यूपी की चर्चित IAS दिव्या मित्तल ने इस्तीफा दिया:IIT-IIM पास, लंदन की नौकरी छोड़कर अफसर बनी थीं, पति भी IAS

यूपी की चर्चित IAS दिव्या मित्तल ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। अभी वह राजस्व विभाग में विशेष सचिव थीं। उन्होंने लिखा- “आज आभार से आंखें नम हैं। बस एक दृश्य इनमें बसा है। पद तो आज छूट गया, लेकिन सपना नहीं छूटेगा, जो देश की इस मिट्टी ने मुझे दिया।” सूत्रों के मुताबिक, दिव्या मित्तल ने मुख्य सचिव एसपी गोयल को इस्तीफा दिया है। रविवार सुबह उन्होंने फेसबुक और इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। दिव्या मित्तल का अचानक इस्तीफा ब्यूरोक्रेसी में सुर्खियों में हैं। हालांकि, इस्तीफा क्यों दिया? ये स्पष्ट नहीं हो पाया है। फिलहाल, अभी उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ है। 2013 बैच की IAS दिव्या मित्तल मिर्जापुर और देवरिया की डीएम रह चुकी हैं। वह अपने काम को लेकर बेहद सख्त मानी जाती थीं और अफसरों को मौके पर ही फटकार लगा देती थीं। IIT-IIM से पढ़ाई करने के बाद लंदन की लाखों रुपए की नौकरी छोड़कर सिविल सर्विस में आईं। पहले प्रयास में IPS क्लियर किया था। हालांकि, अगले ही साल IAS बन गई थीं। अभी उनकी 17 साल की नौकरी बची हुई थी।
दिव्या ने अपनी 428 शब्दों की पोस्ट में इस्तीफे की वजह का जिक्र नहीं किया। हालांकि, उनके इस्तीफे को लेकर तीन चर्चाएं चल रही हैं…. हूबहू इस्तीफा पढ़िए आज मैंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए IAS से त्यागपत्र दे दिया है। साधारण परिवेश में पलते हुए मैंने एक अच्छे, सफल जीवन का सपना देखा था। दिन-रात एक कर IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ने के बाद लंदन में नौकरी लग गई। पर ‘सब कुछ’ पा लेने पर भी कुछ अधूरा था। अपने देश में न होना खलता था। मेरी पढ़ाई, आत्मविश्वास, दुनिया में कहीं भी सिर उठाकर चलने की ताकत, सब इस मिट्टी का कर्ज था मुझ पर। वो कर्ज चुकाना था। चाहती थी कि जिस भारत का सपना देखा था, उसे बनाने वाली ईंटों पर मेरे भी हाथों के निशान हों। सो लौट आई और IAS अधिकारी बनने का सौभाग्य मिला। बहुत कुछ करने का मौका मिला और बहुत सीखा। देवरिया ने सिखाया कि सही के साथ खड़ा होना विकल्प नहीं, कर्तव्य है। मिर्जापुर ने सिखाया कि ‘असंभव’ कोई तथ्य नहीं, बस एक राय है। और मां विंध्यवासिनी के चरणों में बैठकर सीखा कि शक्ति किसी पद से नहीं, उनकी कृपा और लोगों के विश्वास से आती है। सबसे बड़ी सीख यह थी कि अपने लिए देखे सपने तो पूरे हो चुके थे, अब अपने लोगों के लिए देखे सपनों को जीना था। इस जीवन का असली सुकून उन आंखों में दिखा, जिस परिवार को पहली बार जमीन का हक मिला, जिस दिव्यांग को सम्मान से जीने का अवसर मिला और जिस किसान के खेत को पानी मिला। उनके संघर्षों में साथ चलते हुए मैंने सीखा कि हर सरकारी फाइल के पीछे एक व्यक्ति है और उसकी गरिमा बनाए रखना ही न्याय है। मूर्ख थी जो सोचा था कि कुछ देने आई हूं। सच यह है कि सबसे ज्यादा मैंने ही पाया और वो कर्ज और भी बढ़ता गया। लोग मेरी खुशी में मुझसे ज्यादा खुश हुए। उन्होंने मुझे तब भी