गाजियाबाद में एक युवती ने अपने पिता और भाभी पर पिस्टल तानकर गोली मारने की धमकी दी। पिता ने बेटी के कार लोन के लिए बैंक वेरिफिकेशन कराने से मना कर दिया था। 8 सितंबर का यह मामला जिला मुख्यालय से करीब 9 किलोमीटर दूर साहिबाबाद थाना क्षेत्र की वृंदावन गार्डन कॉलोनी का है। घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। पिता ने 9 सितंबर को बेटी और उसकी सहेली के खिलाफ थाने में FIR दर्ज कराई है। देखिए 2 तस्वीरें… जानिए पूरा मामला… बागपत के रहने वाले हितेश तोमर (65) के दो बच्चे हैं- बेटा अभिषेक और बेटी प्रियंका। वह बेटे अभिषेक-बहू के साथ गाजियाबाद के साहिबाबाद की वृंदावन गार्डन कॉलोनी में रहते हैं। अभिषेक एक प्राइवेट कंपनी में काम करता है। पुलिस के मुताबिक, प्रियंका का एक लड़के से अफेयर था। वह उससे शादी करना चाहती थी, लेकिन परिवार इसके खिलाफ था। ढाई साल पहले प्रियंका घर से चली गई और युवक से शादी कर ली। इसके बाद हितेश ने उसे घर आने से रोक दिया। फिलहाल प्रियंका पति के साथ इंदिरापुरम में किराए के फ्लैट में रह रही है। पहले कहासुनी, फिर हाथापाई का आरोप 25 मिनट बाद सहेली के साथ दोबारा पहुंची हितेश ने बताया- करीब 25 मिनट बाद प्रियंका अपनी सहेली के साथ दोबारा घर पहुंची। दोनों के हाथ में पिस्टल थी। उन्होंने घर के मेन गेट से अंदर घुसने की कोशिश की। इसके बाद प्रियंका ने पिस्टल निकालकर उनकी और बहू की तरफ तान दी और गोली मारने की धमकी दी। डर के कारण हितेश और उनकी बहू घर की पहली मंजिल पर चले गए। इसके बाद प्रियंका पिस्टल लहराते हुए उन्हें धमकी देकर वहां से चली गई। CCTV फुटेज के आधार पर जांच इसके बाद हितेश ने साहिबाबाद थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। परिजनों ने पुलिस को घर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी सौंप दी। पुलिस शिकायत और CCTV फुटेज के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। एसीपी साहिबाबाद अमित सक्सेना ने बताया आरोपी बेटी प्रियंका और उसकी सहेली के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। दोनों की तलाश की जा रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। ——- ये भी पढ़ें- सिपाही ने सुसाइड किया, शव देख पत्नी चीख पड़ी: पिता बेहोश होकर गिरे, ASP ने संभाला; अंबेडकरनगर में खिड़की से लटकी मिली थी लाश अंबेडकरनगर में 30 साल के सिपाही ने सुसाइड कर लिया। शुक्रवार सुबह साढ़े 5 बजे उसका शव कमरे में खिड़की की ग्रिल से लटका मिला। दरवाजा अंदर से बंद था। घटना का पता तब चला, जब सिपाही का साथी मेस की चाबी लेने पहुंचा। घटना का पता तब चला, जब सिपाही का साथी मेस की चाबी लेने पहुंचा। दरवाजा खटखटाने पर कोई जवाब नहीं मिला। पढ़िए पूरी खबर…