नोएडा में हिंसक आंदोलन के बाद कर्मचारियों की सैलरी बढ़ा दी गई है। नाराज कर्मचारियों से बातचीत करने के लिए बनाई गई हाईलेवल कमेटी की सिफारिशों के बाद सरकार बड़ा ऐलान किया है। सरकार ने कर्मचारियों को तत्काल राहत देते हुए न्यूनतम मजदूरी दरों में 3000 रुपए तक की बढ़ोतरी कर दी है। बढ़ी हुई सैलरी 1 अप्रैल से लागू होगी। दरअसल, दिनभर हुए बवाल के बाद हाईलेवल कमेटी सोमवार देर रात नोएडा पहुंची थी। कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ देर रात तक बैठक की। इसके बाद रिपोर्ट सरकार को सौंपी गई। देर रात करीब डेढ़ बजे सरकार ने आदेश जारी कर कमेटी की सिफारिशों पर मुहर लगा दी। आदेश में कहा गया कि सोशल मीडिया पर अफवाह उड़ाई गई कि सरकार ने न्यूनतम वेतन बढ़ाकर 20 हजार कर दिया है, लेकिन कंपनियां इस आदेश का पालन नहीं कर रही हैं। इस वजह से कर्मचारी भड़के। इससे पहले, नोएडा में सोमवार को अलग-अलग इलाकों में फैक्ट्री कर्मचारियों ने हिंसक प्रदर्शन किया। 9 अप्रैल से सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे 42 हजार कर्मचारी सड़कों पर उतर आए। 350 से ज्यादा इंडस्ट्री में तोड़फोड़ की। 50 से ज्यादा गाड़ियां फूंक दीं। 150 वाहन तोड़ दिए। पुलिस पर पथराव किया। पुलिस ने करीब 200 लोगों को हिरासत में लिया है। 60 पर केस दर्ज किया है। फिलहाल माहौल शांत है। इंडस्ट्रियल इलाकों में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात है। CCTV और ड्रोन से मॉनिटरिंग की जा रही है। मामले में सरकार ने हाईलेवल कमेटी बनाई है। कर्मचारियों से औद्योगिक अशांति पैदा करने वालों से सावधान रहने को कहा है। पहले हिंसक प्रदर्शन की तस्वीरें देखिए… श्रम मंत्री अनिल राजभर ने बवाल को साजिश बताया। कहा- मुजफ्फरनगर में मुख्यमंत्री की रैली थी। इसे असफल करने के लिए साजिशन नोएडा में यह घटना कराई गई हो सकती है। गौतमबुद्धनगर की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि नोएडा में 83 जगहों पर श्रमिक सड़कों पर उतरे। सिर्फ दो स्थानों पर प्रदर्शन के दौरान स्थिति हिंसक हुई। उन्होंने कहा- बाहरी जिलों से आए कुछ लोगों ने माहौल को भड़काने और हिंसक बनाने की कोशिश की। ऐसे कुछ लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य की पहचान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की जा रही है। उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधा। कहा- यूपी सरकार झूठ बोलने में नंबर वन है। अगर यह वाकई में साजिश है तो उनकी खुफिया एजेंसी कहां थी। एजेंसी भी क्या उनके साथ बंगाल चुनाव प्रचार में गई थी? आरोप लगाया कि सरकार ‘साजिश’ का ठप्पा लगाकर नाकामियों को छिपाने की कोशिश कर रही है। कहां और कैसे भड़की हिंसा- आगजनी? नोएडा में बवाल से जुड़े पल-पल के अपडेट के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…