राजा भैया बोले- Gen-Z आंदोलन में आतंकियों की जय-जयकार हुई:अब शस्त्र भी उठाना होगा; रायबरेली में शिव महापुराण कथा सुनने पहुंचे

प्रतापगढ़ के कुंडा से विधायक और जनसत्ता पार्टी के अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह ‘राजा भैया’ ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन पर्चा लीक के मुद्दे पर हो रहा था, लेकिन वहां जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया गया, उसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। राजा भैया ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान भारत माता के विरोध में नारे लगाए गए और आतंकियों की जय-जयकार की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आंदोलन को मिडिल ईस्ट, पाकिस्तान से फंडिंग मिल रही थी। राजा भैया ने यह बयान शनिवार को रायबरेली में दिया। वे ऊंचाहार में मंत्री मनोज पांडेय के यहां चल रही श्री शिव महापुराण कथा में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि अब शास्त्र के साथ शस्त्र भी धारण करना होगा। अब राजा भैया का पूरा बयान पढ़िए… भारत मुर्दाबाद के नारे स्वीकार नहीं राजा भैया ने कहा कि मुझे प्रदर्शन के मुद्दे पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन प्रदर्शनकारियों की भाषा और व्यवहार पर सवाल है। प्रदर्शन के दौरान भारत मुर्दाबाद के नारे लगाए गए और आतंकियों की जय-जयकार की गई। इसे कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता है। Gen-Z हमारी सभ्यता और संस्कृति से मेल नहीं खाता राजा भैया ने ‘Gen-Z’ शब्द का जिक्र करते हुए कहा कि यह न तो हमारी सभ्यता से मेल खाता है और न ही हमारी संस्कृति और आदर्शों से। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान अभद्रता किए जाने का भी आरोप लगाया। राजा भैया ने प्रदर्शनकारियों की कथित फंडिंग पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उन्हें मिडिल ईस्ट, पाकिस्तान और यूरोप की विघटनकारी ताकतों से फंडिंग मिल रही थी। इसे समझाने के लिए उन्होंने कहा कि कल्पना कीजिए, प्रदर्शन दिल्ली में हो रहा है और प्रदर्शनकारियों के लिए पिज्जा और बर्गर का ऑर्डर लंदन से जोमैटो पर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, “लो ये पिज्जा खाओ, करना क्या है- भारत को गाली दो, भारतीयता को अपमानित करो।” कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा से लिया आशीर्वाद राजा भैया अपने बेटे शिवराज प्रताप सिंह के साथ कथा सुनने पहुंचे थे। उन्होंने कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा से आशीर्वाद भी लिया। इसके बाद उन्होंने मंच से दिल्ली के प्रदर्शन और मौजूदा सामाजिक परिस्थितियों को लेकर अपनी बात रखी। 2 तस्वीरें देखिए… ऑनलाइन कैंपेन से आंदोलन तक, कैसे शुरू हुआ CJP का सफर? अभिजीत दीपके ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की शुरुआत व्यंग्यात्मक ऑनलाइन कैंपेन के तौर पर की थी। सोशल मीडिया पर अभियान वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में छात्र इससे जुड़ गए और यह छात्र आंदोलन में बदल गया। NEET-UG 2026 के बाद बढ़ा विरोध NEET-UG 2026 में पेपर लीक और गड़बड़ियों के आरोपों के बाद CJP ने 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शुरू किया। छात्रों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, पेपर लीक की निष्पक्ष जांच और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की। 36 दिन चला धरना जंतर-मंतर पर 36 दिन चले धरने में छात्र, अभिभावक और युवा शामिल हुए। सोनम वांगचुक भी प्रदर्शन में पहुंचे। 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP ने धरना खत्म कर इसे छात्रों की जीत बताया। 12 साल में पहला मामला दावे के मुताबिक, 2014 के बाद मोदी सरकार के 12 साल के कार्यकाल में धर्मेंद्र प्रधान पहले मंत्री हैं, जिन्हें विरोध के बीच इस्तीफा देना पड़ा। इससे पहले 2018 में विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर ने ‘मी टू’ आरोपों के बीच इस्तीफा दिया था। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… सीएम योगी कथावाचक प्रदीप मिश्रा की कथा सुनने पहुंचे:बोले- ऐसी कथाएं होती रहें, कोई बाल बांका नहीं कर सकता रायबरेली में इन दिनों कथावाचक प्रदीप मिश्रा की शिव पुराण कथा चल रही है। कथा यूपी के कैबिनेट मंत्री मनोज कुमार पांडेय करा रहे हैं। कथा में रविवार दोपहर करीब 1:15 बजे मुख्यमंत्री योगी शामिल हुए। प्रदीप मिश्रा ने योगी को माला पहनाकर आशीर्वाद दिया। योगी ने कहा- जब तक भारत में ऐसी पावन कथाएं और धार्मिक आयोजन होते रहेंगे, तब तक कोई भी देश या संस्कृति का ‘बाल भी बांका’ नहीं कर सकता। पढ़ें पूरी खबर…