सपा नेता हत्याकांड सुबह से रात तक हंगामा; VIDEO:आक्रोश बढ़ा तो धरना, एनकाउंटर में दो जख्मी, चक्काजाम-तोड़फोड़

सपा नेता पवन यादव हत्याकांड को लेकर प्रयागराज में कई घंटे हंगामा चला। सरेआम हत्या किए जाने से गुस्साए परिजनों का आक्रोश लगातार बढ़ता गया। दोपहर में पोस्टमार्टम हाउस में परिजनों ने हंगामा कर धरना शुरू कर दिया। मांग रखी कि एनकाउंटर हो। पुलिस ने भी तेजी से एक्शन दिखाया। हमलावरों से पुलिस की मुठभेड़ हो गई। दो हमलावरों के पैर में गोली लगी। हत्याकांड से पुलिस ने पर्दा उठा दिया लेकिन हत्या को लेकर गुस्सा कम नहीं हुआ। नेशनल हाइवे पर शव रख जाम लगाया गया। बैरिकेडिंग तो पुलिस से कहासुनी की गई। हाइवे पर वाहनों की लंबी कतार। पुलिस ने सख्ती की तो अफराफतरी मची। सुबह से शुरू हुई खींचतान रात तक जारी रही। हालांकि अफसरों ने किसी तरह मामला संभाल लिया। 2 तस्वीरें देखिए… जानिए कैसे बदलते रहे घटनाक्रम
प्रयागराज में मंगलवार को सपा नेता पवन यादव की हत्या हो गई थी। बुधवार शाम 4 बजे पोस्टमॉर्टम के बाद शव घर पहुंचा, तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में जुटे लोगों ने शव रखकर वाराणसी-प्रयागराज नेशनल हाईवे जाम कर दिया। इससे हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन पूरी तरह से ठहर गया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने “पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद” और “हत्यारों को फांसी दो” के नारे लगाए। स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई, जब प्रदर्शनकारियों ने हाईवे पर लगी पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ दी। कुछ लोगों ने मौके पर लगे बोर्ड भी उखाड़कर फेंक दिए। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची। लोगों को समझाने का प्रयास शुरू किया। देर तक चले हंगामे के बीच अधिकारियों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। मौके पर करीब 200 पुलिसकर्मी, 10 एसीपी, 9 थानों की फोर्स, पांच गाड़ी पीएसी मौजूद रही। परिवार वालों घर के एक सदस्य को नौकरी और 2 करोड़ मुआवजे की मांग की। पुलिस अफसरों ने उन्हें समझाया। इसके बाद रात करीब 9 बजे शव लेकर उठे। पुलिस के मुताबिक, प्रधान के पति विनोद कुमार यादव ने पवन यादव की हत्या की सुपारी दी थी। पूछताछ में बुधवार को खुलासा हुआ कि पांच लाख रुपए में भदोही से शूटर बुलाए थे। हत्यारे 1.5 महीने से रेकी कर रहे थे। दोपहर में पुलिस मुठभेड़ में 2 आरोपियों को लगी थी गोली
इससे पहले बुधवार दोपहर आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस की हंडिया थाना क्षेत्र के बरौत इलाके में हिस्ट्रीशीटर जितेंद्र यादव उर्फ लल्ला और निहाल से मुठभेड़ हो गई। इसमें दोनों के पैर में गोली लग गई। पुलिस ने दोनों घायलों लल्ला यादव, निहाल और प्रधानपति विनोद कुमार यादव, बृजेश को गिरफ्तार कर लिया है। घायल लल्ला यादव और निहाल को हंडिया के CHC में भर्ती कराया गया है। इस हत्याकांड के मुख्य शूटर जितेंद्र उर्फ लल्ला यादव का लंबा आपराधिक इतिहास है। उस पर तीन जिलों प्रयागराज, कौशांबी और भदोही में कुल 44 मुकदमे दर्ज हैं। उस पर 6 बार गैंगस्टर भी लग चुका है। 5 लाख में सुपारी देकर हत्या कराई
पुलिस के मुताबिक, प्रधानपति विनोद कुमार यादव से पूछताछ में बुधवार को खुलासा हुआ कि सपा के जिला सचिव पवन यादव की हत्या कॉन्ट्रैक्ट किलिंग थी। यह हत्याकांड भाड़े के शूटरों से अंजाम दिलाया गया। इन्हें 5 लाख में सुपारी दी गई थी। हत्यारे 1.5 महीने से रेकी कर रहे थे और शूटआउट के लिए शूटर भदोही से बुलाए गए। विनोद ने पुलिस को बताया कि पवन पहले मेरे ही गांव का प्रधान रहा था और पंचायत चुनाव से ही मेरी उससे रंजिश चली आ रही थी। इस बार मेरी पत्नी प्रधान बनी तो मैंने उसे गांव में ही ECCE एजुकेटर के पद पर संविदा में लगवा दिया। पवन ने इस पर आपत्ति की और उसे हटवा दिया। इस मामले में मेरी खूब बेइज्जती हुई। गांव वालों के सामने किरकिरी भी हुई। मैंने ठान लिया था कि उसे सबक सिखाकर रहूंगा। इसके बाद मैंने अपने गांव के ही लल्ला यादव से संपर्क किया। दरअसल, लल्ला यादव 2022 में शशांक हत्याकांड में जेल गया था। उसे शक था कि उसकी मुखबिरी पवन ने ही की थी, ऐसे में वह भी उससे खुन्नस रखता था। डेढ़ महीने पहले हुई हत्या की प्लानिंग
