पीलीभीत पुलिस ने शुक्रवार को तीन बीवी रखने वाले करोड़पति चपरासी इलहाम-उर्र-रहमान शम्सी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने करोड़ों के घोटाले में शामिल उसकी 2 पत्नी लुबना और अजारा खान, साली फातिमा, सास नाहिद, रिश्तेदार आफिया खान, परिचित परवीन खातून और आशकारा परवीन को गिरफ्तार किया है। इलहाम की पहली पत्नी अर्शी खातून को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी थी। वह इस समय जमानत पर जेल से बाहर है। आरोपी चपरासी जिला मुख्यालय से 40 किमी दूर बीसलपुर इंटर कॉलेज में तैनात था। आठ साल पहले उसने जुगाड़ से जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) ऑफिस में अटैचमेंट ले लिया। फिर वह सैलरी के लिए टोकन जनरेट करने आदि जैसे काम भी देखने लगा। उसने तीनों पत्नियों, सास–साली समेत अपने रिश्तेदारों को टीचर, बाबू और ठेकेदार बना दिया। सातों के खाते में 8 करोड़ 15 लाख ट्रांसफर किए
जांच के दौरान पुलिस को अभी तक 53 ऐसे बैंक खाते मिले हैं, जिसमें घोटाले की रकम ट्रांसफर की गई है। जिन 7 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा है, उनके खातों में 8 सालों में अब तक 8 करोड़ 15 लाख रुपए ट्रांसफर हुए थे। ये रकम सैलरी और कॉलेज में फर्जी काम कराने के नाम पर भेजी गई थी। पुलिस ने अलग-अलग बैंक खातों में जमा 5 करोड़ 50 लाख रुपए की धनराशि को फ्रीज करा दिया है। इलहाम का घोटाला कैसे पकड़ में आया?
2026 के फरवरी महीने में बैंक ऑफ बड़ौदा के मैनेजर ने पीलीभीत डीएम ज्ञानेंद्र सिंह को एक पत्र भेजा। उसमें बताया गया कि ट्रेजरी ऑफिस से 1 करोड़ 15 लाख रुपए एक निजी बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए हैं। इसके बाद डीएम ने तीन सदस्य जांच कमेटी गठित की। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि DIOS ऑफिस से करीब 8 साल से फर्जी शिक्षकों को दर्शाकर निजी बैंक खातों में धनराशि भेजने का खेल चल रहा है। फर्जी सैलरी टोकन जनरेट करता था
जांच में मास्टरमाइंड के तौर पर चपरासी इलहाम का नाम सामने आया। पता लगा कि DIOS ऑफिस के चपरासी ने फर्जी सैलरी के टोकन जनरेट कर अपने रिश्तेदारों के अकाउंट नंबर का प्रयोग किया। लेकिन नाम किसी और के दिखाए। करोड़ों रुपए का सरकारी पैसा अपनी तीन पत्नियों और साली समेत अन्य रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर किया। तीनों पत्नियों को नहीं पता था- इलहाम पहले से शादीशुदा
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी इलहाम की तीन पत्नियां हैं। सभी अलग-अलग जगहों पर रहती थीं। इलहाम ने पहली पत्नी अर्शी के बैंक खाते में 1.15 करोड़ रुपए का ट्रांजैक्शन किया था। जिससे पूरे घोटाले का खुलासा हुआ। वहीं, दूसरी पत्नी अजारा ने पूछताछ में बताया कि उसे पति की अन्य शादियों की जानकारी नहीं थी। उसने कहा कि पहली शादी किससे हुई, यह भी उसे नहीं पता। आरोपी इलहाम ने 30 मार्च को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत ले ली थी। इलहाम की तीनों पत्नियों को जानिए… पहली- अर्शी खातून को पुलिस ने 19 फरवरी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। हालांकि 28 मार्च को उसे कोर्ट से जमानत मिल गई।
दूसरी- अजारा खान बुलंदशहर की रहने वाली है। हालांकि वह अलीगढ़ के सिविल लाइन में रहती थी।
तीसरी- लुबना संभल के रामसत्ती थाना क्षेत्र के जगत मोहल्ले की रहने वाली है। सातों आरोपियों के खाते में कितने रुपए ट्रांसफर किए सरकारी धन की पूरी वसूली की जाएगी एएसपी विक्रम दहियाने बताया- जांच में इन सात आरोपियों के खातों में कुल 8 करोड़ 15 लाख रुपए पहुंचने का खुलासा हुआ है। इसमें से 5 करोड़ से अधिक की धनराशि पहले ही फ्रीज की जा चुकी है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संदिग्ध खातों की गहन जांच कर रही है, ताकि सरकारी धन की पूरी वसूली सुनिश्चित की जा सके। ——————————————-
यह खबर भी पढ़ें… पुलिस चौकी में सिपाही पर थप्पड़ बरसाए, सिर फोड़ा, दरोगा की वर्दी फाड़ी, मोबाइल छीना; मिर्जापुर में वकील समेत 4 हिरासत में
मिर्जापुर में बुधवार रात भीड़ ने पुलिस चौकी में घुसकर एक सिपाही को घसीट-घसीटकर पीटा। दरोगा की वर्दी फाड़ दी और मोबाइल छीन लिया। पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की और जमकर गाली-गलौज भी हुई। करीब डेढ़ घंटे तक पुलिस चौकी में हाई-वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। दरअसल, पैदल चल रहे युवक को एक ई-रिक्शा से हल्की चोट लग गई थी। इसके बाद युवक के साथ मौजूद 6 से अधिक लोगों ने बीच सड़क पर ई-रिक्शा चालक की पिटाई कर दी। पढ़ें पूरी खबर…
जांच के दौरान पुलिस को अभी तक 53 ऐसे बैंक खाते मिले हैं, जिसमें घोटाले की रकम ट्रांसफर की गई है। जिन 7 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा है, उनके खातों में 8 सालों में अब तक 8 करोड़ 15 लाख रुपए ट्रांसफर हुए थे। ये रकम सैलरी और कॉलेज में फर्जी काम कराने के नाम पर भेजी गई थी। पुलिस ने अलग-अलग बैंक खातों में जमा 5 करोड़ 50 लाख रुपए की धनराशि को फ्रीज करा दिया है। इलहाम का घोटाला कैसे पकड़ में आया?
