अतीक का बेटा बोला-FIR कराने वाला कई बार मिलने आया:हमारे पारिवारिक संबंध हैं, जेल से कैसे रंगदारी मांग सकता हूं

‘मेरे ऊपर लगाए गए सारे आरोप झूठे हैं। फर्जी और मनगढ़ंत कहानी बनाकर प्रशासन के दबाव में FIR कराई गई। जिस अफजल ने FIR कराई, उसके परिवार से हमारे पारिवारिक संबंध है। अफजल कई बार जेल में भी मुझसे मिलने आता रहा है। इस घटना से मेरा कोई लेना-देना नहीं। मैं तो उस समय नैनी सेंट्रल जेल की हाई सिक्योरिटी बैरक में था।’ यह बयान अतीक अहमद के दूसरे नंबर के बेटे अली ने प्रयागराज कोर्ट में दिया। 2023 के करेली थाने में 5 लोगों पर दर्ज मुकदमे के मामले में सोमवार (21 सितंबर) को अली को बयान दर्ज कराने के लिए पेश किया गया था। एडीजे कोर्ट- 16 में जज शैलेंद्र मणि त्रिपाठी ने दर्ज FIR, पुलिस के आरोपों और चार्जशीट को लेकर सवाल पूछे। करीब एक घंटे तक अली से पूछताछ हुई। जवाब देते हुए अली ने कहा- ऐसी किसी जमीन की मुझे जानकारी नहीं है। मैं न मारपीट की और न धमकी की। जेल से रंगदारी मांगना तो दूर की बात है। यह उस समय हुआ, जब साजिशन कई केस लादे जा रहे थे। इस मामले में जिन 2 लोगों को गवाह बनाया गया, उन्हें तो तब मैं जानता भी नहीं था। कोर्ट में पेशी की 2 तस्वीरें देखिए… असाद कालिया बोला- आरोप गलत और झूठे दूसरे आरोपी कासगंज जेल से लाए गए असाद कालिया ने भी कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया। उसने कहा- मैं उस वक्त नैनी सेंट्रल जेल में बंद था। जेल से मेरी किसी से बात नहीं हो पाती थी। आरोप गलत और झूठे हैं। आरोपी अल्तमश पेश हुआ, लेकिन बयान नहीं हुए इसी केस में आरोपी अल्तमश भी अली और असाद कालिया के साथ कोर्ट में मौजूद था। हालांकि, उसके बयान नहीं दर्ज हो सके। असल में अल्तमश के वकील समय पर कोर्ट में नहीं उपस्थित थे। इसलिए उसका बयान आगे दर्ज होने की गुजारिश की गई। अली और असाद का बयान दर्ज करने के बाद कोर्ट ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी, तो फिर से व्यक्तिगत पेशी होगी। नहीं तो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से ट्रॉयल चलेगा। 2002 में हुई थी वादी के भाई की हत्या अतीक अहमद के जिंदा रहने के दौरान 2002 में कसारी मसारी के रहने वाले मो. अशरफ (अतीक का भाई नहीं) की घर के सामने ही हत्या हो गई थी। आरोप अतीक गैंग पर लगे थे। तब अतीक परिवार और अशरफ के परिवार के बीच दुश्मनी चल रही थी। हालांकि, बाद में सुलह-समझौता हो गया था। अशरफ के भाई अफजल ने करेली थाने में साल-2023 में FIR कराई थी। मुकदमा दर्ज कराने वाले कसारी-मसारी के अफजल ने अपनी FIR में जिस अमीर हमजा को गवाह बनाया, अब वही एक आरोपी का सगा रिश्तेदार हो गया है। अमीर हमजा की शादी FIR में दर्ज एक आरोपी अल्तमश की बहन से 6 महीने पहले हुई है। सगी रिश्तेदारी और एक ही बिरादरी की वजह से अब सुलह की गुंजाइश बन गई है। 250 से अधिक पुलिसवाले, फिर भी करीबी अली तक पहुंचे सोमवार को एडीजे कोर्ट पहुंचे अली के हावभाव बदले नजर आए। उसने सफेद टोपी, शर्ट और जींस पहन रखी थी। हाथों में रस्सी बंधी हुई थी। एक हाथ में उसने गमछा लिया था। पुलिस उसे सीधे कोर्ट रूम में ले गई। अली को प्रयागराज लाने की तैयारी इतनी गोपनीय रखी गई थी कि इसका किसी को पता नहीं चला था। 250 से ज्यादा पुलिसवाले जिला अदालत से लेकर कोर्ट रूम तक साथ रहे। इसके बावजूद अली के करीबियों और रिश्तेदारों की भीड़ भी आगे-पीछे दौड़ती रही। अली भी पुलिस के घेरे के बावजूद कई लोगों से मिला, उनसे बात की। पुलिस रोकती रही, लेकिन वकीलों की भीड़ के बीच कई करीबी अली तक पहुंच गए। अली को 3 गाड़ियों से झांसी ले गए 35 पुलिसवाले माफिया अतीक अहमद के बेटे अली अहमद को रंगदारी मामले में सोमवार को प्रयागराज कोर्ट में पेश किया गया। बाहर निकलने पर मीडियाकर्मियों ने उससे बात करने की कोशिश की, लेकिन पुलिसवालों ने बात नहीं करने दी। पुलिस ने अली को सीधे वैन में बैठाया और पर्दे डाल दिए। इसके बाद 3 गाड़ियों के काफिले के साथ 35 पुलिसकर्मी उसे झांसी लेकर रवाना हो गए। पुलिस ने रात 11 बजे अली को झांसी जेल में दाखिल करा दिया। वह केस जानिए, जिसमें अली की पेशी हुई अली 4 साल से जेल में बंद है अली 4 साल से जेल में बंद है। 30 जुलाई, 2022 को उसने प्रयागराज कोर्ट में सरेंडर किया था। इसके बाद उसे नैनी सेंट्रल जेल भेजा गया था। 17 जून, 2025 को उसकी बैरक से कैश बरामद हुआ था। इसके बाद उसे सिक्योरिटी सेल में भेज दिया गया था। 1 अक्टूबर, 2025 को उसे झांसी जेल शिफ्ट किया गया था। —————————- ये खबर भी पढ़ें अतीक अहमद के 21 साल के बेटे की मौत, कार डिवाइडर से टकराई, आखिरी शब्द- मुझे बचा लो माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान (21) की सड़क हादसे में मौत हो गई। वह 6 अगस्त सुबह 5 बजे प्रयागराज से झांसी जेल में बंद बड़े भाई अली से मिलने जा रहा था। क्रेटा कार में अबान के साथ उसके 4 दोस्त थे। पढ़िए पूरी खबर