उन्होंने दैनिक भास्कर रिपोर्टर से बातचीत की। उन्होंने कहा- पति B.Tech, B.Ed, CTET और UP-TET जैसी परीक्षाएं पास करने के बाद भी सरकारी नौकरी की तलाश में थे। इसी उम्मीद में 18 सितंबर को मुरादाबाद गए थे। वहां सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के कांठ रोड स्थित 9वीं पीएसी ग्राउंड में होमगार्ड्स की शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल हुए थे। दौड़ के दौरान ही उनकी तबीयत खराब हुई और वह मैदान में गिर गए। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उनकी मौत हो गई। वहीं शिवम यादव के पिता का कहना है कि मुरादाबाद में जहां पर भर्ती चल रही थी। वहां पर इलाज की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी।बेटे की हालत बिगड़ी तो उन्हें अंदर जाने तक नहीं दिया गया। समय पर बेटे को इलाज नहीं मिल पाया। इसलिए बेटे की मौत हो गई। चार साल पहले हुई थी शादी पत्नी ने बताया- मेरी और शिवम की शादी करीब चार साल पहले हुई थी। दोनों की ढाई साल की बेटी शैली है। चार भाइयों में शिवम दूसरे नंबर पर थे। बड़े भाई अंकित और छोटे भाई सचिन वकील हैं, जबकि सबसे छोटा भाई आदित्य अभी चौथी कक्षा में पढ़ता है। 28 अप्रैल को उनकी पांचवीं शादी की सालगिरह थी। पत्नी बोलीं- B.Tech, B.Ed, CTET और UP-TET करने के बाद भी सरकारी नौकरी करना चाहते थे शिवम B.Tech, B.Ed, CTET और UP-TET कर चुके थे। वो हाईस्कूल और इंटर के बच्चों को फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स पढ़ाते थे। कोचिंग से घर का खर्च ठीक चलता था, लेकिन शिवम का मन सरकारी नौकरी करने का करता था। उन्होंने रेलवे लोको पायलट की प्री और -मेंस परीक्षा भी कर ली थी और आगे की तैयारी कर रहे थे। उन्होंने लेखपाल और रेलवे ग्रुप-डी की परीक्षाएं भी दी थीं। लेकिन उसका रिजल्ट नहीं आया था। इसी बीच उन्हें होमगार्ड्स भर्ती परीक्षा के बारे में पता चला और वो परीक्षा में शामिल होने के लिए चले गए।
पिता बोले- बेटे की तबीयत बिगड़ने की जानकारी होने पर रोता रहा, जाने नहीं दिया पिता विनोद यादव ने बताया- 12वें राउंड की दौड़ परीक्षा में बेटे की हालत खराब होने की जानकारी मिली। जिसके बाद मैं भर्ती स्थल के गेट पर पहुंचा। वहां पर मुझे पुलिसकर्मियों ने रोक लिया। मैंने उनसे अंदर जाने की गुहार लगाई, लेकिन मना कर दिया। मैं गेट पर रोता रहा, गिड़गिड़ाता रहा कि मुझे अंदर जाने दो। लेकिन पुलिस भगाती रही। काफी देर बाद भी जाने दिया। जब तक पहुंचा, बेटा जमीन पर गिर चुका था। समय पर इलाज मिलता तो बेटा आज जिंदा होता भर्ती स्थल पर इलाज की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। एक दो डॉक्टर ही दिख रहे थे। एंबुलेंस के ड्राइवर खाकी वर्दी में थे। उसे समय पर अस्पताल नहीं ले जाया गया। समय पर इलाज न मिलने से उसकी मौत हो गई। जिला अस्पताल पहुंचने के बाद भी उन्हें काफी देर तक शिवम से मिलने नहीं दिया गया। बाद में उन्हें काली पॉलिथीन में लिपटा हुआ शव दिखाया गया। एक परिवार के लिए नौकरी का सपना अब कभी पूरा नहीं होगा 17 सितंबर को जन्मदिन मनाने वाला शिवम अगले दिन सरकारी नौकरी की दौड़ में शामिल होने मुरादाबाद पहुंचा था। परिवार को उम्मीद थी कि नौकरी मिलेगी तो घर की स्थिति और बेहतर होगी। लेकिन 12वें राउंड में दौड़ते-दौड़ते उसकी जिंदगी ही खत्म हो गई। अब परिवार भर्ती स्थल की मेडिकल व्यवस्था, पुलिस के रवैये और भर्ती प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहा है। इन आरोपों पर संबंधित प्रशासन या भर्ती बोर्ड का पक्ष सामने आना बाकी है। ————————– यह खबर भी पढ़ें स्टंटबाजी में कार ने 5 छात्रों को मारी टक्कर, नोएडा में सड़क किनारे खड़े थे, उछलकर बोनट पर गिरे नोएडा में प्रॉपर्टी डीलर ने स्टंटबाजी के दौरान कार से 5 छात्रों को टक्कर मार दी। छात्र हवा में उछलकर कार के बोनट पर गिरे और फिर सड़क पर जा गिरे। यहां पढ़ें पूरी खबर
‘B.Tech के बाद भी सरकारी नौकरी की करते थे तलाश’:बरेली में पत्नी बोलीं-काश जाने न देती,आज जिंदा होते, होमगार्ड्स भर्ती दौड़ में हुई मौत
‘17 सितंबर को पति शिवम यादव (27) का जन्मदिन था। उन्होंने व्रत रखा था। व्रत खोलकर बोले- अगली बार जन्मदिन बड़े धूमधाम से मनाएंगे। रात 10:30 बजे कपड़े पहने और नौकरी पाने के लिए रात 11 बजे बस पकड़ ली। काश! मुझे जरा भी अंदेशा होता कि उनकी मौत हो जाएगी, तो मैं उन्हें कभी जाने ही न देती।’ बरेली की कोमल यादव यह बात कहते हुए रो पड़ीं।