माफिया अतीक जब जिंदा था, बेटे असद को अपना उत्तराधिकारी कहता था। प्रयागराज के लोग असद को ‘सांसदजी’ कहने लगे। वो पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। छोटे बेटे अबान को अतीक सबसे ज्यादा प्यार करता था। कुछ महीने पहले अबान ने सोशल मीडिया पर रील पोस्ट की थी। इसमें वो कह रहा था- ‘हम कुत्तों की तरह पीछे से वार नहीं करते।’ 6 अगस्त को अबान की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। अतीक के जिंदा बेटों में 2 लखनऊ और झांसी की जेलों में बंद हैं। एक बेटा अहजम प्रयागराज में बुआ के घर पर रहता है। आज संडे बिग स्टोरी में समझते हैं कि अतीक ने कैसे अपने बेटों को भी गुंडा बना दिया… परिवार में जो बचे, पहले उन्हें जान लेते हैं सबसे बड़े बेटे उमर की राजनीति में दिलचस्पी नहीं थी। शुरुआत से ही पढ़ाई में अच्छा था, तो उत्तराखंड में लॉ की पढ़ाई करने चला गया। वो अतीक की तरह मूंछ रखता है। इस वक्त लखनऊ जेल में बंद है। आरोप है कि 2018 में अतीक के कहने पर उमर ने लखनऊ के रियल स्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल का अपहरण किया था। उसको देवरिया जेल ले गया था। अतीक उसी जेल में बंद था। जेल प्रशासन की मिलीभगत से मोहित को अतीक अहमद की बैरक नंबर- 7 में ले जाया गया। वहां उसे बेरहमी से पीटा गया और 45 करोड़ की संपत्ति जबरन ट्रांसफर करवा ली थी। मामले की जांच CBI कर रही है। 23 अगस्त, 2022 को उमर ने सरेंडर किया था। उसके बाद से वह जेल में बंद है। उमर पर उमेश पाल हत्याकांड की साजिश रचने का भी आरोप है। साबित होने पर उसे उम्रकैद भी हो सकती है। बेटे अली अहमद पर अपने रिश्तेदार जीशान उर्फ जानू से 5 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने और जानलेवा हमले का आरोप है। उमेश पाल हत्याकांड में साजिश का आरोपी है। इसके अलावा हत्या की कोशिश, गैंगस्टर एक्ट जैसे करीब 11 मामले दर्ज हैं। वो अभी झांसी जेल में बंद है। 1 अक्टूबर, 2025 को नैनी जेल से झांसी शिफ्ट करते वक्त उसने मीडिया से कहा था- ‘अन्यथा सताया जा रहा है, बचा लें मुख्यमंत्री। दिल्ली में रहकर पढ़ता था, फर्जी मुकदमा लगाकर जेल भेज दिया है।’ अली पर दर्ज मुकदमों में आरोप तय हो चुके हैं। गवाही जारी है। उसको उम्रकैद हो सकती है। अहजम पर अब तक कोई मुकदमा नहीं है। भाई की मौत के बाद शव लेने झांसी आया, तब पहली बार मीडिया में उसकी तस्वीर सामने आई। उसने उस वक्त कहा था- मेरे भाइयों को जनाजे में शामिल होने दिया जाए। अहजम सोशल मीडिया पर भी सक्रिय नहीं है। 2024 में 12वीं पास करने के बाद प्रयागराज के एक कॉलेज से पढ़ाई कर रहा है। जिले के हटवा गांव में बुआ परवीन कुरैशी के घर पर रहता है। अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन पर 7 मामले दर्ज हैं। उमेश पाल हत्याकांड की साजिश और शूटर्स को शरण देने का आरोप है। ED ने ठगी और वसूली का मुकदमा दर्ज किया है। उस मामले में आरोप साबित होने के बाद उम्रकैद तक सजा हो सकती है। हालांकि, यह तब संभव है जब शाइस्ता को पकड़ा जाए। शाइस्ता को यूपी पुलिस, एसटीएफ और एटीएस ने देश के 9 राज्यों में तलाशा। 19 अप्रैल, 2023 में उसके कौशांबी जिले के पल्हाना गांव में होने की सूचना मिली, लेकिन कुछ पता नहीं चला। बीच में इनपुट मिला कि शाइस्ता दुबई भाग चुकी है। हालांकि, प्रशासन ने अब तक इसकी पुष्टि नहीं की है। वहीं, अशरफ की पत्नी जैनब और अतीक की बहन आयशा नूरी भी फरार हैं। दोनों पर 25-25 हजार रुपए का इनाम है। राजनीतिक रसूख कम हुआ, तो अतीक ने बेटे को आगे किया अतीक ने 1996 में शाइस्ता परवीन से शादी की थी। 