उसी विश्वास से देखा, जब मैं खुद ही थकी या टूटी थी। और इसी ने आगे बढ़ते रहने की हिम्मत दी। इतना प्यार, इतना सम्मान, इतना अपनापन मिला कि मेरी झोली पूरी भर गई। और इसमें उन साथियों, अधिकारियों और कर्मचारियों का भी बहुत बड़ा श्रेय है, जिन्होंने मेरे कंधे से कंधा मिलाकर काम किया और साथ डटे रहे। लहुरिया दह की पहाड़ी की वो वृद्ध मां, जो अपने गांव में पहली बार पानी पहुंचता देख कुछ नहीं बोली, बस कांपते हाथों से मेरा सिर छूकर आशीर्वाद दे गई। पद तो आज छूट गया, पर वह स्पर्श जीवन भर नहीं छूटेगा। और वह सपना भी नहीं छूटेगा, जो देश की इस मिट्टी ने मुझे दिया है। आपकी अपनी,
दिव्या मित्तल लंदन में नौकरी छोड़कर सिविल सर्विस में आईं दिव्या दिव्या मित्तल मूलरूप से हरियाणा के रेवाड़ी जिले की रहने वाली हैं। उन्होंने दिल्ली IIT से बीटेक और IIM बेंगलुरु से MBA की पढ़ाई की। इसके बाद उनकी शादी गगनदीप सिंह से हो गई। शादी के बाद दिव्या और उनके पति लाखों रुपए के पैकेज पर नौकरी करने लंदन चले गए। हालांकि, कुछ महीने बाद ही पति-पत्नी ने लंदन की नौकरी छोड़ दी और भारत लौट आए। भारत लौटकर दिव्या UPSC की तैयारी में जुट गईं। 2012 में उन्होंने बिना कोचिंग के IPS क्लियर किया। उन्हें गुजरात कैडर मिला। IPS की ट्रेनिंग के दौरान भी दिव्या ने IAS बनने की तैयारी जारी रखी। कड़ी मेहनत के बाद अगले ही साल 2013 में उनका IAS के लिए सिलेक्शन हो गया। उनकी 68वीं रैंक आई थी। मिर्जापुर में लहुरियादह गांव पहली बार पानी पहुंचा था 19 सितंबर 2022 को दिव्या ने मिर्जापुर डीएम का कार्यभार ग्रहण किया। दिव्या करीब 12 महीने मिर्जापुर की डीएम रहीं। उनका ट्रांसफर बस्ती हुआ तो लोगों ने उन पर फूलों की बारिश की थी। समारोह के दौरान दिव्या मित्तल भावुक हो गई थीं। उनकी ही पहल से मिर्जापुर के लहुरियादह गांव में पहली बार पानी पहुंचा। यह उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में रही। उन्होंने कजली पर्व पर स्थानीय अवकाश का भी ऐलान किया था। इसके अलावा, चंद्रयान-3 की सॉफ्ट लैंडिंग के दौरान दिव्या ने भरे मंच पर एक बच्ची के साथ डांस किया था। इसका वीडियो जमकर वायरल हुआ था। देवरिया में लेखपाल और कानूनगो से कहा था- जेल भेज दूंगी दिव्या देवरिया में करीब 2 साल तक डीएम रहीं। 6 मई को उनका देवरिया से ट्रांसफर हुआ था। डीएम दिव्या मित्तल को राजस्व विभाग में विशेष सचिव नियुक्त किया गया था। उनके खिलाफ स्थानीय जनप्रतिनिधि विरोध कर रहे थे। उनकी कई शिकायतें सरकार तक पहुंची थीं। देवरिया में डीएम रहते हुए वह कई बार चर्चा में आई थीं। दिव्या ने पुल निर्माण में लापरवाही को लेकर PWD के अधिकारी को फटकार लगाई थी। इस दौरान ADM ने तेज धूप का हवाला देकर उनसे छांव में बैठकर बात करने का आग्रह किया। डीएम ने चुटकी लेते हुए कहा- ‘अरे यार, धूप ही तो है, रुको पिघल थोड़ी जाएंगे…।’ इसके अलावा, अवैध कब्जे की शिकायत पर कानूनगो-लेखपाल को फटकार लगाने का उनका वीडियो वायरल हुआ था। कहा था- ‘तमाशा बना रखा है…। एसडीएम, आप पूरे मैटर की जांच करें और रिपोर्ट दें। दोबारा इस तरह की हरकत मत करिएगा। सच में जेल भेज दूंगी आप लोगों को।’