जैसे पापा को मारा वैसे ही हत्यारों का एनकाउंटर हो:बलिया में पूर्व CRPF जवान की बेटी बोली- हम दहशत में, कौन सहारा देगा

‘मेरे पिता सम्मान के हकदार हैं। उन्होंने देश की सेवा की, कोई चोरी नहीं की। अगर सरहद पर शहीद हुए होते तो सम्मान मिलता। लेकिन, यहां उन्हें कायरों की तरह मारा गया। हमारा बचा क्या है अब? जो था, सब गया! मेरे पापा की मौत हो गई, चाचा का पता नहीं बचेंगे कि नहीं? छोटे भाइयों को भी वो लोग मार देंगे। उनका फुल एनकाउंटर न हुआ, तो हम लोग खुद को भी जला लेंगे!’ यह दर्द है बलिया में पूर्व CRPF जवान की बेटियों और परिवार का। गुरुवार (10 सितंबर) को पड़ोसियों ने पूर्व CRPF जवान की हत्या कर दी थी। बचाने आए उनके भाई पर जानलेवा हमला किया था। एक भाई की मौत हो गई, दूसरा अस्पताल में जिंदगी-मौत से लड़ रहा है। घर पर 6 औरतें और 2 बच्चे बचे हैं। परिवार दहशत में है। सभी का एक ही सवाल है कि अब हमारा सहारा कौन है? मंत्री के आश्वासन पर अंतिम संस्कार तो करा दिया, लेकिन आरोपियों पर कार्रवाई न होने से परिवार में गुस्सा है। मामला जिला मुख्यालय से 70 किमी दूर उभांव क्षेत्र का है। दैनिक भास्कर ने परिवार से बात करके घटना का कारण जाना पढ़िए पूरी रिपोर्ट… 2 तस्वीरें देखिए… पहले मामला समझिए… बेल्थरा रोड इलाके के दोथ सोनाडीह में अमरेश बहादुर सिंह (45) का परिवार रहता है। गुरुवार रात 9 बजे पड़ोसी अचानक उनके डेयरी फार्म पर पहुंचे। उन्हें गिरा-गिराकर पीटा, फिर पेट में चाकू से कई वार किए। शोर सुनकर छोटा भाई बचाने पहुंचा, तो उसके सीने पर भी चाकू से हमला कर दिया। दोनों भाई घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। घरवाले दोनों भाइयों को अस्पताल ले गए, जहां पूर्व CRPF जवान अमरेश की मौत हो गई। भाई की हालत नाजुक बताई जा रही है। पुलिस ने रात में ही छापेमारी कर 3 आरोपियों को हिरासत में ले लिया। हत्या के 19 घंटे बाद शुक्रवार को अमरेश का अंतिम संस्कार किया गया। एक ही घर में साथ रहता था दोनों भाइयों का परिवार अमरेश बहादुर के घर पर उनकी पत्नी कंचन सिंह, 3 बेटियां कृतिका(21), रितिका(17) और रोशनी (14) हैं। कृतिका ग्रेजुएशन के फाइनल ईयर में है। अगले साल मई में उसकी शादी होनी है। रितिका बीए फर्स्ट ईयर और रोशनी 7वीं में पढ़ती है। अमरेश के साथ ही उनके भाई मंजेश (35) का परिवार भी रहता है। मंजेश की पत्नी रंजना सिंह, 2 बेटे रुद्र प्रताप (10) और ध्रुव प्रताप (9) हैं। रुद्र कक्षा- 5 और ध्रुव कक्षा- 4 में पढ़ता है। अमरेश की बड़ी मम्मी शारदा सिंह भी साथ ही रहती हैं। VRS लेकर गांव आए, भाई के साथ डेयरी शुरू की इसी साल 31 मार्च को अमरेश ने VRS ले लिया था। इसके बाद गांव आकर परिवार के साथ रहने लगे थे। अमरेश और मंजेश ने घर के पास ही डेयरी फार्म चलाते थे। घर से 50 मीटर दूर आरोपी गिरीश चन्द्र (50) का परिवार रहता है। उसकी पत्नी शीला (46), बेटा राम करन सिंह (25), बेटी खुशी (21) और छोटा बेटा सूरज (18) हैं। राम करन एक महीने पहले ही जेल से छूटकर आया है। उसकी क्रिमिनल हिस्ट्री है। गिरीश के मकान के ठीक सामने अमरेश का डेयरी फार्म है। बेटी की जुबानी, घटना वाली रात की कहानी… बेटी रितिका सिंह ने बताया- 10 सितंबर की रात हमारा पूरा परिवार घर पर था। पापा डेयरी पर सो रहे थे। अचानक पड़ोसी गिरीश