AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी रविवार को रामपुर पहुंचे। यहां उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव और बीजेपी पर निशाना साधा। ओवैसी ने कहा- अखिलेश ने राज्यसभा में अपने चाचा को सीट दे दी। दूसरे उम्मीदवार नथवानी को बनाया। नथवानी के पिता सीनियर नथवानी ने झारखंड में इंडिया अलायंस के उम्मीदवार को हराया। अब अखिलेश ने जूनियर नथवानी को अपना उम्मीदवार बना दिया। बाप भाजपा में और बेटा तुम्हारे पास। बोलो, ये रिश्ता क्या कहलाता है? ओवैसी ने कहा- एक तरफ नथवानी मोदी शासन के 25 साल पूरे होने पर बधाई दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जब हम चुनाव लड़ते हैं तो हमें भाजपा की बी-टीम कहा जाता है।अखिलेश, तुमने भाजपा से सौदा करके भाजपा के आदमी को सपा का टिकट दिया। ये दोस्तनुमा दुश्मन हैं, हमेशा हमारे। ओवैसी रामपुर के टांडा स्थित मंशब अली स्टेडियम में रविवार शाम करीब 7:30 बजे पहुंचे और जनसभा को संबोधित किया। अब औवेसी की बड़ी बातें पढ़िए 1. बोले- मेरे भाषण में हिंदू भाइयों के खिलाफ एक जुमला नहीं ओवैसी ने कहा- मेरे इतने भाषण हैं। मेरे एक भाषण में एक जुमला बता दीजिए, जहां मैंने भारत के खिलाफ या हमारे किसी हिंदू भाई के खिलाफ कोई बात कही हो। मैं यकीनन भाजपा के खिलाफ रहा हूं। मैं आरएसएस की विचारधारा के खिलाफ हूं, क्योंकि मैंने उसे पढ़ा है। मैंने आरएसएस के संबंध में कई किताबें पढ़ी हैं। कई विशेषज्ञों से बातचीत की है। मैं जानता हूं कि आरएसएस का मकसद भारत को हिंदू राष्ट्र बनाना है। 2. अब नेहरू, गांधी या किसी यादव को अपना नेता नहीं बनाएंगे ओवैसी ने कहा कि अब मुस्लिम समुदाय अपनी राजनीतिक लीडरशिप तैयार करेगा। अब हम किसी नेहरू, गांधी या किसी यादव को अपना नेता नहीं बनाएंगे। हमारी कतारों से नौजवान बेटे-बेटियां खड़े होंगे। मुस्लिम युवाओं में भी दूसरे समुदायों के युवाओं जितनी काबिलियत है, लेकिन उन्हें मंच नहीं मिलता। मजलिस उन्हें नेतृत्व करने का अवसर दे रही है, ताकि वे भारत की अगुवाई करें और अपने समुदाय को इंसाफ दिलाएं। 3. अब्दुल दरी नहीं बिछाएगा, विधायक और सांसद बनेगा मुस्लिमों को केवल राजनीतिक कार्यक्रमों में दरी बिछाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब्दुल दरी नहीं बिछाएगा। अब्दुल, इंशाअल्लाह, नेता बनेगा, विधायक बनेगा, सांसद बनेगा। दूसरे दलों के नेता कार्यक्रमों में आकर बैठते हैं, जबकि मुस्लिम कार्यकर्ता पीछे खड़े रहते हैं। अब यह स्थिति बदलनी चाहिए और मुस्लिम समुदाय को अपना नेतृत्व खुद तैयार करना चाहिए। 4. मौलाना आजाद रामपुर और गुड़गांव से चुनाव क्यों लड़े ओवैसी ने रामपुर, मुरादाबाद, मटेरा, आजमगढ़ और सहारनपुर जाने पर सवाल उठाने वालों को जवाब दिया। उन्होंने 1952 के पहले लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि मौलाना अबुल कलाम आजाद रामपुर से चुनाव लड़े थे। जवाहरलाल नेहरू ने उन्हें रामपुर जाने के लिए कहा था, क्योंकि वहां मुस्लिम आबादी अधिक थी। 1957 में मौलाना आजाद ने गुड़गांव से चुनाव लड़ा, जिसके संसदीय क्षेत्र में मेवात भी था। ओवैसी ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दल कभी नहीं चाहते थे कि मुस्लिमों की अपनी स्वतंत्र राजनीतिक लीडरशिप तैयार हो। 