‘जिसे बेटी कहा, उसी ने मेरे बेटे को मार डाला’:कुशाग्र की मां बोली- हत्यारों के डर से कानपुर छोड़ा; ट्यूशन टीचर, प्रेमी-दोस्त दोषी
‘मैं रचिता को बेटी की तरह मानती थी। कुछ भी खाना बनाती थी तो रचिता को जरूर बुलाती थी। होली के समय मैंने उसे अपने घर में 4 दिन रखा था। मुझे क्या पता था कि जिसे मैं खाना बना-बनाकर खिला रही हूं, वही रचिता एक दिन मेरे बेटे को मार डालेगी। उसके टुकड़े-टुकड़े कर […]