अपनी पत्नी, दोनों बेटों और बेटी के साथ घर के बाहर आया। ‌वो लोग गाली-गलौज करने लगे। मेरे पापा की नींद खुल गई, तो वो भी बाहर आए। उन्होंने पूछा ऐसे किसे गाली दे रहे हो? तो उसने पापा को जवाब दिया कि अपना काम करो, मैं अपने दुश्मनों को गाली दे रहा हूं। उस समय पूरे गांव की लाइट गई हुई थी। एकदम अंधेरा था। हम लोग भी भागकर वहां पहुंचे। पापा ने कहा कि ऐसे किसी की बहन-बेटी को तुम गाली नहीं दे सकते। जो भी तुम्हारा दुश्मन है, उसका नाम लो। इस पर वो बोला कि तुम्हें ही गाली दे रहा हूं। बताओ क्या कर लोगे? ये लोग हत्या करने के इरादे से ही आए थे। पांचों लोगों के हाथों में चाकू और हथियार थे। भतीजियों को बचाने आए चाचा के पेट में चाकू घोपा पापा जैसे ही गेट खोलकर बाहर आए इन लोगों ने उन पर हमला कर दिया। पापा को चाकू लगा और वो गिर गए। उन लोगों ने मुझे गलत तरह से छूना चाहा, तो मेरे चाचा तुरंत आगे आ गए। शीला ने मेरे चाचा के पेट में खंजर घोप दिया। वो सब लोग हथियार लिए थे। हम लोगों को कुछ समझ नहीं आ रहा था। चाचा चिल्लाने लगे, तो पापा अपना घाव भूलकर दोबारा बचाने के लिए खड़े हुए। उन्होंने बताया भी नहीं कि मेरे चाकू लगा है। इन लोगों ने दोबारा उनके पेट पर खंजर से वार कर दिुया। पहले ही उनका पूरा पेट बाहर आ चुका था। हमारे सामने पापा गिर गए। उसके बाद मेरे पापा उठे ही नहीं। बेटी बोली- आरोपियों का एनकाउंटर हो, हमें सुरक्षा मिले पुलिस ने बस 3 आरोपियों को पकड़ा है। हमारे पिताजी सेना से रिटायर्ड थे, कोई चोरी नहीं की थी। आरोपियों का एनकाउंटर होना चाहिए और उनका घर गिरना चाहिए। हमें प्रशासन से सुरक्षा भी चाहिए। मेरे इतने छोटे-छोटे भाई हैं। कल को ये लोग आएंगे और इन्हें भी मार देंगे। वो बोल कर गए हैं कि तुम्हारे पूरे परिवार को खत्म करेंगे। बड़ी बेटी की अगले साल होनी है शादी इन लोगों ने 2022 में हमारे घर पर चोरी की थी। कोई बड़ी रंजिश नहीं थी। हमारा परिवार ठीक स्थिति में था, बस इसी बात से जलते थे। मेरे घर में दो गार्जियन थे। उनमें से पिताजी चले गए…मेरे चाचा वेंटिलेटर पर हैं। हम लोग के पास अब कुछ नहीं है। मेरी मां बीमार है और दीदी की अगले साल शादी होनी है। ये सब जिम्मेदारी अब कौन लेगा? हमको फुल एनकाउंटर चाहिए…फुल एनकाउंटर चाहिए। जैसे मेरे पापा का और चाचा का खून बहा है, जैसे मेरे पापा को जान से मारा गया है… हमको फुल एनकाउंटर चाहिए। ASP उत्तरी दिनेश कुमार शुक्ला ने बताया … पांच में से 3 आरोपियों शीला, सूरज और खुशी को गिरफ्तार कर लिया गया है। 2 आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 4 टीमें लगी हैं। उनको भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। ———————- यह खबर भी पढ़ें… पूर्व CRPF जवान की हत्या, अंतड़ियां बाहर आईं, बलिया में हमलावरों ने गिराकर पीटा, चाकू से गोदा; भाई पर भी जानलेवा हमला बलिया में पूर्व CRPF जवान की हत्या कर दी गई। गुरुवार रात 9 बजे पड़ोसी अचानक उनके डेयरी फार्म पर पहुंचे। उन्हें गिरा-गिराकर पीटा, फिर पेट में चाकू से कई वार किए। शोर सुनकर भाई बचाने पहुंचा तो उसके सीने पर भी चाकू से हमला कर दिया। दोनों भाई घायल होकर सड़क पर गिर गए। यह देखकर आरोपी भाग गए। घरवाले दोनों भाइयों को अस्पताल ले गए, जहां पूर्व CRPF जवान की मौत हो गई। पढ़ें पूरी खबर…