नेपाल तबाही- सॉफ्टवेयर इंजीनियर पति-पत्नी समेत 3 लापता:कानपुर में भाई बोला- 5 दिन से कोई खबर नहीं, 25 अगस्त को आखिरी बात हुई थी

नेपाल में बाढ़ के बीच कानपुर के दंपती लापता हैं। परिवार अपनों के आने का इंतजार कर रहा है। भाई प्रवीण द्विवेदी ने कहा- बहनोई पंकज मिश्रा, बहन रागिनी और उनकी देवरानी पूनम मिश्रा की 5 दिन से कोई खबर नहीं है। 25 अगस्त को उनसे आखिरी बार बात हुई थी। पीएमओ में भी संपर्क किया, लेकिन अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल सकी। दरअसल, अमेरिका में साफ्टवेयर इंजीनियर पंकज मिश्रा, अपनी पत्नी और छोटे भाई की पत्नी के साथ कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले थे। वह चीन-तिब्बत सीमा के पास से लापता हो गई हैं। 26 अगस्त की सुबह 9 बजे परिवार से संपर्क टूट गया था। 2 तस्वीरें देखिए… बहन-बहनोई अमेरिका से दर्शन करने आए थे पी रोड में रहने वाले प्रवीण द्विवेदी ने बताया- मेरी बहन रागिनी (52) की शादी साल- 1998 में श्यामनगर में हुई थी। बहनोई पंकज मिश्रा (55) सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। करीब 12 साल पहले बहन-बहनोई अमेरिका चले गए थे। वर्तमान में दोनों अमेरिका के नागरिक हैं। रागिनी और पंकज का एक बेटा है, जो अमेरिका में ही रहता है। वहीं पढ़ता है। रागिनी की देवरानी पूनम मिश्रा भी अमेरिका में रहती हैं। उनके पति धीरज मिश्रा भी अमेरिका में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। दोनों का एक बेटा ध्रुव (20) और बेटी और मानसी मिश्रा (18) है। प्रवीण ने बताया- बहन रागिनी से रोज बात होती थी। 18 अगस्त को बहन ने बताया कि दर्शन करने के लिए नेपाल और तिब्बत जा रहे हैं। 20 अगस्त को इन लोगों ने काठमांडू में पशुपतिनाथ के दर्शन कर लिए थे। इसके बाद नेपाल में घूम रहे थे। 25 अगस्त को जब बात हुई, तब मानसरोवर की यात्रा पर जा रहे थे। बहन ने बताया था कि 52 किलोमीटर की पैदल यात्रा है, इसलिए नेटवर्क नहीं है। इसके बाद 26 अगस्त को तिब्बत और नेपाल में तबाही की खबरें पता चलीं। इसके बाद से बहन-बहनोई के बारे नें कुछ पता नहीं चल पा रहा है। अब मैं कानपुर प्रशासन से मुलाकात कर बहन-बहनोई का पता लगाने की गुहार लगाऊंगा। दोनों परिवार के लोग बहुत परेशान हैं प्रवीण ने बताया- बहनोई पंकज के भाई डॉ. अनिल मिश्रा, ससुर राजेंद्र मिश्रा और सास सुमन मिश्रा श्यामनगर ई ब्लॉक में रहते हैं। सभी लोग बहुत परेशान हैं, क्योंकि उन लोगों की कोई खबर नहीं मिल पा रही। प्रवीण ने कहा- बहन रागिनी से 25 अगस्त को रक्षाबंधन को लेकर भी बातचीत हुई थी। हर साल बहन अमेरिका से राखी भेजती है। इस साल भी भेजी थी, वही राखी मैंने पहन ली। पंकज के भाई बोले- 26 लोगों के ग्रुप के साथ हैं पंकज मिश्रा के छोटे भाई डॉ. अनुज मिश्रा ने बताया- मंगलवार (25 अगस्त) को भैया-भाभी से बात हुई थी। सभी खुश थे, शॉपिंग कर रहे थे और घूम रहे थे। जब वे लोग काठमांडू में थे, तब सभी ने वीडियो कॉल पर वहां की बाजार दिखाई थी। भाई ने बताया कि 26 लोगों का ग्रुप साथ घूमने गया था। इनमें 5 लोग गाइड करने वाले थे। कुल 31 लोग साथ में थे। 26 अगस्त को जब हमें पता चला कि नेपाल में तबाही हुई है, तो हमने नेपाल में संपर्क किया। संपर्क तो हुआ, लेकिन अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। नेपाल बाढ़ में 32 देशों के नागरिक लापता नेपाल में बाढ़ के बाद 32 देशों के 1400 से ज्यादा नागरिक शामिल हैं। इनमें ट्रेकिंग, टूर और कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए पहुंचे लोग भी शामिल हैं। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, लापता लोगों में 113 नेपाली पर्यटक, सेना-पुलिस के 85 जवान और रसुवा जिले के 161 लोग शामिल हैं। अब तक 50 विदेशियों को हेलिकॉप्टर से सुरक्षित निकाला गया है। लापता लोगों में भारत के 290, अमेरिका के 90, यूक्रेन के 55, मलेशिया के 51, ऑस्ट्रेलिया के 39, ब्रिटेन के 33, कनाडा के 25, दक्षिण कोरिया के 9, सिंगापुर, जर्मनी और रूस के 8-8, दक्षिण अफ्रीका और लातविया के 6-6, जापान और न्यूजीलैंड के 5-5, फ्रांस के 4 नागरिक शामिल हैं। —————————- ये खबर भी पढ़िए- संबंध न बनाने पर गुस्साया,होटल में गर्लफ्रेंड को मार डाला, फिरोजाबाद में प्रेमी ने हाईडोज दवा खाई ‘काजल ने मेरी बहन को मरवा दिया। उसका रेप करवा दिया। ये दरिंदे जब-जब दिखाई देंगे, हमें बहुत दुख होगा। इन सबको हमारी आंखों के सामने फांसी होनी चाहिए, तब हमारी बहन को इंसाफ और हमें तसल्ली मिलेगी। घर आने से पहले बोल रही थी कि बहुत तेज भूख लगी है, कुछ अच्छा खाना बना लो। फिर वो घर वापस नहीं आ पाई। मेरी बहन चली गई, मैं अकेली रह गई।’ पूरी खबर पढ़ें…