5. बोले- अखिलेश-बाबा, तुम्हारा वक्त आया, हमारा दौर आएगा ओवैसी ने आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि जैसे-जैसे चुनाव करीब आएगा, उनके विरोधी और गठबंधन के दुश्मन सक्रिय होंगे। कुछ देर की खामोशी है, फिर शोर आएगा। तुम्हारा वक्त आया है। अखिलेश-बाबा, तुम्हारा वक्त आया है, हमारा दौर आएगा। उन्होंने AIMIM समर्थकों से केवल सभाओं में नारे लगाने के बजाय बूथ स्तर पर काम करने की अपील की। कहा कि हर कार्यकर्ता पांच लोगों को अपने साथ जोड़े, ताकि पार्टी को मजबूती मिल सके। 6. आजम खान और तौकीर रजा की रिहाई की दुआ की ओवैसी ने कहा कि वह चाहते हैं कि आजम खान की तकलीफें और मुश्किलें खत्म हों। उन्होंने उनके लिए दुआ करने की बात कही। साथ ही, उन्होंने फतेहगढ़ जेल में बंद मौलाना तौकीर रजा खान की जल्द रिहाई की दुआ की। ओवैसी ने शिफा-उर-रहमान, सफूरा जरगर, इशरत जहां और शरजील इमाम का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि इन लोगों के जेल जाने पर विपक्ष के नेता उनके समर्थन में उसी तरह क्यों नहीं आए, जिस तरह दूसरे नेताओं के मामलों में सक्रिय होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्लिमों के साथ ऐसा होने पर विपक्षी नेता वैसी सक्रियता नहीं दिखाते। 7. बोले- सरकारें बनाकर क्या फायदा, अगर गरीबी और नाइंसाफी दूर नहीं हुई ओवैसी ने कहा कि उनकी लड़ाई केवल वोट हासिल करने के लिए नहीं, बल्कि विकास और लोगों की परेशानियां दूर करने के लिए है। उन्होंने 2014, 2017, 2019, 2022 और 2024 के चुनावों का जिक्र करते हुए भाजपा की जीत की बात कही और 2027 के विधानसभा चुनाव का उल्लेख किया। उन्होंने सवाल किया कि सरकारें बनवाने से क्या फायदा, अगर लोग अपने घरों में रोशनी तक नहीं ला पा रहे हैं। गरीबी व अन्याय का सामना कर रहे हैं। रामपुर और मुरादाबाद का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्लिमों और दलितों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिलतीं। रामपुर की साक्षरता दर 53%, उत्तर प्रदेश की 67% और रामपुर में महिलाओं की साक्षरता दर 44% बताई। साथ ही, उन्होंने दावा किया कि रामपुर में 70% बच्चे एनीमिया से प्रभावित हैं। 8. बोले- मुस्लिम युवा भी नेता बन सकते हैं, आने वाली पीढ़ी को गरीबी से निकालना है ओवैसी ने टांडा के बीड़ी बनाने वाले और दूसरे गरीब परिवारों का जिक्र करते हुए पूछा कि क्या वे चाहते हैं कि उनकी अगली पीढ़ी भी यही काम करे या स्कूल-कॉलेज जाकर तरक्की करे। उन्होंने टांडा के 21 वर्षीय युवक और सैफई के एक युवक की तुलना करते हुए कहा कि एक के पास शिक्षा, सुविधाएं और अपना राजनीतिक नेता है, जबकि दूसरे के पास आगे बढ़ने के अवसर नहीं हैं। उन्होंने सवाल किया कि अगर दादा और पोता पीढ़ियों तक एक ही काम करते रहें, तो क्या यह इंसाफ है। ओवैसी ने अखिलेश यादव और इंडिया गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा, “तुम इनको इंसान नहीं समझते, तुम इनको वोटर समझते हो। मैं इनको इंसान समझता हूं, अपना बेटा, अपना भाई, अपना भविष्य और अपना नेता समझता हूं।” ……………… यह खबर भी पढ़ें नामर्द कहने वाली राखी सावंत बोलीं- जेल जाना मंजूर:झांसी के लड़के को बेइज्जत किया था, सदमे में मौत हुई; कोर्ट ने वारंट जारी किया था झांसी कोर्ट ने शनिवार को बॉलीवुड अभिनेत्री राखी सावंत के खिलाफ गैर जमानती वारंट (NBW) जारी किया है। 16 साल पहले ‘राखी का इंसाफ’ शो में राखी सावंत ने झांसी के रहने वाले 24 साल के लक्ष्मण प्रसाद अहिरवार को नामर्द कहकर बेइज्जत किया था। पूरी खबर पढ़ें…