यूपी पुलिस जिस अरमान को साल 2023 से तलाश कर रही थी, वह बिहार के गया सेंट्रल जेल में बंद था। अरमान उमेश पाल हत्याकांड के आरोपियों में शामिल है। यूपी पुलिस ने अरमान पर 5 लाख रुपए का इनाम भी घोषित कर रखा है। वह अतीक अहमद का खास शूटर रहा है। अरमान मूल रूप से गयाजी का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि उमेश पाल हत्याकांड के बाद यूपी पुलिस से बचने के लिए वह गयाजी आ गया था। अरमान ने कटारी तालाब के पास ‘भोलू अंडा वाले’ पर फायरिंग की थी। इस मामले में उसके खिलाफ केस दर्ज था। इसी मामले में उसने कोर्ट में सरेंडर किया था। इसके बाद अरमान को गया सेंट्रल जेल भेज दिया गया था। अब प्रयागराज के धूमनगंज थाने की पुलिस को सूचना मिली कि अरमान गया सेंट्रल जेल में बंद है। सूचना के आधार पर यूपी पुलिस गयाजी पहुंची और जांच-पड़ताल कर अरमान की पहचान की। इसके बाद उसे अपने साथ ले जाने के लिए यूपी पुलिस ने कोर्ट में ट्रांजिट रिमांड की अर्जी दाखिल की है। हालांकि, यूपी पुलिस को अब तक ट्रांजिट रिमांड नहीं मिली है। अतीक अहमद गैंग के शूटर अरमान की 2 तस्वीरें देखिए
गयाजी के जेल में बंद अरमान तक कैसे पहुंची यूपी पुलिस यूपी पुलिस लगातार अरमान की तलाश में जुटी रही। इसी दौरान गयाजी के जेल में बंद होने की सूचना मिली। इस सूचना के बाद प्रयागराज के धूमनगंज थाने की पुलिस 30 सितंबर को गया सेंट्रल जेल पहुंची। पुलिस ने जेल में अरमान की ताजा तस्वीर खींचीं। सादे कागज पर उसके अंगूठे के निशान लिए। यूपी पुलिस कागजी कार्रवाई पूरी कर लौट गई। अगले ही दिन यानी 1 अक्टूबर को यूपी पुलिस ने गया कोर्ट में अर्जी दाखिल कर ट्रांजिट रिमांड की मांग की। लेकिन कोर्ट में ट्रांजिट रिमांड की अर्जी पर सुनवाई नहीं हुई। CCTV में दिखा था गुड्डू मुस्लिम का पार्टनर अरमान 24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में दिनदहाड़े उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनरों को गोलियों से भून दिया गया था। उस वक्त सीसीटीवी फुटेज में एक बाइक सवार साफ दिख रहा था। वह बाइक अतीक अहमद गैंग का शूटर अरमान चला रहा था, जबकि पीछे गुड्डू मुस्लिम बैठा था। अरमान ही गुड्डू मुस्लिम को बाइक पर बैठाकर घटनास्थतल पर लाया था। बाइक रोकते ही गुड्डू मुस्लिम ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थी। इस दौरान अरमान ने भी गोलियां चलाई थी। घटना को अंजाम देकर अरमान अपने साथी गुड्डू मुस्लिम के साथ फरार हो गया था। अरमान के माता-पिता को एनकाउंटर का डर, कोर्ट में लगाई गुहार यूपी पुलिस के एक्टिव होने और रिमांड पर अरमान को यूपी ले जाने की सूचना मिलने के बाद उसके माता-पिता शमीम और असगरी खातून को एनकाउंटर का डर सताने लगा है। अरमान के माता-पिता का कहना है कि यूपी ले जाते ही हमारे बेटे का एनकाउंटर हो जाएगा। अरमान के पिता ने गया कोर्ट में एक अर्जी दाखिल की है, जिसमें अरमान को यूपी पुलिस के हवाले न करने की मांग की है। यूपी पुलिस को पूछताछ करनी है तो यूपी पुलिस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पूछताछ करे। अरमान के पिता शमीम ने बताया कि उमेश पाल हत्याकांड के ज्यादातर आरोपियों को पुलिस मुठभेड़ में मार चुकी है। यूपी पुलिस अरमान को ले जाकर हथियार बरामदगी के नाम पर उसका फर्जी एनकाउंटर कर सकती है। अरमान के माता-पिता की अर्जी को कोर्ट ने किया खारिज जानकारी के मुताबिक, अरमान के माता-पिता की ओर से कोर्ट में