अखिलेश ने 3 बागी विधायकों को सपा से निकाला:अभय सिंह, राकेश प्रताप सिंह और मनोज पांडेय; भाजपा के लिए काम कर रहे थे

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने 3 विधायकों को पार्टी से निष्कासित कर दिया। इसमें अयोध्या की गोसाईगंज सीट से विधायक अभय सिंह, अमेठी की गौरीगंज सीट से विधायक राकेश सिंह और रायबरेली की ऊंचाहार सीट से विधायक मनोज पांडेय शामिल हैं। यह तीनों ही लंबे समय से सपा के खिलाफ काम कर रहे थे। पहले ये उम्मीद की जा रही थी कि इन विधायकों के खिलाफ विधानसभा में सदस्यता खत्म करने की अपील करेगी। लेकिन सपा ने ऐसा नहीं किया। सपा के इस फैसले से फिलहाल इनकी विधायकी कायम रहेगी और सदन में इनकी स्थिति असंबद्ध विधायक के तौर पर होगी। सपा ने इन तीनों विधायकों पर सांप्रदायिक और विभाजनकारी राजनीति को बढ़ावा देने के साथ-साथ किसान, महिला, युवा और व्यापारी विरोधी नीतियों का समर्थन करने का गंभीर आरोप लगाया है। सपा ने आधिकारिक हैंडल से जारी कहा… सपा सौहार्दपूर्ण सकारात्मक विचारधारा की राजनीति के विपरीत सांप्रदायिक विभाजनकारी नकारात्मकता व किसान, महिला, युवा, कारोबारी, नौकरीपेशा और ‘पीडीए विरोधी’ विचारधारा का साथ देने के कारण, समाजवादी पार्टी जनहित में इन विधायकों को पार्टी से निष्कासित करती है। इन विधायकों को “हृदय परिवर्तन” के लिए दी गई अनुग्रह अवधि समाप्त हो चुकी है। 2023 में राज्यसभा के चुनाव में सपा के 7 विधायकों ने पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की थी। इस घटना ने सपा को बड़ा झटका दिया था, क्योंकि इस वजह से सपा का तीसरा उम्मीदवार हार गया था, जबकि भाजपा के सभी 8 राज्यसभा उम्मीदवार जीत गए थे। क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों में अभय सिंह, राकेश प्रताप सिंह, मनोज पांडेय, पूजा पाल, विनोद चतुर्वेदी, आशुतोष मौर्य और राकेश पांडेय शामिल थे। इनमें से अभय सिंह और मनोज पांडेय ने बाद में भाजपा की सदस्यता भी ग्रहण कर ली थी। इस बगावत के बाद सपा नेतृत्व ने इन विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी थी, और अब यह निष्कासन उसी दिशा में उठाया गया कदम है। हालांकि, अभी 5 विधायक और हैं, जिनके खिलाफ सपा ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। इस खबर को अभी अपडेट किया जा रहा है…