आजमगढ़ में पत्नी, बेटे और दो पुजारियों की हत्या करने वाला आरोपी एनकाउंटर में मारा गया। आरोपी ने पकड़े जाने के डर से अपने 3 बच्चों को कमरे में बंधक बना लिया था। इसी दौरान उसने एक बच्चे पर गोली चला दी। इसके बाद आरोपी ने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। NSG, ATS, SOG और पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी मारा गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी घर में पूजा कराने से नाराज था। मंगलवार शाम 6 बजे इसी बात को लेकर उसकी पत्नी से बहस हो गई। इसी दौरान उसने दोनों पुजारियों से आधार कार्ड मांगा। इसको लेकर उनसे भी कहासुनी हो गई। गुस्से में आरोपी कमरे से अपनी लाइसेंसी राइफल लेकर आया और दोनों पुजारियों और पत्नी को गोली मार दी। वारदात की सूचना मिलते ही 6 थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। पुलिस को देखते ही आरोपी ने अपने तीन बच्चों के साथ खुद को कमरे में बंद कर लिया। वह लगातार बच्चों को मारने की धमकी दे रहा था। रात करीब 11:30 बजे वाराणसी के एडीजी नवीन अरोरा पहुंचे। इसके बाद SOG, ATS और NSG की टीम को बुलाया गया। पुलिस 7 घंटे तक आरोपी को सरेंडर करने के लिए समझाती रही, लेकिन वह नहीं माना। रात करीब 1 बजे उसने अपने 9 साल के बेटे शौर्य को गोली मार दी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी मारा गया। मृतकों में आरोपी अरविंद सिंह, पत्नी बबीता सिंह (40), बेटा शौर्य (9), पुजारी महेंद्र पाठक (60) और अखिलेश मिश्रा (55) शामिल हैं। घटना जिला मुख्यालय से करीब 50 किमी दूर अहिरौला थाना क्षेत्र की है। घटना से जुड़ी 3 तस्वीरें देखिए
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