आजमगढ़ में पत्नी और दो पुजारियों का हत्यारा मारा गया:3 बच्चों को बंधक बनाकर बैठा था, एक को गोली मारी तो एनकाउंटर किया

आजमगढ़ में पत्नी समेत दो पंडितों की गोली मारकर हत्या करने वाले को पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया। देर रात करीब 1 बजे SOG और ATS की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने रात करीब 3:30 बजे आरोपी की मौत की पुष्टि की। एसएसपी डॉक्टर अनिल कुमार ने बताया कि तीन हत्या करने के बाद आरोपी ने अपने को तीन बच्चों के साथ खुद को कमरे में बंद कर लिया था लगातार वह बच्चों को मारने की धमकी दे रहा था। इसी दौरान उसने एक गोली अपने बच्चे पर चला दी। वह घायल हो गया। इसके बाद आरोपी ने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग करनी शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में उसके गोली लगी। उसे अस्पताल लेकर गए। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। एसएसपी ने बताया कि एक बच्चे की हालत गंभीर हैं। जबकि दो बच्चे खतरे से बाहर हैं। दरअसल शंभूपुर गहजी के रहने वाले अरविंद सिंह मंगलवार शाम करीब 6 बजे घर पहुंचे। उस समय पत्नी बबीता सिंह (40), मां समला देवी (70) और बेटी परी (5), बेटा लक्खा (6) और सात माह की बेटी घर पर मौजूद थे। इसके अलावा पटखौली गांव के पंडित महेंद्र पाठक (60), छितौना भटौली गांव के अखिलेश मिश्रा (55), उनके पुत्र हिमांशु मिश्रा और एक अन्य पंडित पूजा करा रहे थे। अरविंद की पत्नी बबिता धार्मिक अनुष्ठान करा रही थीं। बाजार से घर पहुंचे अरविंद ने यह सब देखकर पंडितों से सवाल किया। पंडितों ने पूजा कराए जाने की जानकारी दी। अरविंद ने उनसे आधार कार्ड मांगना शुरू कर दिया। इसके बाद अरविंद और पंडितों के बीच बहस शुरू हो गई। पंडितों से बहस बढ़ने पर आरोपी अरविंद कमरे से अपनी लाइसेंसी राइफल निकाल लाया। पहले उसने पत्नी बबीता को गोली मारी। इसके बाद दोनों पंडितों पर भी फायरिंग कर दी। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़ते हुए अरविंद के घर के बाहर पहुंचे। भीड़ को घर में आता देख आरोपी अरविंद ने खुद को तीन बच्चों के साथ कमरे में कैद कर लिया। पड़ोसियों ने तुरंत घटना की सूचना पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस उसे 7 घंट तक समझाती रही। मगर वह नहीं माना। खबर अपडेट की जा रही है…