यूपी में भाजपा के 8 राज्यसभा प्रत्याशियों का ऐलान:बाराबंकी की पूर्व सांसद प्रियंका रावत और गवर्नर संतोष गंगवार की बेटी को टिकट मिला

यूपी में राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा ने 8 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। इनमें 2 महिलाएं हैं। बाराबंकी की पूर्व सांसद प्रियंका सिंह रावत और बरेली की श्रुति गंगवार को भाजपा ने उम्मीदवार बनाया गया है। श्रुति झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार की बेटी हैं। वह वर्तमान में बरेली अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की अध्यक्ष हैं। लिस्ट देखिए… जानिए वोटिंग होने पर कैंडिडेट जिताने का अंकगणित क्या है? यूपी विधानसभा में कुल सीटों की संख्या 403 है। मौजूदा समय में 7 सीटें खाली हैं। यानी, मौजूदा समय में 396 विधायक हैं। राज्यसभा की 10 सीटों पर चुनाव के लिए जो फॉर्मूला अपनाया जाएगा, वह 396/11+1 होगा। यानी 396 को 11 से भाग देने पर जो संख्या आएगी, उसमें एक जोड़ा जाएगा। यानी एक सदस्य को चुनने के लिए 37 प्रथम वरीयता वोट की जरूरत पड़ेगी। अगर किसी ने एक्स्ट्रा कैंडिडेट नहीं उतारे तो बीजेपी 8 और सपा 2 प्रत्याशी निर्विरोध जिताने में सफल होगी। लेकिन अगर चुनाव हुए तो दोनों खेमों में किसी एक का गणित बिगड़ सकता। दरअसल, सपा के पास मौजूदा समय में 100 विधायक ही हैं। इसमें से भी रमाकांत यादव जेल में बंद हैं। यानी संख्या घटकर 99 रह जाती है। वह दो प्रत्याशी तो आराम से जिता सकती लेकिन तीसरे प्रत्याशी को उतारती है तो वोटिंग होना तय है। ऐसे में सपा को तीसरे प्रत्याशी को जिताने के लिए कम से कम 12 और एक्स्ट्रा वोटों की जरूरत पड़ेगी। इस स्थिति में भाजपा को 8वां कैंडिडेट जिताने के लिए कम से कम 6 एक्स्ट्रा वोटों की जरूरत पड़ेगी। अगर वोटिंग होती है तो क्रास वोटिंग का भी खतरा मंडराने लगेगा। ऐसे में दूसरी और तीसरी वरीयता के वोटों की गिनती अहम हो जाती है। इसके लिए विधायकों को बकायदा प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्हें बताया जाता है कि किस विधायक को किस कैंडिडेट के लिए प्रथम वरीयता पर रखना है और किसे दूसरी व तीसरी वरीयता पर। इसी तरह गिनती में निर्धारित कोटे तक पहुंचने पर संबंधित प्रत्याशी को विजयी घोषित कर दिया जाता है। अब जानिए सपा प्रत्याशियों के बारे में… सपा प्रत्याशी धनराज परिमल नथवानी रिलायंस इंडस्ट्रीज के ग्रुप प्रेसिडेंट हैं। उन्हें जाने-माने बिजनेसमैन मुकेश अंबानी का करीबी माना जाता है। वह गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के प्रेसिडेंट भी हैं। पिता परिमल नथवानी झारखंड से निर्दलीय राज्यसभा सांसद हैं। 3 महीने पहले NDA के समर्थन से राज्यसभा पहुंचे थे। जबकि सपा के दूसरे प्रत्याशी प्रो.रामगोपाल यादव, अखिलेश यादव के चाचा हैं। वह 90 के दशक से लगातार राज्यसभा में सपा की ओर से जा रहे हैं। एक बार लोकसभा सांसद भी रह चुके हैं। वर्तमान में राम गोपाल यादव पार्टी के प्रमुख महासचिव भी हैं।