रेलवे इंजीनियर के दोनों पैर ट्रेन से कटे, तड़प-तड़पकर मौत:आगरा में खुद फोन करके स्टाफ को बताया, दो टुकड़े होने पर भी एकटक देखते रहे

आगरा में मंगलवार शाम हुए हादसे में 32 साल के रेलवे इंजीनियर की तड़प-तड़पकर मौत हो गई। उनके दोनों पैर ट्रेन से कटकर अलग हो गए। लेकिन ट्रैक के किनारे पड़े लहूलुहान इंजीनियर बेहोश नहीं हुए। उन्होंने खुद अपने फोन से कॉल करके स्टाफ को हादसे की सूचना दी। रेलवे के जेई मनोज सैनी अपने चारों ओर इकट्ठा भीड़ को एकटक देखते रहे। सूचना पर पहुंची पुलिस जेई को इलाज के लिए अस्पताल ले गई, जहां शाम करीब 7 बजे उनकी मौत हो गई। मनोज ट्रैक की चेकिंग कर रहे थे। तभी पीछे से आ रही ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसा परसैंया कस्बे के पास आगरा-झांसी रेलवे ट्रैक पर शाम 5:30 बजे हुआ। हादसे की 3 तस्वीरें… ट्रैक पर पैदल चल रहे थे जेई मनोज
संभल के चंदौसी के रहने वाले मनोज सैनी रेलवे के एफएमआई विभाग में अवर अभियंता (JE) के पद पर कार्यरत थे। वह शाम करीब 5:30 बजे जाजऊ रेलवे स्टेशन के पास ब्लॉक लेकर मशीन से नीचे उतरे थे। मनोज डाउन ट्रैक पर पैदल चल रहे थे। इसी दौरान भाड़ई की ओर से आ रही पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आ गए। ट्रेन की टक्कर लगते ही मनोज उछलकर ट्रैक पर गिरे। इसके बाद ट्रेन उनके पैरों के ऊपर से निकल गई। मनोज के दोनों पैर कटकर अलग हो गए। जेई ने खुद फोन करके स्टेशन पर सूचना दी जेई मनोज सैनी ने अपने दोनों पैर कटने के बाद खुद स्टेशन सुपरवाइजर को फोन मिलाया। उन्हें बताया कि मेरे दोनों पैर ट्रेन से कट गए है। तुरंत एंबुलेस भेज दीजिए। स्टेशन सुपरवाइजर ने तुरंत ट्रैक पर काम कर रहे रेलवे कर्मियों को सूचना दी। इस दौरान लगभग 20 मिनट तक जेई मनोज सैनी वहीं लहूलुहान तड़पते रहे। इसके बाद मौके पर पहुंचे रेलवे कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना सैंया पुलिस एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंची। बुरी तरह से तड़प रहे मनोज सैनी को तुरंत सीएचसी सैंया पहुंचाया। सीएचसी के डॉक्टरों ने जेई की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें एसएन हॉस्पिटल रेफर कर दिया। वहां डॉक्टरों ने मनोज सैनी का इलाज शुरू किया, लेकिन उनकी हालत बिगड़ती चली गई। शाम करीब 7 बजे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पास खड़े लोगों को एकटक देखते रहे मनोज इंजीनियर मनोज का हादसे के बाद का एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें वह अपने दोनों पैर कटने के बाद रेलवे ट्रैक के किनारे लहूलुहान दिख रहे हैं। उनके दोनों पैर रेल पटरी के दूसरी ओर अलग पड़े थे। रेलवे ट्रैक के पास से गुजर रहे लोग दौड़कर मनोज के पास पहुंचे। उनके शरीर के कटे हुए हिस्से को सफेद कपड़े से ढका। इस दौरान मनोज अपनी खुली आंखों से लोगों को एकटक देखते रहे। वह कुछ भी बोल नहीं पा रहे थे। ———————- यह खबर भी पढ़िए… हाईकोर्ट की फटकार के बाद IAS दुर्गा नागपाल की सफाई:बोलीं- जज से गलत बात नहीं की; धमकाने का आरोप लगा था
यूपी की महिला IAS अफसर दुर्गा शक्ति नागपाल ने सिविल जज के आरोपों पर सफाई दी है। उन्होंने मंगलवार को कहा- उनका इरादा सिर्फ सरकारी जमीन से जुड़े पुराने पेंडिंग केस की ठीक से पैरवी कराना था। उन्होंने कोई दबाव नहीं बनाया। बातचीत के दौरान न तो केस के फैसले या मेरिट पर चर्चा हुई और न ही किसी खास केस के नाम या नंबर का जिक्र किया गया। पढ़ें पूरी खबर