श्रीकृष्ण को ‘टेढ़ा’ बताने पर धीरेंद्र शास्त्री पर केस:कहा था- तुम्हारे कृष्ण 3 जगह से टेढ़े; वकील ने आगरा कोर्ट में दाखिल किया परिवाद

आगरा में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ आपराधिक मानहानि का केस दायर किया गया है। यह मामला भगवान श्रीकृष्ण को ‘टेढ़ा’ बताने वाले बयान से जुड़ा है। आगरा के वकील अजय प्रताप सिंह ने सिविल कोर्ट में परिवाद दाखिल किया है। उनका आरोप है कि टिप्पणी से भगवान श्रीकृष्ण के वंशजों की सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है। परिवाद में जादौन, जडेजा और भाटी क्षत्रिय वंश का जिक्र है। कोर्ट ने गुरुवार को परिवाद दर्ज कर लिया। अगली सुनवाई 14 दिसंबर को होगी। धीरेंद्र शास्त्री ने हाथ जोड़कर माफी मांगी थी दरअसल, 29 अक्टूबर को शिवपुरी के करैरा में रामकथा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने कहा था- ‘हमारे राम सीधे हैं, तुम्हारे कृष्ण टेढ़े।’ विवाद बढ़ने पर उन्होंने हाथ जोड़कर माफी मांगी थी। उन्होंने कहा था कि राम और कृष्ण एक ही हैं और उनका किसी तरह का भेद करने का इरादा नहीं था। मोहम्मद फैज खान ने धीरेंद्र शास्त्री का किया समर्थन वहीं, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय संयोजक मोहम्मद फैज खान ने धीरेंद्र शास्त्री के बयान का समर्थन किया है। उन्होंने कहा- यूपी चुनाव और 6 कथाओं से विपक्ष भयभीत है। धीरेंद्र शास्त्री सनातन धर्म का प्रचार देश-विदेश में कर रहे हैं। इसी वजह से उन्हें बदनाम करने और फंसाने की कोशिश की जा रही है। परिवाद में ऐतिहासिक पुस्तकों का हवाला अजय प्रताप सिंह ने परिवाद में मथुरा गजेटियर और अलेक्जेंडर कनिंघम की पुस्तक ‘रिपोर्ट ऑन ईस्टर्न राजपूताना 1882-83’ का हवाला दिया है। उनका दावा है कि इन दस्तावेजों में जादौन, जडेजा और भाटी क्षत्रिय वंश का जिक्र मिलता है। उन्होंने खुद को माता पक्ष से भगवान श्रीकृष्ण का वंशज बताया है। यह परिवाद सिविल जज जूनियर डिवीजन-5 की अदालत में न्यायाधीश कंचन कुमारी के समक्ष पेश किया गया। धीरेंद्र शास्त्री ने रामकथा में क्या-क्या कहा था ? पं. धीरेंद्र शास्त्री ने कथा में बैठे श्रद्धालुओं से कहा था- एक भी फोटो देख लो तुम अपने वाले ठाकुर जी की। एक भी फोटो। बैठे हैं ऐसे तो ऐसे… कहीं ऐसे। तम्हारे वाले तो खड़े भी होते हैं तो तीन जगह से टेढ़े। पांव के ऊपर पांव, कमर कहीं लचकाएं, खोपड़िया ऐसी करें, ऐसी खोपड़िया करें, फिर बंसी बजाएं ऐसे टेढ़े करके। इसके बाद उन्होंने भगवान राम की तुलना करते हुए कहा था- हमारे वाले तो खड़े भी होते हैं एकदम सीधे। हमारे वाले का नाम भी सीधा। हमारे वाले का चलना भी सीधा, हमारे वाले दिखते भी सीधे। तुम्हारे वालों का नाम भी टेढ़ा, चलते भी टेढ़े, खड़े भी टेढ़े होते हैं। ‘बंसी बजाना खेल भी है, धनुष चलाना खेल नहीं’ भगवान राम और कृष्ण की तुलना करते हुए पं. धीरेंद्र शास्त्री ने बंसी बजाने और धनुष चलाने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा- बंसी का बजाना तो खेल भी है, धनुष चलाना खेल नहीं। इसके बाद उन्होंने कथा में बैठे श्रद्धालुओं से कहा- जितने ठाकुर जी वाले बैठे हैं, आज तो तुम्हारे ठाकुर जी की भी जय-जयकार हो रही है। फिर उन्होंने बंसी बजा रहे कलाकार की ओर इशारा करते हुए कहा- सुनो, तुम्हारे ठाकुर जी क्या करते? बंसी बजाते? तो बंसी कोई बड़ी बात थोड़ी है। शास्त्री बोले- हमारे यहां कलाकार भी बंसी बजा लेते हैं उन्होंने कहा था- गायों को चराना तो खेल भी है, बंदरों को नचाना खेल नहीं। बंसी बजाना कोई बड़ी बात नहीं, हमारे यहां भी कलाकार बंसी बजा लेते हैं। देखो, हमारे यहां तो ये भी बजा रहा है। बजा-बजा, बजा। लो, लो। इसके बाद बांसुरी वादक ने कुछ देर तक बंसी की धुन सुनाई। पं. धीरेंद्र शास्त्री ने कथा में बैठे लोगों से भगवान राम को मानने वालों के बारे में पूछा था- राम जी वाले कितने बैठे हैं हाथ उठाओ। हां! आज तुम लोग फूले नहीं समाओगे। इसके बाद फिर कहा- बंसी का बजाना तो खेल भी है, पर धनुष चलाना खेल नहीं। ‘गाय चराना खेल है, बंदरों को नचाना खेल नहीं’ पं. धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान कृष्ण के गाय चराने और पर्वत उठाने का भी जिक्र किया था। उन्होंने कहा था- लोग कहेंगे कि हमारे वाले भगवान तो गाय चराते हैं। इस पर उन्होंने कहा कि गाय तो कोई भी चरा सकता है। उन्होंने गाते हुए कहा था- गायों को चराना तो खेल भी है, बंदरों को नचाना खेल नहीं। इसके बाद उन्होंने भगवान कृष्ण के गोवर्धन पर्वत उठाने का जिक्र करते हुए कहा था- तुम कहोगे कि हमारे वाले तो पर्वत उठा लेते हैं, ये कोई बड़ी बात है क्या? हमारे वाले भगवान के चेला ने तो पूरा पर्वत ही उड़ा दिया। यहां उनका इशारा भगवान राम के भक्त हनुमान की ओर था। …………………………. यह खबर भी पढ़ें धीरेंद्र शास्त्री ने ‘कृष्ण-टेढ़े’ बयान पर हाथ जोड़कर माफी मांगी बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान कृष्ण को ‘टेढ़ा’ बताने वाले बयान पर हाथ जोड़कर माफी मांगी है। उन्होंने कहा- भगवान राम और श्रीकृष्ण एक ही हैं, दोनों में कोई अंतर नहीं है। उनकी टिप्पणी का मकसद किसी तरह का भेद या बंटवारा करना नहीं था। किसी के मन को ठेस पहुंची है, तो वे क्षमा मांगते हैं। पढ़ें पूरी खबर…