पिता बोले- पत्नी की बेवफाई से परेशान था बेटा:फतेहपुर में 5 लोगों पर तलवार से किया था हमला, भीड़ ने पीटकर मार डाला

‘बेटा घबराया हुआ घर आया था। बड़बड़ा रहा था कि अब सब सही गया है। मैंने हाथ जोड़कर पूछा कि बेटा क्या हुआ है, लेकिन उसने नहीं बताया। 15 मिनट बाद ही चला गया। उसे औरत का दुख था, बार-बार बच्चों को भी फोन करता था, लेकिन कोई बात नहीं करता था। उसे यही तकलीफ थी कि जिन्हें जिंदगी भर खिलाया वो आज बाहर भाग रहे हैं।’ यह कहना है उस पवन के पिता का, जिसने फतेहपुर में गुरुवार को 5 लोगों पर तलवार से हमला किया था। बाद में भीड़ ने उसे पीटकर मार डाला था। पिता का कहना है कि बेटा पत्नी की बेवफाई से परेशान था। वहीं, हमले में घायल 4 लोगों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। मामला औंग थाना क्षेत्र का है। दैनिक भास्कर की टीम ने आरोपी के पिता और घायलों के घरवालों से बात करके पूरा मामला समझा। पढ़िए रिपोर्ट… पहले मामला समझिए… फतेहपुर में गुरुवार (3 अगस्त) तड़के 2 बजे पवन ने ससुराल में साले, सलहज और 3 भतीजों पर तलवार से हमला कर दिया। पहले सो रहे साले के तीनों बेटों पर बारी-बारी से तलवार से हमले किए। फिर चीख-पुकार सुनकर पहुंचे साले और उसकी पत्नी के सिर और गर्दन पर भी तलवार से वार किए। शोर सुनकर गांव के लोग मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पवन को घेरकर उससे तलवार छीन ली। इसके बाद लाठी-डंडों से पीट-पीटकर उसको मार डाला। घरवालों के अनुसार, दामाद पवन के साथ गया दूसरा साला लापता है, जिसके साथ अनहोनी की आशंका है। एक ही घर में रहते थे दो भाइयों के परिवार बीकमपुर गांव में महावीर का परिवार रहता है। परिवार में उनके 2 बेटे राजू और राजेश हैं। राजू की पत्नी विमलेश, 3 बेटे खाटू उर्फ राजकरन (25), प्रदीप (23), गोरे (20) और एक बेटी गुड़िया (18) है। छोटा बेटा राजेश और उसकी पत्नी बुद्धा हैं। सभी 9 लोग एक ही घर पर रहते हैं। शादी के कुछ साल बाद ही शुरू हुआ झगड़ा महावीर ने करीब 26 साल पहले अपनी बेटी फूलकुमारी उर्फ सीमा की शादी आसापुर में रहने वाले पवन (55) से की थी। पवन कारपेंटर था। उसके 4 बच्चे हैं- बेटियां शीतल उर्फ मानसी (22), कोमल (18), राधा (15) और बेटा सत्यम (12)। शादी के कुछ साल बाद ही पवन और फूलकुमारी के बीच झगड़ा शुरू हो गया। बच्चों को लेकर गुजरात में रह रही पत्नी 9 साल पहले फूलकुमारी ससुराल से बच्चों को लेकर मायके आ गई थी। 4 साल पहले सुलह के लिए गांव में पंचायत भी हुई। लोगों ने बताया कि पंचायत में भी पवन की काफी बेइज्जती हुई थी। फूलकुमारी गुजरात में अपने बच्चों के साथ किसी रिश्तेदार के साथ रह रही है। जबकि, पवन अपने पिता के साथ गांव में रहता था। मन में खुन्नस थी, लेकिन आना-जाना बंद नहीं किया पवन को शक था कि फूलकुमारी के मायके वाले उसका साथ दे रहे हैं। इन लोगों की शह पर ही वह घर नहीं लौट रही है। पवन मन ही मन ससुरालवालों से खुन्नस रख रहा था, लेकिन उसने ससुराल आना-जाना बंद नहीं किया था। बुधवार (30 अगस्त) की शाम 5 बजे पवन ससुराल पहुंचा। लड़की दिखाने के बहाने साले को साथ ले गया यहां बड़े साले राजू (55) से कहा कि तुम्हारे बेटे राजकरन के लिए पास के गांव में एक लड़की देखी है। अभी तुम साथ में चलो। देखकर आते हैं, फिर घर के बाकी लोग देख लेंगे। इस पर राजू तैयार होकर पवन के साथ निकल गया। रात में 9 बजे पवन फिर से ससुराल लौट आया। उसे अकेला देखकर घरवालों ने राजू के बारे में पूछा। पवन ने बताया कि राजू लड़की वालों के घर पर रुक गया है। सुबह हम सभी लोग लड़की देखने चलेंगे। भतीजी ने खाना खिलाया, भतीजों के पास सोया राजू की बात पर ससुरालवालों ने भरोसा कर लिया। इसके बाद राजू की बेटी गुड़िया ने पवन को खाना खिलाया। फिर सभी लोग सो गए। पवन और राजू के तीनों बेटे घर के बाहर सो रहे थे, जबकि बाकी लोग घर के अंदर थे। रात में करीब 2 बजे अचानक तेज-तेज आवाज सुनाई देने पर घर से लोग बाहर भागे। बाहर पवन हाथ में तलवार जैसा हथियार लेकर तीनों भतीजों