2026 के फरवरी महीने में बैंक ऑफ बड़ौदा के मैनेजर ने पीलीभीत डीएम ज्ञानेंद्र सिंह को एक पत्र भेजा। उसमें बताया गया कि ट्रेजरी ऑफिस से 1 करोड़ 15 लाख रुपए एक निजी बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए हैं। इसके बाद डीएम ने तीन सदस्य जांच कमेटी गठित की। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि DIOS ऑफिस से करीब 8 साल से फर्जी शिक्षकों को दर्शाकर निजी बैंक खातों में धनराशि भेजने का खेल चल रहा है। फर्जी सैलरी टोकन जनरेट करता था
जांच में मास्टरमाइंड के तौर पर चपरासी इलहाम का नाम सामने आया। पता लगा कि DIOS ऑफिस के चपरासी ने फर्जी सैलरी के टोकन जनरेट कर अपने रिश्तेदारों के अकाउंट नंबर का प्रयोग किया। लेकिन नाम किसी और के दिखाए। करोड़ों रुपए का सरकारी पैसा अपनी तीन पत्नियों और साली समेत अन्य रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर किया। तीनों पत्नियों को नहीं पता था- इलहाम पहले से शादीशुदा
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी इलहाम की तीन पत्नियां हैं। सभी अलग-अलग जगहों पर रहती थीं। इलहाम ने पहली पत्नी अर्शी के बैंक खाते में 1.15 करोड़ रुपए का ट्रांजैक्शन किया था। जिससे पूरे घोटाले का खुलासा हुआ। वहीं, दूसरी पत्नी अजारा ने पूछताछ में बताया कि उसे पति की अन्य शादियों की जानकारी नहीं थी। उसने कहा कि पहली शादी किससे हुई, यह भी उसे नहीं पता। आरोपी इलहाम ने 30 मार्च को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत ले ली थी। इलहाम की तीनों पत्नियों को जानिए… पहली- अर्शी खातून को पुलिस ने 19 फरवरी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। हालांकि 28 मार्च को उसे कोर्ट से जमानत मिल गई।
दूसरी- अजारा खान बुलंदशहर की रहने वाली है। हालांकि वह अलीगढ़ के सिविल लाइन में रहती थी।
तीसरी- लुबना संभल के रामसत्ती थाना क्षेत्र के जगत मोहल्ले की रहने वाली है। सातों आरोपियों के खाते में कितने रुपए ट्रांसफर किए सरकारी धन की पूरी वसूली की जाएगी एएसपी विक्रम दहियाने बताया- जांच में इन सात आरोपियों के खातों में कुल 8 करोड़ 15 लाख रुपए पहुंचने का खुलासा हुआ है। इसमें से 5 करोड़ से अधिक की धनराशि पहले ही फ्रीज की जा चुकी है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संदिग्ध खातों की गहन जांच कर रही है, ताकि सरकारी धन की पूरी वसूली सुनिश्चित की जा सके। ——————————————-
यह खबर भी पढ़ें… पुलिस चौकी में सिपाही पर थप्पड़ बरसाए, सिर फोड़ा, दरोगा की वर्दी फाड़ी, मोबाइल छीना; मिर्जापुर में वकील समेत 4 हिरासत में
मिर्जापुर में बुधवार रात भीड़ ने पुलिस चौकी में घुसकर एक सिपाही को घसीट-घसीटकर पीटा। दरोगा की वर्दी फाड़ दी और मोबाइल छीन लिया। पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की और जमकर गाली-गलौज भी हुई। करीब डेढ़ घंटे तक पुलिस चौकी में हाई-वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। दरअसल, पैदल चल रहे युवक को एक ई-रिक्शा से हल्की चोट लग गई थी। इसके बाद युवक के साथ मौजूद 6 से अधिक लोगों ने बीच सड़क पर ई-रिक्शा चालक की पिटाई कर दी। पढ़ें पूरी खबर…