लखनऊ विश्वविद्यालय के लिंग्विस्टिक विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. माद्री काकोटी के सोशल मीडिया पोस्ट पर जबरदस्त घमासान है। सोमवार को विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें शो-कॉज नोटिस जारी कर 5 दिन के अंदर जवाब मांगा। इसके कुछ घंटे बाद हसनगंज थाने में उनके खिलाफ देशद्रोह समेत कुल 7 धाराओं में FIR दर्ज हो गई। यह मुकदमा छात्र संगठन ABVP से जुड़े छात्रों की तहरीर पर दर्ज हुआ है। मैडम के विरोध में विश्वविद्यालय के आम स्टूडेंट्स खुलकर उतर आए हैं। छात्रों ने सोमवार को प्रदर्शन किया। इस दौरान कहा कि मैडम अपनी पोस्ट में कहती हैं कि उन्हें आजादी चाहिए। अब हमें भी ऐसी मैडम से आजादी चाहिए। मैडम इस समय पाकिस्तान और भारत विरोधियों की माउथ-पीस बनी हुई हैं। उन्होंने अब देश को आहत करना शुरू कर दिया है। दैनिक भास्कर ने विश्वविद्यालय कैंपस में असिस्टेंट प्रोफेसर के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बात कर उनके विरोध का कारण जाना..क्या कहते हैं छात्र, पढ़िए रिपोर्ट…। भारत विरोधी ताकतों से मैडम का कनेक्शन ABVP के इकाई अध्यक्ष और रिसर्च स्टूडेंट प्रत्युष पांडेय कहते हैं कि लखनऊ विश्वविद्यालय की लिंग्विस्टिक डिपार्टमेंट की असिस्टेंट प्रोफेसर मैडम काकोटी भारत को डी-स्टेबलाइज यानी अस्थिर करने वाली एजेंसी का मुखपत्र बनकर काम कर रही हैं। पहलगाम हमले के बाद से वो पाकिस्तान का माउथ-पीस बन चुकी है। जॉर्ज सोरोज और भारत विरोधी गतिविधियों को फंडिंग करने वाली तमाम NGO’s से जरूर उनका कनेक्शन है। क्लासरूम में आने वाले 16-17 साल के फर्स्ट ईयर के बच्चों का वह ब्रेनवॉश करती हैं। उनको देश के विरुद्ध भड़काती हैं। सैफरन टेररिस्ट यानी भगवा आतंकवादी जैसे शब्दों का ये प्रयोग करती हैं। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस पर भी आपत्तिजनक टिप्पणी इन्होंने की है। मैडम के सटायर से पहले हिंदू अब देश टारगेट पर ग्रेजुएशन स्टूडेंट जतिन शुक्ला कहते हैं कि मैडम काकोटी के सटायर बेहद गंदे और भद्दे होते हैं, जिससे पूरा हिंदू समाज आहत होता रहा है। अब इनके टारगेट पर देश है। पहले भी न्यायपालिका पर भी इन्होंने बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की है। इनके सोशल मीडिया अकाउंट पर दिवाली पर पटाखों से लेकर कई विषयों पर एक वर्ग ही टारगेट पर रहा है। ऐसे में इनकी निष्पक्षता सवालों के घेरे में है। ऐसे शिक्षकों से हमें चाहिए आजादी LU अर्पित शुक्ला कहते हैं कि पहले भी मैडम से जुड़े कई प्रकरण सामने आए थे, पर इस तरह उनका विरोध इसलिए नहीं किया गया क्योंकि बात देश और सुरक्षा से जुड़ी नहीं थी। पहले ये मनुवाद से आजादी, ब्राह्मणवाद से आजादी, जैसे पोस्ट करती थीं। हमने उसे सहन किया, पर अब जब देश पर इतना बड़ा आतंकवादी हमला हुआ है। तब ऐसे पोस्ट और उनकी ऐसी सोच बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इनको हमारी संस्कृति से आजादी चाहिए, हमारे राष्ट्र से आजादी चाहिए, तो हमको भी