मैंने ठेले पर सब्जी बेची ताकि बेटा अफसर बने, मगर उसी बेटे ने बुढ़ापे में कलंक लगा दिया। मेरी आंखों के सामने बहू मेरी पत्नी को पीट देती है। भगवान भी कहे कि बेटे को माफ कर दो…मैं नहीं करुंगा। ये कहना है प्रयागराज के सब्जी के थोक कारोबारी संत राम सोनकर का। वह कौशांबी के पूर्व BJP सांसद विनोद सोनकर के चचेरे भाई हैं। वहीं, उनकी पत्नी चायल के विधायक रहे दिनेश सोनकर की सगी बहन हैं। राजनीतिक परिवारों से ताल्लुक होने के बावजूद संत राम ने शादी के बाद भी ठेले पर लंबे समय तक सब्जी बेची। फिर दिनेश सोनकर की मदद से आढ़त मंडी में सब्जी का थोक कारोबार शुरू किया, काम चल निकला। आज उनके सब्जी के कारोबार का सालाना टर्नओवर 55 लाख रुपए है। करेली के शास्त्रीनगर में 150 वर्ग गज के मकान में वह दो बेटों के परिवार के साथ रहते हैं। तीसरा बेटा बगल में 75 वर्ग गज के प्लॉट में मकान बनवाकर रहता है। 2020 से बड़े बेटे विकास और उसकी पत्नी नंदिनी ने घर में प्रॉपर्टी के लिए विवाद शुरू किए। वह चाहते थे कि छोटे भाई अविनाश को अलग घर बनाकर दिया जाए। मगर संत राम इसके लिए तैयार नहीं थे, इसलिए वह बहू-बेटे के टारगेट पर आ गए। संत राम कहते हैं- मैंने अपनी हसरतों का गला घोटा, हड्डियां गला कर अपनी औलाद को पाला, इस लायक बनाया कि वह मेरे बुढ़ापे का सहारा बनें, लेकिन हुआ कुछ और ही…। बुजुर्ग दंपती का दर्द समझने के लिए दैनिक भास्कर करेली में परिवार से मिला। पढ़िए रिपोर्ट… संतराम ने बचपन से मुफलिसी देखी, मुश्किल से पढ़ सके
बुजुर्ग दंपती को परेशान करने की ये कहानी प्रयागराज के करेली इलाके के शास्त्रीनगर से शुरू होती है। यहां सदियापुर मोहल्ले के रहने वाले संत राम सोनकर का बचपन मुफलिसी में बीता। संत राम कहते हैं- हमारे पापा के पास 6 आने भी नहीं होते थे कि वो नगर निगम के स्कूल में मेरा दाखिल करवा दें। पढ़ाई को लेकर ललक थी, इसलिए सरकारी स्कूलों में पढ़ते हुए राजनीति शास्त्र से मास्टर डिग्री हासिल कर ली। पढ़ाई के लिए मजदूरी तक की, सपना था IAS बन सकूं, लेकिन मेरी अंग्रेजी कमजोर थी, इसलिए सिलेक्शन नहीं हुआ। फिर मेरी शादी 1978 में चायल के विधायक दिनेश सोनकर की सगी छोटी बहन मीना से हुई। इसके बाद घर चलाने के लिए मुझे सब्जी का ठेला लगाना पड़ा। गली-गली सब्जी बेचते थे और घर चलाते थे। शादी के 4 साल बाद मेरे घर में बेटे का जन्म हुआ, हमने विकास नाम रखा। मैं अपने अधूरे सपने का उगता सूरज बेटे विकास के रूप में देखने लगा। इसके 2 साल बाद अनुराधा हुई, फिर बेटा अविनाश और सचिन देव से घर पूरा हो गया। इस वक्त तक मैं गली-गली सब्जी ही बेचता था। इधर मीना ने अपने विधायक भाई से मदद करने के लिए कहा। उनकी मदद से मुंडेरा मंडी में सब्जी का थोक कारोबार शुरू किया। धीरे-धीरे काम चल निकला, संत राम जो कल तक घर-घर सब्जी बेच रहे थे, वो अब प्रयागराज के सब्जी थोक कारोबारी बन गए। यूपी के अलग-अलग शहरों तक उनकी सप्लाई जाने लगी। बेटे को पढ़ाने में मेहनत की, सबकी शादी करके प्रॉपर्टी भी बांट दी
