पति सौरभ राजपूत की हत्या करने की आरोपी मुस्कान और उसके ब्वायफ्रेंड साहिल शुक्ला को जमानत नहीं मिली है। उनकी वकील रेखा जैन की तरफ से कोर्ट में अर्जी दी गई। इसमें उन्होंने मुस्कान और साहिल को जमानत पर जेल से छोड़ने की अपील की गई। सुनवाई करते हुए सौरभ के वकील ने कहा- साहिल और मुस्कान ने खुद कहा था कि हमने ही सौरभ को मार था। अब जमानत मिलने का कोई ग्राउंड नहीं है। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए दोनों की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया है। अब सरकारी वकील के सामने हाईकोर्ट जाने का ऑप्शन है। दरअसल, 3 मई को मेरठ की एंटी करप्शन (सेकेंड) की कोर्ट में सरकारी वकील और सौरभ के वकील के बीच जिरह हुई। 30 मिनट में दोनों वकीलों ने अपने-अपने मुवक्किल का पक्ष रखा। सरकारी वकील ने मुस्कान के फेवर में पूछे 3 अहम सवाल
मुस्कान-साहिल की तरफ से बेल की अर्जी दाखिल करने वाली सरकारी वकील रेखा जैन ने अदालत के सामने पहले अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा- सौरभ की हत्या होने के बाद देरी से FIR दर्ज कराई गई। इससे साफ है कि मेरे क्लाइंट को फंसाया जा रहा है। कहा- 5 मार्च से 18 मार्च तक सौरभ ‘लापता’ था। उनकी अपने परिवार से बातचीत भी नहीं हो रही थी, तब मेरा सौरभ के परिवार से 3 सवाल हैं। पहला- उनके भाई ने किसी थाने में मिसिंग कंप्लेट क्यों नहीं फाइल की? दूसरा- परिवार ने सौरभ को क्यों तलाश नहीं किया? तीसरा- अपने ही परिवार, दोस्तों में किसी को क्यों नहीं बताया कि सौरभ मिसिंग है। उन्होंने यह भी कहा- 18 मार्च को मुस्कान की बेटी पीहू से बात हुई। वह अपने पापा के बारे में पूछ रही थी। अब भावावेश उन्होंने कुछ बातें कहीं थीं। सौरभ के वकील ने कहा- खुद मुस्कान, साहिल ने अपना जुर्म कबूला
जिरह में सौरभ के वकील ने कहा- खुद मुस्कान और साहिल ने अपना जुर्म कबूल किया है। उनकी निशानदेही पर ही ड्रम, लाश, मर्डर वेपन मिले। दोनों के खिलाफ दवा बेचने वाले, ड्रम बेचने वाले, सीमेंट बेचने वाले, उत्तराखंड और हिमाचल के होटल संचालक, कैब ड्राइवर ने बयान दर्ज कराए हैं। मुस्कान के कमरे से खून से सनी चादर, खून से सना गद्दा, बाथरूम जहां सौरभ के शव को ले जाकर टुकड़े किए वहां खून के ट्रेसेस, दीवारों पर खून के धब्बे, कमरे की छत और दीवारों पर खून के दब्बे मिले हैं। दोनों आरोपियों की निशानेदही पर हत्या से जुड़ा हर सबूत बरामद किए गए हैं। सभी सबूत यही बताते हैं कि यही मुख्य हत्यारोपी हैं, इन्हें जमानत न दी जाए। ……….. ये भी पढ़ें :
मेरठ हत्याकांड, मुस्कान-साहिल को फांसी होगी या उम्रकैद:एक्सपर्ट बोले- रेयरेस्ट क्राइम; दोनों चाकू और कटा सिर-हाथ पिलो कवर में रखे, सीमेंट से जमाया सौरभ की बॉडी के 4 टुकड़े करके तकिए के कवर में रखे गए। 2 चाकू भी ड्रम में सीमेंट से जमा दिए गए। पुलिस ने इन्हें बरामद कर लिया है। अब अगर मुस्कान और साहिल अपने कबूलनामे से मुकर भी जाएं, तब भी सबूत पर्याप्त हैं। यह कहना है मेरठ के सरकारी वकील आलोक पांडेय का। सौरभ हत्याकांड के 22 दिन बीत चुके हैं। अब तक कई ठोस सबूत पुलिस के हाथ लगे हैं, कई सबूत नहीं मिले, जिनकी तलाश जारी है। पूरी खबर पढ़िए…
मुस्कान-साहिल की तरफ से बेल की अर्जी दाखिल करने वाली सरकारी वकील रेखा जैन ने अदालत के सामने पहले अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा- सौरभ की हत्या होने के बाद देरी से FIR दर्ज कराई गई। इससे साफ है कि मेरे क्लाइंट को फंसाया जा रहा है। कहा- 5 मार्च से 18 मार्च तक सौरभ ‘लापता’ था। उनकी अपने परिवार से बातचीत भी नहीं हो रही थी, तब मेरा सौरभ के परिवार से 3 सवाल हैं। पहला- उनके भाई ने किसी थाने में मिसिंग कंप्लेट क्यों नहीं फाइल की? दूसरा- परिवार ने सौरभ को क्यों तलाश नहीं किया? तीसरा- अपने ही परिवार, दोस्तों में किसी को क्यों नहीं बताया कि सौरभ मिसिंग है। उन्होंने यह भी कहा- 18 मार्च को मुस्कान की बेटी पीहू से बात हुई। वह अपने पापा के बारे में पूछ रही थी। अब भावावेश उन्होंने कुछ बातें कहीं थीं। सौरभ के वकील ने कहा- खुद मुस्कान, साहिल ने अपना जुर्म कबूला
जिरह में सौरभ के वकील ने कहा- खुद मुस्कान और साहिल ने अपना जुर्म कबूल किया है। उनकी निशानदेही पर ही ड्रम, लाश, मर्डर वेपन मिले। दोनों के खिलाफ दवा बेचने वाले, ड्रम बेचने वाले, सीमेंट बेचने वाले, उत्तराखंड और हिमाचल के होटल संचालक, कैब ड्राइवर ने बयान दर्ज कराए हैं। मुस्कान के कमरे से खून से सनी चादर, खून से सना गद्दा, बाथरूम जहां सौरभ के शव को ले जाकर टुकड़े किए वहां खून के ट्रेसेस, दीवारों पर खून के धब्बे, कमरे की छत और दीवारों पर खून के दब्बे मिले हैं। दोनों आरोपियों की निशानेदही पर हत्या से जुड़ा हर सबूत बरामद किए गए हैं। सभी सबूत यही बताते हैं कि यही मुख्य हत्यारोपी हैं, इन्हें जमानत न दी जाए। ……….. ये भी पढ़ें :
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