सुल्तानपुर में चर्चित छात्रा श्रद्धा सिंह के 2 हत्यारों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। साथ ही दोनों पर 50-50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। फैसले के दौरान दोनों सिर झुकाए खड़े रहे। गुरुवार शाम 4:20 बजे फास्ट ट्रैक कोर्ट (FTC) सेकेंड ने यह फैसला सुनाया। कोर्ट से निकलने के दौरान एक दोषी सुभाष को उसकी मां ने 500 रुपए दिए। इस पर सुभाष रोने लगा। वहीं, घूंघट ओढ़े पत्नी पति से लिपटकर रोने लगी। पति का हाथ पकड़कर बोली- मैं तुम्हें नहीं जाने दूंगी। पति के समझाने पर वह मानी। वहीं, छात्रा के पिता प्रदीप सिंह ने कहा- मेरे हिसाब से सजा कम है। फांसी होनी चाहिए थी। लेकिन, कोर्ट का फैसला स्वीकार है। मामला बल्दीराय थाना क्षेत्र का है। लॉकअप में शांत खड़े रहे दोनों दोषी कोर्ट ने दोनों दोषियों सुभाष और जयरकरन को उम्रकैद की सजा सुनाई, तो वे लॉकअप में शांत खड़े रहे। उनके वकील ने हाईकोर्ट में अपील करने की बात कहकर उन्हें जल्द छूट जाने का दिलासा दिया। सजा सुनाए जाने के बाद पुलिस जैसे ही सुभाष को लेकर बाहर निकली, तो पत्नी ने उसका हाथ पकड़ लिया। कंधे पर सिर रखकर रोने लगी और वो उसे छोड़ नहीं रही थी। पति ने उसे समझाकर हाथ छुड़ाया। इसके बाद पुलिस सुभाष को लेकर चली गई। इसके बाद पत्नी वहीं बेंच पर बैठकर फूट-फूटकर रोने लगी। वादी के अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार पांडेय ने बताया- श्रद्धा सिंह हत्याकांड में सुभाष सिंह चौहान और जयकरन को दोषी ठहराया गया है। दोनों को उम्रकैद की सजा के साथ 50-50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। पीड़ित पक्ष की ओर से 12 गवाह पेश किए गए फास्ट ट्रैक कोर्ट में पीड़ित पक्ष ने घटना साबित करने के लिए 12 गवाह पेश किए। एडीजीसी क्रिमिनल संजय सिंह और वादी पक्ष के अधिवक्ता शैलेंद्र पांडेय ने पैरवी की। बुधवार को अदालत ने सुभाष सिंह चौहान और जयकरन चौहान को दोषी करार दिया था। जयकरन की अभी शादी नहीं हुई है। उसकी हाईकोर्ट ने 3 बार जमानत भी खारिज कर दी थी। वहीं सुभाष शादीशुदा है। उसके एक बेटा और एक बेटी हैं। उसकी भी हाईकोर्ट से 4 बार जमानत खारिज हो चुकी थी। दोनों की गिरफ्तारी 24 सितंबर, 2020 को हुई थी। तीसरे की फाइल स्टे, चौथे की चल रही अलग सुनवाई मामले के एक अन्य आरोपी जगबरन यादव की फाइल पर हाईकोर्ट से स्टे है। इसलिए उसके खिलाफ आगे की कार्रवाई नहीं हुई है। बताया गया है कि छात्रा ने मजिस्ट्रेट के सामने दिए बयान में उसका नाम नहीं लिया था। वहीं, एक अन्य आरोपी महंथ लंबे समय तक फरार रहा था। जुलाई- 2026 में पुलिस ने उसे देहली बाजार से गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उसकी सुनवाई अलग से चल रही है। अब एक नजर हत्या के मामले पर… यह पूरा मामला 21 सितंबर, 2020 की सुबह का है। टड़सा में रहने वाले प्रदीप सिंह की बीएससी फर्स्ट ईयर में पढ़ने वाली 17 साल की बेटी श्रद्धा घर में अकेली थी। उस समय उसकी मां अपने पति से मिलने जेल गई थी। इसी दौरान करीब 500 मीटर दूर ऐंजर गांव के सुभाष सिंह चौहान, जयकरन, महंत और जगन्नाथ उसके घर पहुंचे। उन्होंने श्रद्धा के हाथ-पैर और मुंह बांधकर उस पर केरोसिन छिड़क दिया और आग लगा दी। मजिस्ट्रेट को दिए बयान में तीन नाम बताए इसमें श्रद्धा बुरी तरह से झुलस गई थी। इसके बाद श्रद्धा को धनपतगंज की सीएचसी ले जाया गया। वहां मजिस्ट्रेट को दिए बयान में श्रद्धा ने सुभाष सिंह चौहान, जयकरन और महंत के नाम बताए थे। हालत गंभीर होने पर श्रद्धा को सुल्तानपुर जिला अस्पताल और फिर लखनऊ रेफर किया गया। लखनऊ में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई था। बेटी के अंतिम संस्कार के लिए पैरोल पर आए थे पिता श्रद्धा की मौत के अगले दिन उसके पिता प्रदीप सिंह पैरोल पर जेल से बाहर आए और बेटी का अंतिम संस्कार किया था। पिता का कहना है कि काफी दबाव के बाद पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज किया था। प्रदीप सिंह ने बताया कि उनके पास 3 बीघा जमीन थी, जिस पर बेटी के हत्यारे कब्जा करना चाहते थे। 8 जून, 2020 को वह खेत जोत रहे थे, तभी वे लोग वहां पहुंचे थे। इसी दौरान झगड़ा हुआ था। इस झगड़े में सुभाष सिंह के पिता कुंवर सिंह (70) की मौत हो गई थी। छात्रा के पिता समेत 29 लोगों पर दर्ज हुआ था केस कुंवर सिंह की मौत के मामले में पुलिस ने प्रदीप सिंह समेत 14 नामजद और 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद श्रद्धा की हत्या का मामला सामने आया था। अब इसी हत्याकांड में सुभाष सिंह चौहान और जयकरन को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। ———————— यह खबर भी पढ़ें… योगी के चेहरे पर ही लड़ा जाएगा विधानसभा चुनाव, संघ ने भाजपा को जमीनी हकीकत बताई, कहा- मनमुटाव छोड़कर तैयारी में लग जाएं यूपी विधानसभा चुनाव सीएम योगी के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा। चुनाव में योगी ही चेहरा होंगे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शीर्ष पदाधिकारियों की मौजूदगी में हुई समन्वय बैठक में यह स्पष्ट कर दिया गया है। संघ ने संगठन यानी भाजपा पदाधिकारियों से कहा- मनमुटाव और सभी समस्याएं भूलकर अब चुनावी तैयारी में लग जाएं। संघ ने जमीनी स्तर पर संगठनों से मिले फीडबैक के आधार पर भाजपा और सरकार को कुछ सुझाव भी दिए। पूरी खबर पढ़ें