पर ताबड़तोड़ वार कर रहा था। राजेश और उनकी पत्नी बुद्धा भतीजों को बचाने भागे, तो पवन ने उन पर भी कई वार किए। गांव के लोगों ने पकड़कर लाठी-डंडों से पीटा गुड़िया ने एक कमरे में छिपकर जान बचाई, लेकिन उसे भी कुछ चोटें आ गईं। इसी बीच, शोर सुनकर आसपास के लोग पहुंच गए और पवन को घेर लिया। लाठी-डंडों से पिटाई में पवन की जान चली गई। पुलिस ने सभी घायलों को हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां से हालत गंभीर होने पर सभी को कानपुर रेफर कर दिया गया। अभी भी 4 लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। अब पढ़िए आरोपी के पिता ने क्या बताया… पवन के पिता रामसजीवन विश्वकर्मा बताते हैं- मेरे 4 बेटे हैं। सभी अपने परिवार के साथ अलग-अलग रहते हैं। पवन की शादी फूलकुमारी से कराई थी। शादी के बाद उसके 3 लड़कियां और एक लड़का हुआ। हमारी बहू कुछ साल ही साथ रही। उसका शुरू से ही चाल-चलन सही नहीं था। गांव में कई लोगों के साथ उसका संबंध था। बेटे ने उसे कई बार दूसरे लोगों से बात करते पकड़ा था। पंचायत के बाद भी नहीं निकला समाधान एक बार तो एक आदमी के साथ चली भी गई थी। रातभर वहीं रही थी। इसके बाद उसने मेरे बेटे के ऊपर उल्टा रिपोर्ट लिखवा दी थी। गांव में पंचायत भी हुई, लेकिन कुछ समाधान नहीं निकला। अब सारे बच्चों को लेकर गुजरात में किसी के साथ रह रही है। पवन मेरे साथ अकेला रहता था। वो मन ही मन बहुत दुखी रहता था। पत्नी और बच्चे नहीं करते थे बात पवन कई बार बच्चों को फोन मिलाता था, पत्नी को फोन मिलाता था। लेकिन, उससे कोई बात नहीं करता था। इसी बात का उसे बहुत दुख था कि जिन्हें पूरी जिंदगी खिलाया-पिलाया, वही अब बाहर भाग रहे हैं। शाम को पवन घर से निकला था, लेकिन बताया नहीं कि कहां जा रहा है? रात 8 बजे घर आया। उसकी स्थिति ठीक नहीं लग रही थी। बहुत दुख और गुस्से में था। घर पर कपड़े बदलकर दोबारा ससुराल पहुंचा घबराया-सा बोल रहा था कि अब सब सही हो जाएगा। उसकी हालत देखकर मुझे डर लग रहा था। मैंने हाथ जोड़कर पूछा कि बबुआ क्या हुआ है? लेकिन, उसने कुछ भी नहीं बताया। जल्दी-जल्दी उसने कपड़े बदले और बाइक लेकर फिर से चला गया। उसके कपड़ों पर उस समय कोई छींटें या खून के निशान नहीं थे। उसके बाद सुबह पता चला कि इतना कुछ हो गया है। बेटी बोली- पापा कभी बाहर नहीं रुकते थे हमने गायब राजू के बेटे गुड़िया से बात की। गुड़िया ने बताया कि अभी तक मेरे पापा का पता नहीं चला है। फूफा लड़की दिखाने के लिए ले गए थे। वापस आए तो पापा उनके साथ नहीं थे। हम लोगों ने पूछा कि पापा को कहां छोड़ा? तो कह रहे हैं कि वही जहां लड़की देखने गए थे, उन्हीं की मम्मी ने तुम्हारे पापा को रोक लिया है। हम लोगों ने भरोसा नहीं किया। मेरा भाई बोला कि हम लेने जा रहे हैं। मेरे पापा कभी बाहर नहीं रुकते। इस पर फूफा बोले कि सुबह सभी लोगों को लेकर चलेंगे। इसके बाद उसने भाइयों को कुछ बहाना बनाकर फुसला दिया। हम लोग छिप न जाते, तो आज परिवार में कोई न बचता। राजू की पत्नी विमलेश ने कहा कि पति का कुछ पता नहीं चल रहा। तीनों बेटे अस्पताल में जिंदगी और मौत से लड़ रहे हैं। मेरा तो सब कुछ चला गया। एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया गायब राजू की तलाश के लिए तीन टीमों को लगाया गया है। हाईवे पर लगे सीसीटीवी फुटेज से मदद ली जा रही है। जल्द ही बरामदगी कर ली जाएगी। ————————- यह खबर भी पढ़ें… दामाद ने सो रहे ससुरालियों को तलवार से काटा, 5-गंभीर:फतेहपुर में लोगों ने लाठी-डंडे से पीटकर मारा; पत्नी के साथ न रहने से नाराज था
फतेहपुर में एक दामाद ने ससुराल में साले, सलहज और तीन भतीजों पर तलवार से हमला कर दिया। पहले सो रहे साले के तीन बेटों पर बारी-बारी से तलवार से वार किए। चीख-पुकार सुनकर पहुंचे साले और उसकी पत्नी के सिर और गर्दन पर भी तलवार से वार किए। शोर सुनकर गांव के लोग मौके पर पहुंच गए। उन्होंने आरोपी को घेरकर उससे तलवार छीन ली। इसके बाद लाठी-डंडों से पीट-पीटकर उसको मार डाला। पढ़ें पूरी खबर…