केमिकल मिलाकर यूज्ड चायपत्ती दुबारा बाजार में बिक रही:बाराबंकी में अवैध फैक्ट्री सील, 800 किलो नकली पत्ती बरामद

इस्तेमाल की जा चुकी चायपत्ती को दोबारा रंगकर नई पैकेजिंग में बाजार में बेचा जा रहा। यूपी STF और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की संयुक्त टीम ने शनिवार शाम 4:30 बजे बाराबंकी में एक घर के अंदर संचालित ऐसी ही नकली चाय पत्ती फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने फैक्ट्री संचालक को गिरफ्तार कर फैक्ट्री सील कर दी है। करीब तीन घंटे चली छापेमारी में 800 किलो रंगी हुई चाय पत्ती, 5 किलो कृत्रिम रंग और पैकिंग सामग्री बरामद हुई। जांच में सामने आया कि होटलों और ढाबों से इस्तेमाल के बाद फेंकी गई चाय पत्ती को दोबारा तैयार कर ब्रांडेड नामों से बाजार में बेचा जा रहा था। कार्रवाई जिला मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर दूर बड्डूपुर थाना क्षेत्र में की गई। एफएसडीए अधिकारियों ने बताया कि चाय की पत्ती में मिलाया जा रहा कृत्रिम रंग स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। इसके नियमित सेवन से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी पिछले करीब दो साल से अपने दो मंजिला मकान में यह अवैध फैक्ट्री चला रहा था। इसकी शिकायत डेढ़ साल पहले मिली थी, लेकिन सटीक लोकेशन ट्रेस नहीं हो पा रही थी। छापेमारी की तस्वीरें देखिए… ‘फास्ट टी’ और ‘गार्डेन फ्रेश’ नाम से बेची जा रही थी अधिकारियों के अनुसार, फैक्ट्री संचालक शकील ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह कारोबार का संचालन कर रहा था। खुली चाय पत्ती को ‘फास्ट टी’ और ‘गार्डेन फ्रेश’ नाम से पैक कर बाजार में बेचा जा रहा था। टीम ने चाय पत्ती और कृत्रिम रंग के नमूने जांच के लिए सुरक्षित किए। करीब 1.60 लाख रुपये कीमत की चाय पत्ती जब्त कर ली गई। पैकिंग में इस्तेमाल हो रही इलेक्ट्रॉनिक और सीलिंग मशीन भी सील कर दी गईं। एफएसडीए ने आरोपी शकील के खिलाफ बड्डूपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। इस्तेमाल की हुई चाय पत्ती को दोबारा तैयार कर बेचता था फूड इंस्पेक्टर डॉ. अंकित यादव ने बताया कि चाय पत्ती में मिलाया जाने वाला कृत्रिम रंग स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हो सकता है। लगातार ऐसे रसायनों के सेवन से गंभीर बीमारियों और कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने लोगों से केवल विश्वसनीय ब्रांड और अधिकृत विक्रेताओं से ही खाद्य सामग्री खरीदने की अपील की। एक अन्य रेस्टोरेंट से भी लिया नमूना, नोटिस वहीं, इसी अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारी पल्लवी तिवारी और अर्शी फारूकी ने अयोध्या-लखनऊ रोड स्थित एक रेस्टोरेंट का निरीक्षण कर पिसी लाल मिर्च का नमूना जांच के लिए लिया। निरीक्षण के दौरान मिली कमियों को दूर करने के लिए रेस्टोरेंट संचालक को नोटिस जारी किया गया। विभाग ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय में नोटिस का पालन नहीं करने पर लाइसेंस रद्द करने और प्रतिष्ठान को बंद कराने की कार्रवाई की जाएगी। ——————————— ये खबर भी पढ़िए- झांसी में प्रॉपर्टी के लिए मामा को जिंदा जलाया:दो दिन पहले कहा था- अपने घर जाओ, नहीं तो मार दूंगा; CCTV से खुली पोल
झांसी में 69 साल के मामा की हत्या उसके सगे भांजे ने की थी। शनिवार रात 11 बजे पुलिस ने आरोपी भांजे और उसके साले को गिरफ्तार कर लिया। दोनों ने अपना जुर्म कबूल भी कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, मामा नेपाल सिंह तोमर 28 जून की रात घर के बाहर सोए थे। तभी आरोपी भांजा प्रीतम सिंह (40) अपने साले राजा सिंह उर्फ गोलू (32) के साथ कार से आया। पूरी खबर पढ़िए…