लगाई गई अर्जी को गया कोर्ट ने खारिज कर दिया है। अब कभी भी यूपी पुलिस अरमान को गया जेल से ट्रांजिट रिमांड पर प्रयागराज ले जा सकती है। गया के मजिस्ट्रेट सौरभ कुमार की अदालत में इस मामले पर एक अक्टूबर को सुनवाई हुई थी। अदालत ने अरमान के परिजनों और वकील की अर्जी को सीधे खारिज कर दिया था। अरमान के वकील ललित कुमार गुप्ता ने इस बात की पुष्टि की है। अरमान के वकील बोले- जेल प्रशासन और पुलिस की मिलीभगत अरमान के वकील ललित कुमार गुप्ता ने पुलिस और जेल प्रशासन पर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अरमान की जान को सीधा खतरा है। यूपी में अरमान की हत्या हो सकती है। यूपी पुलिस और गया सेंट्रल जेल प्रशासन की मिलीभगत से मोहम्मद अरमान की हत्या करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा कि हमने कोर्ट में सुरक्षा कारणों का हवाला देकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी की मांग की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि अरमान 27 फरवरी 2023 से गया जेल में बंद है। उसे यूपी के मामले में जानबूझकर फंसाया जा रहा है। निचली अदालत के आदेश की कॉपी मिलते ही हम अरमान की सुरक्षा के लिए पटना हाई कोर्ट में रिट याचिका दाखिल करेंगे। माता-पिता बोले: हमारा बेटा निर्दोष, योगी सरकार से सुरक्षा की गुहार अरमान के माता-पिता शमीम और असगरी खातून ने कहा कि मेरे बेटे को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। हमारा परिवार काफी गरीब है। हमारे पास रहने के लिए अपना पक्का मकान तक नहीं है। माता-पिता के मुताबिक, अरमान पहले प्रयागराज में रहकर छोटा-मोटा काम करता था। वो कोई पेशेवर अपराधी या बड़ा शूटर नहीं है। वो तो पिछले 3 साल से गया के मामलों में जेल की सजा काट रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। कौन-कौन थे उमेश पाल हत्याकांड के आरोपी, शूटरों का मौजूद स्टेटस अब आगे क्या? यूपी पुलिस अब बिना कोई मौका गंवाए अरमान को प्रयागराज ले जाने की तैयारी में है। अरमान के पास अतीक गैंग और गुड्डू मुस्लिम के कई छिपे हुए राज हैं। अगर यूपी पुलिस उसे रिमांड पर लेती है, तो गुड्डू मुस्लिम की लोकेशन का भी पता चल सकता है। दूसरी तरफ अरमान का परिवार पटना हाई कोर्ट जाने की तैयारी में है।
गयाजी के जेल में बंद अरमान तक कैसे पहुंची यूपी पुलिस यूपी पुलिस लगातार अरमान की तलाश में जुटी रही। इसी दौरान गयाजी के जेल में बंद होने की सूचना मिली। इस सूचना के बाद प्रयागराज के धूमनगंज थाने की पुलिस 30 सितंबर को गया सेंट्रल जेल पहुंची। पुलिस ने जेल में अरमान की ताजा तस्वीर खींचीं। सादे कागज पर उसके अंगूठे के निशान लिए। यूपी पुलिस कागजी कार्रवाई पूरी कर लौट गई। अगले ही दिन यानी 1 अक्टूबर को यूपी पुलिस ने गया कोर्ट में अर्जी दाखिल कर ट्रांजिट रिमांड की मांग की। लेकिन कोर्ट में ट्रांजिट रिमांड की अर्जी पर सुनवाई नहीं हुई। CCTV में दिखा था गुड्डू मुस्लिम का पार्टनर अरमान 24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में दिनदहाड़े उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनरों को गोलियों से भून दिया गया था। उस वक्त सीसीटीवी फुटेज में एक बाइक सवार साफ दिख रहा था। वह बाइक अतीक अहमद गैंग का शूटर अरमान चला रहा था, जबकि पीछे गुड्डू मुस्लिम बैठा था। अरमान ही गुड्डू मुस्लिम को बाइक पर बैठाकर घटनास्थतल पर लाया था। बाइक रोकते ही गुड्डू मुस्लिम ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थी। इस दौरान अरमान ने भी गोलियां चलाई थी। घटना को अंजाम देकर अरमान अपने साथी गुड्डू मुस्लिम के साथ फरार हो गया था। अरमान के माता-पिता को एनकाउंटर का डर, कोर्ट में लगाई गुहार यूपी पुलिस के एक्टिव होने और रिमांड पर अरमान को यूपी ले जाने की सूचना मिलने के बाद उसके माता-पिता शमीम और असगरी खातून को एनकाउंटर का डर सताने लगा है। अरमान के माता-पिता का कहना है कि यूपी ले जाते ही हमारे बेटे का एनकाउंटर हो जाएगा। अरमान के पिता ने गया कोर्ट में एक अर्जी दाखिल की है, जिसमें अरमान को यूपी पुलिस के हवाले न करने की मांग की है। यूपी पुलिस को पूछताछ करनी है तो यूपी पुलिस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पूछताछ करे। अरमान के पिता शमीम ने बताया कि उमेश पाल हत्याकांड के ज्यादातर आरोपियों को पुलिस मुठभेड़ में मार चुकी है। यूपी पुलिस अरमान को ले जाकर हथियार बरामदगी के नाम पर उसका फर्जी एनकाउंटर कर सकती है। अरमान के माता-पिता की अर्जी को कोर्ट ने किया खारिज जानकारी के मुताबिक, अरमान के माता-पिता की ओर से कोर्ट में लगाई गई अर्जी को गया कोर्ट ने खारिज कर दिया है। अब कभी भी यूपी पुलिस अरमान को गया जेल से ट्रांजिट रिमांड पर प्रयागराज ले जा सकती है। गया के मजिस्ट्रेट सौरभ कुमार की अदालत में इस मामले पर एक अक्टूबर को सुनवाई हुई थी। अदालत ने अरमान के परिजनों और वकील की अर्जी को सीधे खारिज कर दिया था। अरमान के वकील ललित कुमार गुप्ता ने इस बात की पुष्टि की है। अरमान के वकील बोले- जेल प्रशासन और पुलिस की मिलीभगत अरमान के वकील ललित कुमार गुप्ता ने पुलिस और जेल प्रशासन पर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अरमान की जान को सीधा खतरा है। यूपी में अरमान की हत्या हो सकती है। यूपी पुलिस और गया सेंट्रल जेल प्रशासन की मिलीभगत से मोहम्मद अरमान की हत्या करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा कि हमने कोर्ट में सुरक्षा कारणों का हवाला देकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी की मांग की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि अरमान 27 फरवरी 2023 से गया जेल में बंद है। उसे यूपी के मामले में जानबूझकर फंसाया जा रहा है। निचली अदालत के आदेश की कॉपी मिलते ही हम अरमान की सुरक्षा के लिए पटना हाई कोर्ट में रिट याचिका दाखिल करेंगे। माता-पिता बोले: हमारा बेटा निर्दोष, योगी सरकार से सुरक्षा की गुहार अरमान के माता-पिता शमीम और असगरी खातून ने कहा कि मेरे बेटे को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। हमारा परिवार काफी गरीब है। हमारे पास रहने के लिए अपना पक्का मकान तक नहीं है। माता-पिता के मुताबिक, अरमान पहले प्रयागराज में रहकर छोटा-मोटा काम करता था। वो कोई पेशेवर अपराधी या बड़ा शूटर नहीं है। वो तो पिछले 3 साल से गया के मामलों में जेल की सजा काट रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। कौन-कौन थे उमेश पाल हत्याकांड के आरोपी, शूटरों का मौजूद स्टेटस अब आगे क्या? यूपी पुलिस अब बिना कोई मौका गंवाए अरमान को प्रयागराज ले जाने की तैयारी में है। अरमान के पास अतीक गैंग और गुड्डू मुस्लिम के कई छिपे हुए राज हैं। अगर यूपी पुलिस उसे रिमांड पर लेती है, तो गुड्डू मुस्लिम की लोकेशन का भी पता चल सकता है। दूसरी तरफ अरमान का परिवार पटना हाई कोर्ट जाने की तैयारी में है।