प्रयागराज में एक महिला प्रोफेसर से गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। आरोप यूनिवर्सिटी के कुलसचिव एसएस मिश्रा और लीगल एडवाइजर सर्वेश मिश्रा पर हैं। असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. वंदना मिश्रा ने बताया- 11 सितंबर, 2026 को मेरे साथ अभद्रता की गई। लीगल एडवाइजर ने जूता उतारकर मारने की कोशिश की। मुझे नौकरी से निकलवाने और करियर खत्म करने की धमकी दी। घटना के 44 दिन बाद रविवार को FIR दर्ज की गई। मामला सरायइनायत थाना क्षेत्र की है। अब पढ़िए पूरा मामला डॉ. वंदना मिश्रा 2019 से नेहरू ग्राम भारती मानित विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर होने के साथ विशेष शिक्षा विभाग की विभागाध्यक्ष (HOD) भी हैं। उन्होंने बताया- 11 सितंबर को दोपहर करीब 2:30 से शाम 5 बजे के बीच मैं प्रति कुलपति प्रो. सुरेश चंद्र तिवारी के ऑफिस गई थी। मुझे डीएड स्पेशल एजुकेशन (एचआई) में प्रवेश से संबंधित विभागीय काम था। वहां विश्वविद्यालय के लीगल एडवाइजर सर्वेश मिश्रा भी मौजूद थे। सर्वेश मिश्रा ने मुझे देखकर कार्यकारी कुलसचिव एसएस मिश्रा को फोन करके कार्यालय बुला लिया। मैंने प्रति कुलपति को बताया कि साल-2025 में समय से आवेदन और जरूरी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी। इससे डीएड स्पेशल (एचआई) और एमएड स्पेशल (एचआई) के अनुमोदन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी। फाइल और जरूरी दस्तावेज उपलब्ध करा दिए जाएं, तो अगले सत्र के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी कराई जा सकती है। बोले- ऐसी लिखित कार्रवाई करूंगा कि करियर खत्म हो जाएगा डॉ. वंदना ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि कार्यकारी कुलसचिव एसएस मिश्रा मुझसे अभद्रता करने लगे। गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। कहने लगे कि वह कुलसचिव हैं। मेरे खिलाफ ऐसी लिखित कार्रवाई करेंगे कि मेरा करियर खत्म हो जाएगा। इसी दौरान लीगल एडवाइजर सर्वेश मिश्रा भी मुझसे गाली-गलौज करने लगे। फिर जूता उतारकर चिल्लाते हुए मेरे काफी करीब आ गए थे। इस पर मैं डरकर रोने लगी। स्थिति बिगड़ती देख प्रति कुलपति कार्यालय के बाहर मौजूद 4-5 कर्मचारी वहां पहुंचे। वे लोग सर्वेश मिश्रा को जबरन खींचकर बाहर ले गए। सर्वेश ने मुझे जान से मारने की धमकी देने के साथ मेरे चरित्र को लेकर भी आपत्तिजनक बातें कहीं। कुलपति कार्यालय से बाहर भी गाली-गलौज की शिकायत में डॉ. वंदना ने कहा है कि कार्यालय से बाहर जाने के बाद भी सर्वेश मिश्रा ने गाली-गलौज करते रहे। उन्होंने धमकी दी कि अब देखेंगे कि मैं विश्वविद्यालय में नौकरी कैसे करती हूं? मेरे साथ ऐसा बुरा करने की धमकी दी, जैसा किसी ने नहीं किया होगा। डॉ. वंदना का यह भी आरोप है कि इस दौरान एसएस मिश्रा मुझ पर हंसते रहे और करीब 5 मिनट तक मुझे घूरते रहे। VC और प्रो-VC को ईमेल भेजा, महिला आयोग से शिकायत डॉ. वंदना के मुताबिक, घटना के बाद उन्होंने 11 सितंबर को ही कुलपति और प्रति कुलपति को ईमेल से लिखित शिकायत भेज दी थी। 12 सितंबर को महिला आयोग को भी शिकायत की। इसके अलावा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और पुलिस कमिश्नर से भी कार्रवाई की मांग की। शिकायत के आधार पर तत्कालीन चौकी प्रभारी विक्रांत तिवारी ने जांच की थी, लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ा। शिकायत करने के बाद भी एफआईआर दर्ज कराने के लिए उन्हें भटकना पड़ा। समझौता पत्र पर हस्ताक्षर का दबाव बनाया डॉ. वंदना ने आरोप लगाया कि बाद में विश्वविद्यालय की ओर से फोन करके उन्हें जांच कमेटी के सामने बुलाया गया। वहां उनकी ही गलती बताई गई और समझौता पत्र पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया गया। वह घटना के बाद से मेडिकल लीव पर हैं। उन्होंने 10 अक्टूबर को फिर सरायइनायत थाने में शिकायत दी। इसके बाद भी जब कार्रवाई नहीं हुई, तो दो दिन पहले दोबारा थाने पहुंचीं। इसके बाद उनकी एफआईआर दर्ज की गई। CCTV फुटेज सुरक्षित कराने की मांग डॉ. वंदना ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और घटना से जुड़े साक्ष्य सुरक्षित रखने की मांग की है। कहा कि प्रति कुलपति के कार्यालय और कॉरिडोर में लगे सीसीटीवी की 11 सितंबर को दोपहर 2:30 से शाम 5 बजे तक की फुटेज सुरक्षित कराई जाए। एडीसीपी गंगानगर पुष्कर वर्मा ने बताया- पीड़ित असिस्टेंट प्रोफेसर की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। ————————– ये खबर भी पढ़ें… मऊ में मोदी की तस्वीर के साथ टोटका, सुई से छिदे 9 नींबू, 4 नारियल और सिंदूर मिला मऊ में पीएम नरेंद्र मोदी की तस्वीर के पास टोटका सामग्री मिलने के बाद अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। तस्वीर के पास सुई से छिदे 9 नींबू, चारों कोनों पर कलावा बंधे 4 नारियल, लाल धागा और सिंदूर रखा था। मामला जिला मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर दूर दोहरीघाट थाना क्षेत्र में सरयू नदी के किनारे स्थित मुक्तिधाम का है। पढ़ें पूरी खबर…