संत राम कहते हैं- मैंने मेहनत करके बेटे को MBA कराया, पीएचडी के लिए बनारस हिंदू विश्वविद्यालय तक भेजा। कभी उसको ये महसूस नहीं होने दिया कि उसके पापा के पास पैसे नहीं हैं। मैंने हर दिन 18 घंटे मेहनत की, सिर्फ 6 घंटे सोता था, ताकि मेरा बेटा वो मुकाम हासिल कर सके जो मैं नहीं कर सका। ये सब बताते हुए संत राम की आंखें भर आईं। फिर 2011 में विकास की शादी हुई, बहू नंदिनी हमारे घर आई। पहले नंदिनी और विकास में झगड़े होने लगे, विकास नंदिनी को छोड़ देना चाहता था। तब संत राम ने ही समझाकर बेटे की शादी बचाने में मदद की। इसके बाद उन दोनों के बीच सब कुछ ठीक भी हो गया। फिर अविनाश और सचिन की भी शादी हो गई, बेटी अनुराधा की शादी लोकल प्रयागराज में की। संत राम ने बेटे विकास को DAV कॉलेज के पास एक मोबाइल दुकान खुलवा दी। छोटा बेटा अविनाश PWD में ठेकेदारी करने लगा। सबसे छोटे बेटे सचिन को संत राम ने अपने साथ सब्जियों के थोक कारोबार में लगा लिया। सभी बेटे का रोजगार सेट करने के साथ उन्होंने घर का भी बंटवारा किया। संत राम ने कहा- 2020 से घर का माहौल बिगड़ा, FIR करानी पड़ी
करेली के शास्त्रीनगर में उनका 3 मंजिला मकान है, उसके बगल में 75 वर्गगज का एक प्लॉट था। संत राम ने प्लॉट पर घर बनाकर छोटे बेटे सचिन को दिया। वह अपनी पत्नी के साथ वहां रहने लगा। वहीं अविनाश और विकास को अपने साथ 3 मंजिला घर में रखा। संत राम कहते हैं- मैंने पूरी कोशिश कर दी कि बेटों में प्रॉपर्टी को लेकर विवाद न हो, क्या पता था कि मेरा बेटा मुझसे ही लड़ेगा, बदनाम करेगा। हमने पूछा- तो फिर आपके साथ मारपीट का सिलसिला कबसे शुरू हुआ। संत राम ने कहा- घर का माहौल 2020 से बिगड़ा, विकास चाहता था कि अविनाश को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाए। मगर मैं ऐसा करता इससे पहले विकास और उसकी पत्नी नंदिनी का अविनाश के परिवार से झगड़ा शुरू हो गया। हम लोग बीच बचाव करते तो हमारे साथ मारपीट करने लगते। मेरी आंखों के सामने दोनों मेरी पत्नी को मारते हैं, रोकता हूं तो मुझे भी अपमानित करते हैं। ऐसा रोज ही होता है, कहां तक पुलिस की मदद मांगे? शिकायत करने पर पुलिस मारपीट की धाराओं में FIR लिख देती है, ज्यादा कहने-सुनने पर शांतिभंग में चालान कर देती है, अब ये समझ नहीं आता कि किसके पास जाएं और किससे मदद मांगे? संत राम अपनी डबडबाई आंखों और रुंधे हुए गले से बताते हैं- मेरे सामने मेरी पत्नी को मारा गया, फिर कहा कि पिताजी की नजर सही नहीं है, आप समझिए…मेरे ऊपर कलंक लगाया गया कि मैं अपनी बहू के प्रति नियत ठीक नहीं रखता हूं। अब मां मीना देवी क्या कहती हैं, ये जानिए बेटे-बहू का लालच बढ़ गया, क्या कह सकते हैं…
मीना सोनकर चायल के पूर्व विधायक रहे दिनेश सोनकर की सगी छोटी बहन हैं। शादी के बाद मायके के सुख से ज्यादा पति की गरीबी में जिंदगी गुजरना उन्हें स्वाभिमान लगा। पति के साथ कंधे से कंधा मिलाकर उन्होंने पति के ठेले के सब्जी कारोबार को बढ़ा कर फल सब्जी की आढ़त तक पहुंचाया। आज उनके पति संत राम सोनकर को कारोबार में 24 राज्य के लोग जानते पहचानते हैं। मीना ने बताया- मौजूदा समय में मेरे पति की सालाना टर्नओवर 55 लाख रुपए का है। बेटी की शादी के बाद बेटों को 150 वर्ग गज और 75 वर्ग गज के अलग-अलग घर में बसा दी। सब अपने शादीशुदा जीवन में खुश हैं, लेकिन विकास और उसकी पत्नी नंदनी ने जायदाद के लालच में हद कर दी। बेटे के सामने बहू मुझे मारती है, लेकिन बेटा खड़ा देखता है। क्या कहे कुछ कहा नहीं जाता। अब बात विकास और नंदिनी की… विकास-नंदिनी नहीं चाहते, भाई का परिवार उस घर में रहे
