सपा मुखिया अखिलेश यादव को मंगलवार की शाम 6 बजे दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। रास्ते में अखिलेश ने पुलिसवालों को पूछा- कहां ले जा रहे हो? पुलिसकर्मी ने जवाब दिया कि अफसर जैसा कहेंगे, वहां ले जाया जाएगा। पुलिस अखिलेश को छत्रसाल स्टेडियम ले गई। स्टेडियम के बाहर सपा सांसद धर्मेंद्र यादव तमाम कार्यकर्ताओं के साथ पहुंच गए। नारेबाजी करने लगे। अखिलेश दोपहर 3 बजे पीएम आवास के पास कांग्रेसियों के धरने में पहुंचे थे। पुलिस ने अखिलेश के साथ राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया था। सभी को रात 10 बजे छोड़ दिया। रिहाई के बाद अखिलेश ने कहा- नीट में यह लोग फेलियर हुए। छात्रों पर यह अपना गुस्सा निकाल रहे हैं। हमारी सरकार से मांग है कि छात्रों की मांग को स्वीकार करें और जो मंत्री है वह इस्तीफा दें। यह पेपर लीक नहीं हुआ है। सरकार बेईमानी कर रही है। आखिरकार सरकार घबरा क्यों रही है? अखिलेश-राहुल को हिरासत में लिए जाने से यूपी में सपा और कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। वाराणसी में BHU गेट पर सपा कार्यकर्ताओं से पुलिस की झड़प हुई। 18 लोगों को हिरासत में लिया गया। लखनऊ में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने राज्यपाल आवास घेर लिया। पीएम मोदी की तस्वीर पर काली स्याही उड़ेल दी और ‘धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो’ नारे लगाए। उधर, आगरा-गोरखपुर, चंदौली, बस्ती समेत पूरे प्रदेश में सपा नेताओं ने प्रदर्शन किया। अखिलेश की रिहाई की मांग की। 4 तस्वीरें देखिए… उधर, नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में धरने पर बैठे हैं। वह संसद के बाहर अंबेडकर प्रतिमा के नीचे सोमवार देर रात से बैठे हैं। मंगलवार दोपहर चंद्रशेखर से मिलने AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी पहुंचे और उनसे बातचीत की। कहा- हम आपके साथ हैं। इस पर चंद्रशेखर ने कहा- सरकार अन्याय कर रही है। यह हमें स्वीकार नहीं है। इससे पहले मंगलवार सुबह दिल्ली में बारिश हुई, लेकिन चंद्रशेखर छाता लगाकर धरने पर बैठे रहे। उन्होंने ‘X’ पर लिखा- जुल्म जब भी हद से आगे बढ़ने लगता है, वहीं से बदलाव का सूरज निकलने लगता है। जंतर-मंतर पर बच्चों और बच्चियों के साथ जिस प्रकार का बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया गया, उसने मन को गहराई तक झकझोर दिया। मैंने जलियांवाला बाग का दौर नहीं देखा, लेकिन आज जो दृश्य सामने आए, उन्होंने इतिहास के उस काले अध्याय की याद अवश्य दिला दी। डिंपल यादव ने कहा- यह निर्मम सरकार है। बच्चों ने इतने आंसू बहाए, लेकिन सरकार को दया नहीं आ रही। शिक्षा मंत्री को अभी तक पद से नहीं हटाया गया है। चंद्रशेखर के धरने की 2 तस्वीरें- प्रदर्शन से जुड़े अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…