ऐसे शिक्षकों से आजादी चाहिए। लखनऊ विश्वविद्यालय के दूसरे प्रोफेसर क्या कहते हैं… लखनऊ विश्वविद्यालय के पॉलिटिकल साइंस डिपार्टमेंट के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. जितेंद्र कुमार कहते हैं कि जब हमारा देश युद्ध जैसी परिस्थिति में हो, राष्ट्रीय सुरक्षा पर गैर जिम्मेदाराना बयान जारी करना, कुतर्क प्रस्तुत करना, अपनी ही सरकार और व्यवस्था पर प्रश्न खड़ा करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। विश्वविद्यालय के प्रोफेसर को लेकर बेहद तार्किक मानते हैं और उनकी बातों को गंभीरता से लेते हैं। यहां तक कि कई बार राजनेताओं से भी ज्यादा गौर से उनकी बात सुनी जाती है। ऐसे में कोई ऐसा बयान देना, जिससे शत्रु देश को बल मिले, समझ से परे है। शिक्षक संगठन इस मामले में क्या बोले… अब जानिए अब तक क्या-क्या हुआ इस मामले में प्रोफेसर का पोस्ट वायरल हुआ लखनऊ यूनिवर्सिटी की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. माद्री काकोटी का पोस्ट पाकिस्तान में वायरल हो गया। उनका पोस्ट पाकिस्तानी हैंडल्स से शेयर किया जाने लगा। इसके बाद छात्र संगठनों ने उनके खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। थाने में तहरीर दी गई। लखनऊ यूनिवर्सिटी ने भी सोमवार को कारण बताओ नोटिस भेज दिया। प्रोफेसर से पूछा कि आपके खिलाफ क्यों न कार्रवाई की जाए। 5 दिन के अंदर जवाब देने का आदेश दिया। डॉ. माद्री काकोटी ने पहलगाम हमले के अगले दिन प्रोफेसर ने लिखा था- धर्म देखकर बुलडोजर चलाना भी आतंकवाद। धर्म पूछकर घर न देना भी आतंकवाद। असली आतंकी को पहचानो। प्रोफेसर को यह नोटिस भेजा गया प्रोफेसर बोलीं- तय समय में जवाब देंगे
लखनऊ विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार विद्या नंद त्रिपाठी ने असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. माद्री काकोटी के खिलाफ शो-कॉज नोटिस जारी किया। जिसमें लिखा- आपने ऐसा पोस्ट किया, जिससे विश्वविद्यालय और देश की छवि धूमिल होने की संभावना है। आज आतंकवाद किसी हिस्से, देश की नहीं, बल्कि पूरे विश्व के लिए समस्या है। उस समय में आपने ऐसा पास्ट किया। आप 5 दिन में सबूत सहित नोटिस का जवाब दें। नोटिस को लेकर दैनिक भास्कर से प्रोफेसर डॉ. माद्री ने कहा- तय समय में इसका जवाब दिया जाएगा। लखनऊ यूनिवर्सिटी में लगातार दूसरे दिन प्रदर्शन हुआ
सोमवार दोपहर करीब 1 बजे ABVP से जुड़े छात्रों ने लखनऊ यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन किया। स्टूडेंट्स का कहना था कि प्रोफेसर खुलेआम देश विरोधी बयानबाजी कर रही हैं। हमारी मांग है कि उनके खिलाफ FIR दर्ज करके सख्त कार्रवाई की जाए। कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय से मिलकर छात्रों ने प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रोफेसर के जिस पोस्ट पर बवाल है, उसे पढ़िए… असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. माद्री काकोटी ने पहलगाम हमले के अगले दिन सोशल मीडिया पर वीडियो के साथ यह पोस्ट लिखा था- वो वीडियो जो पाकिस्तानी हैंडल से शेयर हो रहा… पाकिस्तान के PTI प्रमोशन नाम के X हैंडल से असिस्टेंट प्रोफेसर का वीडियो री-पोस्ट किया गया। जिसमें वह कह रही हैं कि- कश्मीर के पहलगाम में 27 लोग मर गए। इनमें आप जैसे, मुझ जैसे दिखने वाले आम हिंदुस्तानी। 