विकास नंदिनी संत राम की बनाई संपत्ति 109/1c रसूलपुर शास्त्री नगर करेली में रहते है। ऊपर की मंजिल पर उनके पास तीन कमरे हैं। नीचे के हिस्से में मां मीना और पिता संत राम रहते हैं। सबसे छोटा बेटा बगल के 75 वर्ग गज के प्लाट में बने 3 कमरे में मकान में रहता है। मझला बेटा अपनी पत्नी बच्चों के साथ बड़े भाई विकास के ऊपर के हिस्से में 3 कमरा बना कर रहने लगा है। मझले बेटे अविनाश और उसके परिवार द्वारा ऊपर का घर बनवाने के बाद से ही विवाद शुरू हुआ। नंदनी का कहना है कि जैसे छोटे को अलग घर दिया गया है, उसे भी अलग घर दिया जाए। अगर सास ससुर को रहना है तो वह नीचे रहें। विकास भी अपनी पत्नी की बात से इत्तफाक रखता है। उसका कहना है कि उसके साथ उसके मां पिता अन्याय कर रहे हैं। अब पुलिस में दर्ज हुई रिपोर्ट को जानिए… पहले मीना ने फिर उनकी बहू ने दर्ज कराई FIR
संत राम सोनकर और मीना सोनकर के घर परिवार में छिड़े विवाद में सबसे पहली रिपोर्ट मीना ने 25 सितंबर, 2024 को दर्ज हुई। मारपीट गाली-गलौच की धाराओं में लिखी गई। इसकी करेली पुलिस ने जांच कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया है। दूसरी रिपोर्ट 27 मई, 2025 को मझली बहू ममता सोनकर ने जेठ-जेठानी पर मारपीट समेत अन्य धाराओं में दर्ज कराई है। जिसकी जांच थाना पुलिस कर रही है। थाना प्रभारी करेली राजेश मौर्य का कहना है कि परिवार में संपत्ति को लेकर आपसी विवाद चल रहा है। परिवार में शांति बनाए रखने के कई प्रयास किए गए लेकिन डिस्प्यूट खत्म नहीं हो रहा है। —————————— यह भी पढ़ें : प्रयागराज में आकाशीय बिजली गिरने से चार की मौत, पति-पत्नी और दो मासूम बेटियां जिंदा जलीं, कच्चे मकान में सो रहे थे सभी प्रयागराज में एक कच्चे मकान में आकाशीय बिजली गिर गई। आग लगने से घर में सो रहीं दो मासूम बेटियों समेत पति-पत्नी की जिंदा जलने से मौत हो गई। शनिवार रात करीब 12 बजे तेज आंधी आई। इसी बीच बादल गरजने के साथ मकान में आकाशीय बिजली गिर गई। इससे झोपड़ी में आग लग गई। पढ़िए पूरी खबर…
बुजुर्ग दंपती को परेशान करने की ये कहानी प्रयागराज के करेली इलाके के शास्त्रीनगर से शुरू होती है। यहां सदियापुर मोहल्ले के रहने वाले संत राम सोनकर का बचपन मुफलिसी में बीता। संत राम कहते हैं- हमारे पापा के पास 6 आने भी नहीं होते थे कि वो नगर निगम के स्कूल में मेरा दाखिल करवा दें। पढ़ाई को लेकर ललक थी, इसलिए सरकारी स्कूलों में पढ़ते हुए राजनीति शास्त्र से मास्टर डिग्री हासिल कर ली। पढ़ाई के लिए मजदूरी तक की, सपना था IAS बन सकूं, लेकिन मेरी अंग्रेजी कमजोर थी, इसलिए सिलेक्शन नहीं हुआ। फिर मेरी शादी 1978 में चायल के विधायक दिनेश सोनकर की सगी छोटी बहन मीना से हुई। इसके बाद घर चलाने के लिए मुझे सब्जी का ठेला लगाना पड़ा। गली-गली सब्जी बेचते थे और घर चलाते थे। शादी के 4 साल बाद मेरे