सपा नेता आजम खान पर एक और FIR दर्ज कराई गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ी वित्तीय गड़बड़ी को लेकर FIR कराई है। FIR ईडी के लखनऊ कार्यालय में तैनात डिप्टी डायरेक्टर पीयूष एस. थ्रोट ने रामपुर के अजीमनगर थाने में दर्ज कराई है। अजीमनगर थाना प्रभारी ने बताया- FIR में सरकारी पद के गलत इस्तेमाल, धोखाधड़ी और बड़े पैमाने पर करप्शन के आरोप लगाए गए हैं। इसमें रामपुर जेल में बंद सपा नेता आजम के अलावा जौहर अली ट्रस्ट, जौहर यूनिवर्सिटी की बिल्डिंगों के निर्माण से जुड़ी दो कंपनियों एसएसएंडएस इंटरप्राइजेज, एसके चिके प्रा. लि. और एक अज्ञात समेत 5 के नाम हैं। इससे पहले, लखनऊ से पहुंची 3 अफसरों की ईडी टीम ने मंगलवार को जेल की बैरक नंबर-1 में करीब 8 घंटे तक पूछताछ की थी। ED ने लखनऊ की PMLA कोर्ट (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) से आजम से 4 दिन पूछताछ की इजाजत ली है। पूछताछ 16 अक्टूबर तक चलेगी। सूत्रों के मुताबिक, पहले दिन आजम से जौहर यूनिवर्सिटी और मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट में धांधली को लेकर सवाल किए गए। चंदा कहां-कहां से मिला? पूछा गया। इस पर आजम खान पहले तो बीमारी का बहाना बनाते रहे। बाद में उन्होंने कुछ सवालों के जवाब दिए। लखनऊ से पहुंचे थे 3 अफसर, सीधे आजम की बैरक में गए आजम ने 78 करोड़ दिखाकर खर्च किए 494 करोड़ अक्टूबर को सपा विधायक से पूछताछ हुई थी 6 अक्टूबर को रामपुर की चमरौआ विधानसभा सीट से सपा विधायक नसीर अहमद खान से ED ने 7 घंटे पूछताछ की थी। नसीर जौहर ट्रस्ट के संयुक्त सचिव रह चुके हैं। ईडी ने सपा विधायक को समन भेजकर पूछताछ के लिए लखनऊ बुलाया था। पूछताछ के दौरान ट्रस्ट में लिए जाने वाले फैसलों, चंदे और जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण कार्यों में उनकी भूमिका को लेकर सवाल किए गए थे। अगस्त में 10 ठिकानों पर हुई थी छापेमारी ईडी ने 19 अगस्त को रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली में जौहर ट्रस्ट, विश्वविद्यालय और आजम खान से जुड़े 10 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान वित्तीय लेन-देन, चंदे और निर्माण कार्यों से जुड़े दस्तावेजों की जांच की गई थी। इसके बाद एजेंसी ने मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ कर जांच आगे बढ़ाई। आजम की जौहर यूनिवर्सिटी और उसके विवाद के बारे में जानिए ———————– ये खबर भी पढ़ें- ‘मेरा सहारा था, न्यूजीलैंड से आकर बेटों ने मार डाला’:रामपुर में पत्नी बोली- गलती तो हम दोनों की थी, ससुराल से भागकर शादी की थी ‘पहले पति की मौत के बाद नवजोत ने मुझे सहारा दिया था। अगर गलती थी, तो हम दोनों की थी। जो सही लगा, हमने किया। शादी के बाद हम डरकर भागते रहे। मेरे दोनों बेटे और ससुरालवाले धमकी देते थे कि तुम दोनों की जान ले लेंगे। धीरे-धीरे सब सही हो रहा था। तभी बेटों ने पति को मार दिया। उनको सख्त सजा मिलनी चाहिए।’ यह कहना है उस महिला का, जिसके दूसरे पति की उसी के बेटे ने न्यूजीलैंड से आकर हत्या कर दी। बेटे मां की दूसरी शादी से नाराज थे। पूरी खबर पढ़ें