गोरखपुर में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पर हमला:भीड़ ने अंडे फेंके, गाड़ियों के शीशे तोड़े; अखिलेश बोले- ये बड़ी साजिश है

सपा के प्रतिनिधिमंडल पर गोरखपुर में हमला हो गया। नॉर्मल चौकी के पास BJP कार्यकर्ताओं ने प्रतिनिधिमंडल के काफिले का रास्ता रोक लिया। इसका सपा कार्यकर्ताओं ने विरोध किया। इसी दौरान दोनों पक्षों में झड़प हो गई। तभी भीड़ में शामिल अराजक तत्वों ने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद और सपा नेताओं पर अंडे फेंके, जो गाड़ियों पर गिरे। आरोप है कि सपा नेताओं की गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए गए। सड़क पर हंगामा होने लगा। हालात बिगड़ते देख सपा नेता सड़क पर ही बैठ गए और धरना देने लगे। इससे करीब 30 मिनट तक स्थिति बेकाबू रही। इसके बाद पुलिस सुरक्षा में सपा नेताओं ने अपनी पदयात्रा पूरी की। इस बीच, अखिलेश यादव ने X पर लिखा- इस हमले की हम निंदा करते हैं। ये बड़ी साजिश है। BJP कार्यकर्ताओं ने रास्ते में बुलडोजर खड़ा किया
इस पूरे मामले की शुरुआत बुधवार को तब हुई, जब माता प्रसाद पांडेय और लाल बिहारी यादव के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल लखनऊ से गोरखपुर पहुंचा। सपा नेताओं को नॉर्मल चौकी से लेकर तिवारी हाता तक पदयात्रा करनी थी। रूट में घंटाघर, पांडेय हाता, नखास चौक, बख्शीपुर और अलीनगर बाजार शामिल थे। इस दौरान विरासत गलियारे में तोड़ी जा रही दुकानों से प्रभावित व्यापारियों से मुलाकात भी करनी थी। जैसे ही सपा प्रतिनिधिमंडल नॉर्मल चौकी पर पहुंचा, वहां BJP कार्यकर्ता पहले से मौजूद थे। उन्होंने अखिलेश यादव के खिलाफ नारेबाजी की और सपा नेताओं के वाहनों पर अंडे फेंकने लगे। इससे दो गाड़ियों के शीशे टूट गए। थोड़ी देर में दोनों तरफ के कार्यकर्ताओं के बीच माहौल गरम होने लगा। BJP कार्यकर्ताओं ने मौके पर बुलडोजर खड़ा कर पदयात्रा रोक दी। इससे झड़प के हालात बन गए। इसके बाद सपा नेताओं ने पुलिस बुला ली। अब हंगामे की 2 तस्वीरें देखिए सड़क पर सपा नेता माता प्रसाद पांडेय बैठे, धरना दिया
पुलिस पहुंचने के बाद सपा नेता लाल बिहारी यादव ने कहा कि विरासत गलियारे में जबरन तोड़ी जा रही दुकानों को लेकर सपा जनता की आवाज उठाने आई है। लेकिन, BJP नेता और पदाधिकारी रास्ता रोक कर इसमें बाधा डाल रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब गोरखनाथ मंदिर के पास दुकानदारों को मुआवजा दिया गया, तो पांडेय हाता के व्यापारियों को क्यों नहीं? रास्ता रोके जाने के विरोध में सपा प्रतिनिधिमंडल के लोग नॉर्मल चौकी पर ही जमीन पर बैठ गया। माता प्रसाद ने कहा कि प्रशासन को पहले ही सूचना दी गई थी, फिर भी जानबूझकर रास्ता रोका गया। उन्होंने कहा कि जब तक रास्ता नहीं खुलेगा, वे आगे नहीं बढ़ेंगे। इस बीच बड़ी संख्या में सपा समर्थक जुटने लगे, जिससे तनाव और बढ़ गया। पुलिस ने BJP कार्यकर्ता हटाए, 30 मिनट बाद पदयात्रा दोबारा शुरू हुई
मामला बढ़ता देख प्रशासन ने तुरंत हस्तक्षेप किया। अधिकारियों ने भाजपा कार्यकर्ताओं को मौके से हटाया और सपा प्रतिनिधिमंडल को कड़ी निगरानी में आगे बढ़ने दिया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने तय मार्ग पर पदयात्रा की और प्रभावित व्यापारियों से बातचीत की। भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय ने सपा के दौरे को राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा- जब सपा की सरकार थी, तब गोरखपुर के व्यापारियों की सुध नहीं ली गई। अब जब मुख्यमंत्री योगी शहर को नया रूप दे रहे हैं, तब सपा के नेता बिना मुद्दा लिए माहौल बिगाड़ने आ रहे हैं। जिन्होंने गोरखपुर को नजरअंदाज किया, अब वही नाटक कर रहे हैं। अब अखिलेश यादव ने X पर क्या लिखा, ये पढ़िए… —————————— ये खबर भी पढ़ें : योगी को सनातन धर्म छोड़ देना चाहिए, अखिलेश बोले- जाति पूछना या बताना भगवान का अपमान, श्रीराम-हनुमान की जाति किसने पूछी ‘समाजवादी सरकार में बिना घूस के मेरिट के आधार पर भर्तियां हुई थीं। समाजवादी पार्टी की सरकार में जो भर्ती हुई, उसमें कोई एक व्यक्ति बता दे कि पैसा लिया गया। अगर नहीं बता पा रहे, तो योगीजी को अपना सनातन धर्म छोड़ देना चाहिए। हमारी सरकार में पुलिसकर्मियों को कई साल से रुका हुआ प्रमोशन बिना परीक्षा के दिया गया था। बीजेपी को समाजवादी सरकार की इन उपलब्धियों से डर लगने लगा है।’ पूरी खबर पढ़िए…