2008 तक उसके 5 बेटे उमर, अली, असद, अहजम और अबान हुए। अतीक ने सभी को शहर के नामी इंग्लिश मीडियम सेंट जोसेफ स्कूल में पढ़ाया। वह उन्हें अपने साथ राजनीतिक प्रोग्राम में भी लेकर जाता था। बच्चों के सामने ही लोगों धमकाने और पीटने से भी पीछे नहीं हटता था। इसका असर यह हुआ कि बेटे भी अतीक के नक्शेकदम पर बढ़ने लगे। अतीक का तीसरा बेटा असद इस मामले में सबसे आगे था। अतीक 2009 तक सांसद रहा। इसके बाद उसका सियासी रुतबा घटने लगा। 2012 में पहला चुनाव हारा, तो फिर कभी ‘माननीय’ नहीं बन पाया। 2019 तक 4 चुनाव हारा। आखिरी चुनाव 2019 में पीएम मोदी के खिलाफ लड़ा, तो सिर्फ 855 वोट मिले। उस समय वो जेल में था। इसके बाद अतीक ने बच्चों को आगे बढ़ाना शुरू कर दिया। 2017 में अतीक जेल गया, तो कहा जाने लगा कि असद उसकी राजनीतिक विरासत संभालने लगा है। असद राजनीतिक मंचों से कहता था- ‘जेल की सलाखों में इतना दम नहीं कि हमारे हौसलों के फौलाद को रोक सकें। जिस दिन मर्जी होगी, जंजीर तोड़कर खुले आसमान का मंजर देख लेंगे।’ अतीक-असद मारे गए, दो बेटे जेल गए 2023 अतीक खानदान के लिए बर्बादी की शुरुआत था। बेटे असद ने 24 फरवरी को राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं और फरार हो गया था। इसके बाद सीएम योगी ने विधानसभा में कहा था- ‘इस माफिया को मिट्टी में मिला देंगे।’ फिर शुरू हुआ बुल्डोजर एक्शन अब तक जारी है। इसी दौरान साबरमती जेल में बंद अतीक 12 अप्रैल को प्रयागराज लाया जा रहा था। मध्यप्रदेश के शिवपुरी में कुछ देर के लिए पुलिस का काफिला रुका, तो वैन के अंदर से गिड़गिड़ाते हुए मीडिया से बोला था- ‘सरकार ने कहा था कि मिट्टी में मिला देंगे, तो हम मिट्टी में मिल गए हैं… अब तो बस रगड़ा जा रहा है। सरकार से कहना चाहूंगा कि घर की औरतों और बच्चों को परेशान न करें।’ इस बयान के अगले दिन यानी 13 अप्रैल, 2023 को पुलिस ने झांसी में असद को एनकाउंटर में मार गिराया था। ठीक 2 दिन बाद 15 अप्रैल को पुलिस कस्टडी में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की प्रयागराज में 3 लड़कों ने हत्या कर दी थी। उमेश पाल हत्याकांड में अतीक की पत्नी शाइस्ता और अशरफ की पत्नी जैनब का भी नाम आया, तो दोनों फरार हो गई थीं। इसी मामले में अली और उमर भी शामिल हैं। चौथे और पांचवें नंबर के बेटे उस वक्त नाबालिग थे। दोनों को बाल सुधार गृह में रखा गया था। बाद में अतीक की बहन परवीन को सौंप दिया गया था। अब सबसे छोटे बेटे अबान की एक्सीडेंट में मौत हो गई। अतीक ने अपराध की बदौलत बड़ा आर्थिक साम्राज्य खड़ा किया था। प्रशासन अब तक 3 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति जब्त कर चुका है। जांच अधिकारी दावा करते हैं कि अतीक की बेनामी संपत्तियां 10 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की हैं। —————————— ये खबर भी पढ़ें… अतीक के बेटे का शव कब्रिस्तान पहुंचा, भीड़ बेकाबू:बैरिकेडिंग तोड़ी तो पुलिस ने खदेड़ा, तीनों भाइयों ने जनाजे को कंधा दिया अतीक के 21 साल के बेटे अबान का शव लेकर भाई अहजम रोते हुए कब्रिस्तान पहुंचा। बेकाबू भीड़ ने बैरिकेडिंग तोड़ दी। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को खदेड़ना पड़ा। कब्रिस्तान के बाहर 5-7 हजार की भीड़ मौजूद थी। अबान के दोनों भाई अली और उमर झांसी और लखनऊ जेल से प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान पहुंचे थे। पूरी खबर पढ़ें…