27 लोगों की जान चली गई और मीडिया उनकी लाशों पर टीआरपी बटोरने में लगी है। इसके जिम्मेदारों से कोई वाजिब सवाल नहीं पूछा। इंटरनल सिक्योरिटी में इतनी बड़ी चूक हो गई और होम मिनिस्टर को पता तक नहीं चला। प्रोफेसर बोल रही हैं कि अगर सरकार इन सब की जिम्मेदार नहीं है तो वह करती क्या है? सोशल मीडिया पर भौंकने वाले भारत के कुत्ते जो 2 रुपए पर कमेंट के हिसाब से अपने नफरत की रोटी सेंकते हैं। वो भी इस अटैक को अपनी गंदी राजनीति का एजेंडा बनाने में लगे हैं।
लखनऊ विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार विद्या नंद त्रिपाठी ने असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. माद्री काकोटी के खिलाफ शो-कॉज नोटिस जारी किया। जिसमें लिखा- आपने ऐसा पोस्ट किया, जिससे विश्वविद्यालय और देश की छवि धूमिल होने की संभावना है। आज आतंकवाद किसी हिस्से, देश की नहीं, बल्कि पूरे विश्व के लिए समस्या है। उस समय में आपने ऐसा पास्ट किया। आप 5 दिन में सबूत सहित नोटिस का जवाब दें। नोटिस को लेकर दैनिक भास्कर से प्रोफेसर डॉ. माद्री ने कहा- तय समय में इसका जवाब दिया जाएगा। लखनऊ यूनिवर्सिटी में लगातार दूसरे दिन प्रदर्शन हुआ
सोमवार दोपहर करीब 1 बजे ABVP से जुड़े छात्रों ने लखनऊ यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन किया। स्टूडेंट्स का कहना था कि प्रोफेसर खुलेआम देश विरोधी बयानबाजी कर रही हैं। हमारी मांग है कि उनके खिलाफ FIR दर्ज करके सख्त कार्रवाई की जाए। कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय से मिलकर छात्रों ने प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रोफेसर के जिस पोस्ट पर बवाल है, उसे पढ़िए… असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. माद्री काकोटी ने पहलगाम हमले के अगले दिन सोशल मीडिया पर वीडियो के साथ यह पोस्ट लिखा था- वो वीडियो जो पाकिस्तानी हैंडल से शेयर हो रहा… पाकिस्तान के PTI प्रमोशन नाम के X हैंडल से असिस्टेंट प्रोफेसर का वीडियो री-पोस्ट किया गया। जिसमें वह कह रही हैं कि- कश्मीर के पहलगाम में 27 लोग मर गए। इनमें आप जैसे, मुझ जैसे दिखने वाले आम हिंदुस्तानी। 27 लोगों की जान चली गई और मीडिया उनकी लाशों पर टीआरपी बटोरने में लगी है। इसके जिम्मेदारों से कोई वाजिब सवाल नहीं पूछा। इंटरनल सिक्योरिटी में इतनी बड़ी चूक हो गई और होम मिनिस्टर को पता तक नहीं चला। प्रोफेसर बोल रही हैं कि अगर सरकार इन सब की जिम्मेदार नहीं है तो वह करती क्या है? सोशल मीडिया पर भौंकने वाले भारत के कुत्ते जो 2 रुपए पर कमेंट के हिसाब से अपने नफरत की रोटी सेंकते हैं। वो भी इस अटैक को अपनी गंदी राजनीति का एजेंडा बनाने में लगे हैं।