घर में बेटे का जन्म हुआ, हमने विकास नाम रखा। मैं अपने अधूरे सपने का उगता सूरज बेटे विकास के रूप में देखने लगा। इसके 2 साल बाद अनुराधा हुई, फिर बेटा अविनाश और सचिन देव से घर पूरा हो गया। इस वक्त तक मैं गली-गली सब्जी ही बेचता था। इधर मीना ने अपने विधायक भाई से मदद करने के लिए कहा। उनकी मदद से मुंडेरा मंडी में सब्जी का थोक कारोबार शुरू किया। धीरे-धीरे काम चल निकला, संत राम जो कल तक घर-घर सब्जी बेच रहे थे, वो अब प्रयागराज के सब्जी थोक कारोबारी बन गए। यूपी के अलग-अलग शहरों तक उनकी सप्लाई जाने लगी। बेटे को पढ़ाने में मेहनत की, सबकी शादी करके प्रॉपर्टी भी बांट दी
संत राम कहते हैं- मैंने मेहनत करके बेटे को MBA कराया, पीएचडी के लिए बनारस हिंदू विश्वविद्यालय तक भेजा। कभी उसको ये महसूस नहीं होने दिया कि उसके पापा के पास पैसे नहीं हैं। मैंने हर दिन 18 घंटे मेहनत की, सिर्फ 6 घंटे सोता था, ताकि मेरा बेटा वो मुकाम हासिल कर सके जो मैं नहीं कर सका। ये सब बताते हुए संत राम की आंखें भर आईं। फिर 2011 में विकास की शादी हुई, बहू नंदिनी हमारे घर आई। पहले नंदिनी और विकास में झगड़े होने लगे, विकास नंदिनी को छोड़ देना चाहता था। तब संत राम ने ही समझाकर बेटे की शादी बचाने में मदद की। इसके बाद उन दोनों के बीच सब कुछ ठीक भी हो गया। फिर अविनाश और सचिन की भी शादी हो गई, बेटी अनुराधा की शादी लोकल प्रयागराज में की। संत राम ने बेटे विकास को DAV कॉलेज के पास एक मोबाइल दुकान खुलवा दी। छोटा बेटा अविनाश PWD में ठेकेदारी करने लगा। सबसे छोटे बेटे सचिन को संत राम ने अपने साथ सब्जियों के थोक कारोबार में लगा लिया। सभी बेटे का रोजगार सेट करने के साथ उन्होंने घर का भी बंटवारा किया। संत राम ने कहा- 2020 से घर का माहौल बिगड़ा, FIR करानी पड़ी
करेली के शास्त्रीनगर में उनका 3 मंजिला मकान है, उसके बगल में 75 वर्गगज का एक प्लॉट था। संत राम ने प्लॉट पर घर बनाकर छोटे बेटे सचिन को दिया। वह अपनी पत्नी के साथ वहां रहने लगा। वहीं अविनाश और विकास को अपने साथ 3 मंजिला घर में रखा। संत राम कहते हैं- मैंने पूरी कोशिश कर दी कि बेटों में प्रॉपर्टी को लेकर विवाद न हो, क्या पता था कि मेरा बेटा मुझसे ही लड़ेगा, बदनाम करेगा। हमने पूछा- तो फिर आपके साथ मारपीट का सिलसिला कबसे शुरू हुआ। संत राम ने कहा- घर का माहौल 2020 से बिगड़ा, विकास चाहता था कि अविनाश को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाए। मगर मैं ऐसा करता इससे पहले विकास और उसकी पत्नी नंदिनी का अविनाश के परिवार से झगड़ा शुरू हो गया। हम लोग बीच बचाव करते तो हमारे साथ मारपीट करने लगते। मेरी आंखों के सामने दोनों मेरी पत्नी को मारते हैं, रोकता हूं तो मुझे भी अपमानित करते हैं। ऐसा रोज ही होता है, कहां तक पुलिस की मदद मांगे? शिकायत करने पर पुलिस मारपीट की धाराओं में FIR लिख देती है, ज्यादा कहने-सुनने पर शांतिभंग में चालान कर देती है, अब ये समझ नहीं आता कि किसके पास जाएं और किससे मदद मांगे? संत राम अपनी डबडबाई आंखों और रुंधे हुए गले से बताते हैं- मेरे सामने मेरी पत्नी को मारा गया, फिर कहा कि पिताजी की नजर सही नहीं है, आप समझिए…मेरे ऊपर कलंक लगाया गया कि मैं अपनी बहू के प्रति नियत ठीक नहीं रखता हूं। अब मां मीना देवी क्या कहती हैं, ये जानिए बेटे-बहू का लालच बढ़ गया, क्या कह सकते हैं…
