यूपी में अयोध्या से चित्रकूट तक 210 किमी लंबा राम वनगमन पथ बनाया जा रहा है। जिन रास्तों से होकर प्रभु श्रीराम वनवास गए थे, उधर से होकर फोरलेन हाईवे बनाया जा रहा है। लेकिन, इसके शुरू होने से पहले ही प्रयागराज के शृंगवेरपुर में हाईवे धंस गया है। करीब 500 मीटर में हाईवे की दोनों लेन पर 118 जगह सड़क धंसी है। एक से डेढ़ फीट तक दरारें आ गई हैं। पुल की ओर जाने वाला एप्रोच हिस्सा भी एक तरफ करीब 30 डिग्री तक झुक गया। पुल के नीचे से देखने पर एप्रोच की दीवारें भी करीब आधा फीट बाहर की ओर निकली दिख रही हैं। अब आनन-फानन दरारों को भरने का काम किया जा रहा है। दैनिक भास्कर ने प्रयागराज से करीब 35 किलोमीटर दूर शृंगवेरपुर में हाईवे की पड़ताल की। पढ़िए ग्राउंड रिपोर्ट… 2 तस्वीरें देखिए- कहीं-कहीं सड़क एक फीट तक नीचे धंसी हम शृंगवेरपुर में चित्रकूट की ओर जाने वाले राम वनगमन मार्ग पर पहुंचे। फोरलेन हाईवे की बाईं लेन पर चढ़े। यहां से करीब 500 मीटर आगे कानपुर हाईवे के ऊपर बने पुल तक सड़क जगह-जगह धंसी मिली। पुल की एप्रोच रोड भी करीब 30 डिग्री तक नीचे झुक गई है। फिर इसी पुल से लौटने के लिए दाईं लेन पर आए, तो आगे 500 मीटर तक इस तरफ भी यही हाल दिखा। दोनों लेन पर सड़क धंसी है। एक से डेढ़ फीट चौड़ी दरारें आ गई। कुछ बड़े गड्ढों को हमने गिना, तो बाईं-दाईं दोनों लेन पर 500 मीटर में 118 जगह सड़क धंसी मिली। कहीं-कहीं सड़क 1 फीट तक नीचे बैठ गई। इस पुल से आगे की तरफ बात करें, तो करीब 300 मीटर दूर गंगा पर पुल बना रहा है। हालांकि, आगे की तरफ सड़क ठीक है। नीचे गाड़ियां जा रहीं, ऊपर से सड़क ढहने का डर यहां आने-जाने वाले लोगों से बातचीत की। उज्ज्वल पांडेय ने कहा- निर्माण काम के समय मिट्टी को सही तरीके से दबाकर मजबूत नहीं किया गया और पर्याप्त रोलिंग भी नहीं की गई। पानी के छिड़काव और वाइब्रेशन पर भी ठीक से ध्यान नहीं दिया गया। इसके अलावा, सड़क में इस्तेमाल किए गए डामर की गुणवत्ता भी बेहद खराब दिखाई दे रही है। भारी बारिश का पानी रिसने और मिट्टी को सही तरीके से न दबाए जाने की वजह से सड़क जगह-जगह दब गई। उसमें दरारें आ गईं। पुल की एप्रोच से करीब 10-15 फीट नीचे सड़क ढहने का खतरा बना हुआ है। नीचे गाड़ियां जा रही हैं। ठेकेदार की लापरवाही से सड़क बीच से फट गई शिवा शंकर प्रजापति ने कहा- सड़क बीच से फट गई है। एक तरफ सड़क पूरी तरह झुक गई है। सड़क के नीचे ढलान बन गया है, जिससे यहां से गुजरने में भी डर लगता है। हाल ही में हुई तेज बारिश और पानी की सही निकासी नहीं होने के कारण सड़क के नीचे पानी भर गया और सड़क बैठ गई। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे भी हो गए हैं। ऐसा लगता है कि निर्माण में ठेकेदार की लापरवाही हुई है या काम जल्दबाजी में किया गया है। भाजपा नेता के भाई की कंपनी बनवा रही सड़क राम वनगमन पथ का निर्माण काम PNC इंफ्राटेक कंपनी करा रही है। इसके मालिक भाजपा के राज्यसभा सांसद नवीन जैन के भाई प्रदीप जैन हैं। इसी कंपनी ने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे को भी बनवाया था। इस एक्सप्रेस-वे में भी करीब 84 जगहों पर गड्ढे हुए थे। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे धंसने के बाद NHAI ने इस कंपनी को नॉन-परफार्मर घोषित कर दिया था। कंपनी ने भी 3 अफसरों को हटा दिया था। 4400 करोड़ से 210 किमी लंबा बन रहा राम वनगमन पथ राम वनगमन पथ परियोजना के तहत अयोध्या से चित्रकूट तक करीब 210 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क बनवाई जा रही है। इस परियोजना पर करीब 4,400 करोड़ रुपए खर्च होने हैं। इसका उद्देश्य अयोध्या, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, शृंगवेरपुर धाम, कौशांबी और चित्रकूट जैसे धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को बेहतर सड़क संपर्क मार्क से जोड़ना है। इन्हीं रास्तों से होकर प्रभु श्रीराम वनवास गए थे। इस परियोजना को दिसंबर, 2024 में बनकर तैयार होना था, लेकिन डेढ़ साल की देरी के बाद ये प्रोजेक्ट बनकर लगभग तैयार हो गया है। कहा जा रहा था कि जल्द ही PM मोदी और CM योगी द्वारा इसका उद्घाटन कर सकते हैं। 2022 में हुआ था शिलान्यास राम वनगमन पथ परियोजना का साल 2022 में शिलान्यास किया गया था। धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण इस परियोजना के पूरा होने से अयोध्या से प्रयागराज और चित्रकूट तक श्रद्धालुओं की यात्रा आसान होने की उम्मीद है। एक्सईएन बोले- भारी बारिश के चलते यह डैमेज हुआ PWD के NH विंग के अधिशासी अभियंता रवींद्र पाल सिंह का कहना है कि डैमेज हुआ पार्ट PNC कंपनी का नहीं है। बल्कि S and P कंपनी का है। हालांकि जहां पर डैमेज हुआ है, वह दोनों कंपनियों के फेज का बॉर्डर है। भारी बारिश के चलते यह डैमेज हुआ है। मेंटीनेंस का काम चल रहा है। ————————- ये खबर भी पढ़िए- यूपी का सबसे महंगा एक्सप्रेसवे 18 दिन में 84 जगह धंसा; BJP सांसद के भाई की कंपनी को ठेका मिला ‘उत्तर प्रदेश के नेशनल हाईवे अमेरिका के जैसे होंगे। ये वचन, मैं आपको देना चाहता हूं।’ – नितिन गडकरी, 13 जुलाई, 2026… ये दावा महज 18 दिन में ही गलत साबित हो गया। 63 किमी लंबा एक्सप्रेस-वे 18 दिन में 84 जगहों पर धंस चुका है। आखिरकार, NHAI को एक्सप्रेस-वे बनाने वाली कंपनी PNC इंफ्राटेक लिमिटेड को नॉन-परफॉर्मर घोषित करना पड़ा। पढ़ें पूरी खबर…