कासगंज में जय श्रीराम बोलने पर भड़का टीचर:छात्रों को फटकारा, बोला- इतने देवी-देवता, संकट में कौन बचाएगा; बजरंग दल ने कॉलेज घेरा

कासगंज में एक शिक्षक पर छात्रों को ‘जय श्रीराम’ बोलने से रोकने और डांटने का आरोप लगा है। छात्रों के मुताबिक, शनिवार सुबह करीब 11 बजे कक्षा में भगवान से जुड़े विषय पर चर्चा हो रही थी। इसी दौरान छात्रों ने ‘जय श्रीराम’ बोलकर अपनी बात रखी। आरोप है कि इस पर शिक्षक ने उन्हें डांटा और ‘जय श्रीराम’ बोलने से मना किया। शिक्षक ने पूछा कि हिंदू धर्म में इतने देवी-देवता हैं, ऐसे में संकट के समय कौन बचाने आएगा? कॉलेज की छुट्टी के बाद छात्रों ने इसकी जानकारी बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को दी। इसके बाद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कॉलेज पहुंच गए और हंगामा किया। कार्यकर्ताओं ने कॉलेज परिसर में ‘जय श्रीराम’ के नारे भी लगाए। कार्यकर्ताओं ने शिक्षक से कहा, “आप यहां पढ़ाने आते हैं या फिर ये सब करने। अगर राम-लक्ष्मण नहीं आएंगे तो क्या अल्लाह बचाने आएंगे?” मामला प्रिंसिपल तक पहुंचने के बाद शिक्षक से पूरे मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया है। अब जानिए पूरा मामला सोरोंजीं में संत तुलसीदास म्युनिसिपल इंटर कॉलेज का है। शिक्षक जनार्दन राम यहां सामाजिक विज्ञान पढ़ाते हैं। पिछले 5 साल से कॉलेज में तैनात हैं। छात्रों ने शिक्षक पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और इतिहास को गलत तरीके से पेश करने का आरोप लगाया है। कक्षा 9 के छात्र प्रांशु ने बताया- क्लास में छात्रों ने ‘जय श्रीराम’ का नारा लगाया, तो शिक्षक जनार्दन राम ने उन्हें डांटना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि “भक्ति करनी है तो घर पर जाओ।” उन्होंने यह भी कहा कि कोई किसी भगवान के आने की बात करता है। कोई किसी दूसरे के, लेकिन भगवान एक ही होना चाहिए। शिक्षक बोले- मेरी बात को गलत समझा गया शिक्षक जनार्दन राम ने आरोपों को गलत बताया। उन्होंने बताया कि मैं कक्षा में एक कहानी और उदाहरण के जरिए बच्चों को समझा रहा था। अलग-अलग धर्मों की मान्यताओं के बारे में बता रहा था। मैंने उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा- मुस्लिम धर्म में खुदा और ईसाई धर्म में ईसा मसीह को माना जाता है। इसी संदर्भ में मैंने बच्चों से बात की थी, लेकिन उनकी बात को गलत समझ लिया गया। शिक्षक बोले- मेरी बात को गलत समझा गया जनार्दन राम का कहना है कि हिंदू धर्म में कई देवी-देवताओं को माना जाता है। इसी बात को समझाने के लिए उन्होंने बच्चों से पूछा था कि अगर कोई व्यक्ति संकट में है तो इतने देवी-देवताओं में से उसे बचाने कौन आएगा। उन्होंने यह सवाल केवल उदाहरण के तौर पर पूछा था। किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था। लेकिन, बच्चों ने मेरी बात को गलत तरीके से समझा। बजरंग दल ने निष्पक्ष जांच की मांग की बजरंग दल के जिला संयोजक गोविंद महेरे ने कहा- शिक्षा के मंदिर में धार्मिक भेदभाव और देवी-देवताओं पर टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले की निष्पक्ष जांच कर शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाए। कॉलेज के प्रिंसिपल राम करन ने बताया कि शिक्षक को नोटिस दिया गया है। उन्हें तीन दिन के अंदर अपना जवाब देना है। जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले में पुलिस से कोई शिकायत नहीं की गई है। ……………… यह खबर भी पढ़ें- मुस्लिम बनने वाला आयुष बोला- चांदनी से ही शादी करूंगा:शामली में लड़की वालों ने कहा- बेवजह फंसाया, हमारी गलती तो चौराहे पर गोली मार दो शामली के रहने वाले आयुष मलिक ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के सामने अपनी मर्जी से इस्लाम अपनाने की बात कही है। आयुष ने अपनी गर्लफ्रेंड चांदनी कुरैशी के साथ शादी करने की इच्छा भी जताई। कोर्ट ने आयुष को इसकी अनुमति देते हुए कहा- बालिग व्यक्ति के धर्म, निवास और जीवनसाथी की पसंद से जुड़े फैसलों पर केवल पारिवारिक असहमति के आधार पर रोक नहीं लगाई जा सकती। यहां पढ़ें पूरी खबर