‘बस में बैठते ही उसने फोन कर कहा-अब मुझे कॉल मत करना… मैं ढोलकी बजा रहा हूं, डिस्टर्ब हो जाऊंगा। लेकिन किसे पता था कि यह आखिरी बात होगी’ ये कहना है कि वृंदावन नाव हादसे में मारे गए लुधियाना के यश भल्ला की मां सरोज का है। उन्होंने कहा कि यश पहली बार वृंदावन जा रहा था। वह वृंदावन जाने को लेकर बेहद उत्साहित था। उसने हमसे कहा था कि इस बार मैं जा रहा हूं। अगली बार तुम्हें भी लेकर जाऊंगा। उन्होंने कहा कि वो अक्सर बांके बिहारी क्लब के साथ संकीर्तन में ढोलकी बजाने जाया करता था। जब भी जाता था तो मैं उसे रास्ते में दो-तीन बार फोन करती थी। गुरुवार को जब वो बस में बैठा तो खुद ही मुझे फोन किया कि अब फोन मत करना। मुझे बस में ढोलकी बजानी है। गौरतलब है कि 10 अप्रैल हो वृंदावन में पंजाब के श्रद्धालुओं की नाव नदी में पलट गई थी, जिससे कई लोग नदी में डूब गए। हादसे के बाद से यश भल्ला भी लापता था। परिवार को उम्मीद थी कि वह सही सलामत मिल जाएगा, लेकिन सोमवार (13 अप्रैल) सुबह यमुना में उसका शव मिल गया। इस हादसे में अब तक 15 लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं। जबकि जलालाबाद का पंकज मल्होत्रा अब भी लापता है। परिवार के सदस्यों ने बताया कि यश का अंतिम संस्कार आज सुबह 10 बजे पीरू मोहल्ला, सलेम टाबरी स्थित श्मशान घाट में किया जाएगा। वहीं ओमेक्स में रहने वाली मोनिका का शव भी सोमवार सुबह मिल गया। उसका शव भी देर शाम लुधियाना पहुंच गया। यश भल्ला की मां-भाई ने बताई ये अहम बातें… वृंदावन हादसे का रिकॉल….