प्रधान पहुंचे, तब हमें छोड़ा गया। शर्त रखी गई कि अगर मीडिया में बात आई, तो इससे बुरा हाल किया जाएगा। ‘SSP हमारे एनकाउंटर की योजना बना चुके थे’ दिग्विजय भाटी ने रोते हुए कहा- 8 जुलाई के प्रदर्शन में हम लोग शामिल नहीं थे, फिर भी हमें टारगेट किया गया। एक गरीब परिवार को न्याय दिलाने के लिए आगे आए थे। ऐसा ही अगर होता रहा, तो कोई भी किसी भी जरूरतमंद की मदद के लिए आगे नहीं आएगा। मोहित जाटव ने कहा कि वह अपने समाज के नेता हैं। ऑफिस जाने से पहले उनकी पुलिस अफसर से फोन पर बात हुई थी। जिस तरह का व्यवहार फोन पर था, उस तरह का व्यवहार सामने बिल्कुल नहीं था। SSP हमारे एनकाउंटर की योजना बना चुके थे। उन्होंने पुलिसवालों से कहा था कि एक गोली मेरे मारो और फिर इनका एनकाउंटर कर दो। मैं सब देख लूंगा। सपा विधायक बोले- SSP मानसिक रूप से बीमार सपा विधायक अतुल प्रधान ने कहा- जो बर्बरता SSP और इंस्पेक्टर ने की, वह चिंताजनक है। सरकार को पूरे प्रकरण का संज्ञान लेकर मुकदमा दर्ज करना चाहिए। जिस तरह का कृत्य एक जिम्मेदार पद पर बैठने के बाद SSP ने किया, उससे साफ पता चलता है कि वह मानसिक रूप से बीमार हैं। सरकार को उनका उपचार कराना चाहिए। सपा विधायक ने कहा कि इस पूरे कृत्य को अंजाम देने के बाद दिग्विजय और मोहित से जबरन लेटर लिखवाया गया। उसमें लिखा था कि उनका स्कूटी से एक्सीडेंट हुआ है। जबकि, ऐसा बिल्कुल नहीं हुआ। एसएसपी के पास अगर इसका कोई साक्ष्य है, तो पेश करें। उनकी बर्बरता का सबूत उनके दफ्तर में लगे CCTV में मौजूद है। ———————————— ये खबर भी पढ़ें- यूपी में 9 जिलों के कप्तान बदले, मेरठ-SSP को हटाया, प्रदर्शनकारियों को वैन में घुसकर थप्पड़ जड़े थे
योगी सरकार ने गुरुवार देर रात 9 जिलों के पुलिस कप्तान बदल दिए। मेरठ में ललिता गौतम हत्याकांड में प्रदर्शनकारियों को वैन में घुसकर थप्पड़ मारने वाले SSP अविनाश पांडेयय को हटा दिया। उन्हें पुलिस हेडक्वार्टर से अटैच किया है। इनकी जगह झांसी के SP बीबीजीटीएस मूर्ति को कमान सौंपी गई है। पढ़ें पूरी खबर