मीना सोनकर चायल के पूर्व विधायक रहे दिनेश सोनकर की सगी छोटी बहन हैं। शादी के बाद मायके के सुख से ज्यादा पति की गरीबी में जिंदगी गुजरना उन्हें स्वाभिमान लगा। पति के साथ कंधे से कंधा मिलाकर उन्होंने पति के ठेले के सब्जी कारोबार को बढ़ा कर फल सब्जी की आढ़त तक पहुंचाया। आज उनके पति संत राम सोनकर को कारोबार में 24 राज्य के लोग जानते पहचानते हैं। मीना ने बताया- मौजूदा समय में मेरे पति की सालाना टर्नओवर 55 लाख रुपए का है। बेटी की शादी के बाद बेटों को 150 वर्ग गज और 75 वर्ग गज के अलग-अलग घर में बसा दी। सब अपने शादीशुदा जीवन में खुश हैं, लेकिन विकास और उसकी पत्नी नंदनी ने जायदाद के लालच में हद कर दी। बेटे के सामने बहू मुझे मारती है, लेकिन बेटा खड़ा देखता है। क्या कहे कुछ कहा नहीं जाता। अब बात विकास और नंदिनी की… विकास-नंदिनी नहीं चाहते, भाई का परिवार उस घर में रहे
विकास नंदिनी संत राम की बनाई संपत्ति 109/1c रसूलपुर शास्त्री नगर करेली में रहते है। ऊपर की मंजिल पर उनके पास तीन कमरे हैं। नीचे के हिस्से में मां मीना और पिता संत राम रहते हैं। सबसे छोटा बेटा बगल के 75 वर्ग गज के प्लाट में बने 3 कमरे में मकान में रहता है। मझला बेटा अपनी पत्नी बच्चों के साथ बड़े भाई विकास के ऊपर के हिस्से में 3 कमरा बना कर रहने लगा है। मझले बेटे अविनाश और उसके परिवार द्वारा ऊपर का घर बनवाने के बाद से ही विवाद शुरू हुआ। नंदनी का कहना है कि जैसे छोटे को अलग घर दिया गया है, उसे भी अलग घर दिया जाए। अगर सास ससुर को रहना है तो वह नीचे रहें। विकास भी अपनी पत्नी की बात से इत्तफाक रखता है। उसका कहना है कि उसके साथ उसके मां पिता अन्याय कर रहे हैं। अब पुलिस में दर्ज हुई रिपोर्ट को जानिए… पहले मीना ने फिर उनकी बहू ने दर्ज कराई FIR
संत राम सोनकर और मीना सोनकर के घर परिवार में छिड़े विवाद में सबसे पहली रिपोर्ट मीना ने 25 सितंबर, 2024 को दर्ज हुई। मारपीट गाली-गलौच की धाराओं में लिखी गई। इसकी करेली पुलिस ने जांच कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया है। दूसरी रिपोर्ट 27 मई, 2025 को मझली बहू ममता सोनकर ने जेठ-जेठानी पर मारपीट समेत अन्य धाराओं में दर्ज कराई है। जिसकी जांच थाना पुलिस कर रही है। थाना प्रभारी करेली राजेश मौर्य का कहना है कि परिवार में संपत्ति को लेकर आपसी विवाद चल रहा है। परिवार में शांति बनाए रखने के कई प्रयास किए गए लेकिन डिस्प्यूट खत्म नहीं हो रहा है। —————————— यह भी पढ़ें : प्रयागराज में आकाशीय बिजली गिरने से चार की मौत, पति-पत्नी और दो मासूम बेटियां जिंदा जलीं, कच्चे मकान में सो रहे थे सभी प्रयागराज में एक कच्चे मकान में आकाशीय बिजली गिर गई। आग लगने से घर में सो रहीं दो मासूम बेटियों समेत पति-पत्नी की जिंदा जलने से मौत हो गई। शनिवार रात करीब 12 बजे तेज आंधी आई। इसी बीच बादल गरजने के साथ मकान में आकाशीय बिजली गिर गई। इससे झोपड़ी में आग लग गई। पढ़िए पूरी खबर…