विनोद ने कहा- इसी को लेकर मैंने करीब डेढ़ महीने पहले लल्ला यादव से संपर्क किया, जो हाल ही में जेल से छूटकर आया था और भदोही में रहता था। मैंने उससे कहा कि अगर पवन की हत्या कर दो तो 5 लाख रुपए देंगे। इतनी बड़ी रकम की बात सुनते ही लल्ला यादव तैयार हो गया। इसके बाद लल्ला यादव ने भदोही के रहने वाले निहाल अहमद से संपर्क किया जो उसका दोस्त है। दोनों की मुलाकात ज्ञानपुर जेल में मुलाकात हुई थी। लल्ला यादव ने ही इस योजना में हंडिया के बगहा निवासी बृजेश यादव को भी शामिल कर लिया। साथ ही उससे और निहाल से कहा कि इस काम के लिए वह दोनों को 50-50 हजार रुपए देगा। 42 CCTV फुटेज खंगाले, तब आरोपियों की पहचान हुई
पुलिस के मुताबिक, हमलावर बाइक से पहुंचे थे। पीछे बैठे युवक ने पवन को गोली मारी थी। पुलिस ने 42 CCTV की फुटेज भी खंगालने के बाद आरोपियों पर एक्शन लिया। एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बाइक पर हमलावर दिखाई दे रहे हैं। इसके आधार पर पुलिस ने लल्ला यादव, बृजेश यादव और निहाल अली को हिरासत में लिया। पूछताछ में सामने आया कि तीनों बाइक से वारदात करने पहुंचे थे। निहाल बाइक चला रहा था। बृजेश बीच में और लल्ला सबसे पीछे बैठा था। लल्ला यादव ने पवन यादव पर फायरिंग की। घटना में इस्तेमाल बाइक और दो तमंचे भी बरामद कर लिए गए हैं। दोनों तमंचे और कारतूस 20 हजार रुपए में खरीदे गए थे। छोटे भाई ने कहा- आरोपियों के घर पर बुलडोजर चले
पवन के छोटे भाई बृजेश यादव ने कहा- हमारे बड़े भाई की हत्या हुई है। वह जब घर से निकले,तो किसी ने उन्हें बुलाया था। जहां वह नहीं जाते थे। आज वहां कैसे चले गए, यह पता नहीं है। मेरे भाई की किसी से दुश्मनी नहीं थी। राजनीतिक व्यक्ति थे। अब हम यह चाहते हैं कि न्याय हो। जो भी हत्यारे हैं, जो खुलेआम घूम रहे हैं, उनको कड़ी से कड़ी सजा मिले। उनके घर बुलडोजर चलाया जाए। सपा प्रवक्ता बोलीं- प्रदेश में जंगलराज
सपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता निधि यादव ने कहा- आज जिस तरह से इलाहाबाद में आप देख रहे हैं कि इतनी बड़ी घटना को अंजाम दिया गया। हंडिया टाउन एरिया चलता-फिरता इलाका है। वहां दिनदहाड़े पूर्व प्रधान संघ के अध्यक्ष की हत्या कर दी गई। इस प्रदेश में जंगलराज है। यह सरकार किसी की सुरक्षा नहीं कर सकती। पवन यादव हत्याकांड को जानिए
मुगरांव गांव में रहने वाले पवन यादव प्रधान रह चुके थे। इस समय वह समाजवादी पार्टी के जिला सचिव थे। पवन अपने 2 भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके परिवार में पत्नी नीतू, 3 बेटियां- खुशी, मुस्कान और छोटी और एक बेटा प्रिंस है। मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे पवन अपनी कार से हंडिया कस्बे पहुंचे। कर्मनाशा मोहल्ले में उन्होंने अपनी कार सड़क किनारे खड़ी की। फिर पास में स्थित एक कैफे में दोस्तों से बातचीत करने चले गए। करीब 2 घंटे बाद शाम करीब 5:20 बजे बजे पवन कैफे से बाहर निकले और अपनी कार के पास पहुंचे। जैसे ही वह कार में बैठने लगे, तो प्रयागराज की ओर से बाइक सवार 3 बदमाश वहां पहुंचे। 2 बदमाशों ने हेलमेट पहन रखा था। बदमाशों ने पवन की कार के पास बाइक की रफ्तार धीमी कर दी। बाइक पर पीछे बैठे बदमाश ने पवन को सटाकर फायर कर दिया। गोली उनकी पीठ में लगी। गोली लगते ही वह लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। पूरी वारदात थाने से करीब 500 मीटर की दूरी पर हुई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल पवन को हंडिया कस्बे के एक प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें टैगोर स्थित प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने एसआरएन रेफर कर दिया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।