जहां नाक रगड़कर माफी मांगी, वहां प्रदीप मिश्रा कथा सुनाएंगे:50 हजार लोगों के लिए पंडाल तैयार; बरसाना के राधारानी मंदिर 27 महीने बाद पहुंचे

मथुरा के बरसाना में सोमवार से कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा शुरू होगी। इससे पहले रविवार शाम वह राधारानी मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने हाथ जोड़कर राधारानी का आशीर्वाद लिया। करीब 27 महीने पहले एक कथा के दौरान प्रदीप मिश्रा ने राधारानी को लेकर विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि राधारानी का नाम भगवान श्रीकृष्ण की 108 पटरानियों और 1600 रानियों में नहीं है। इस बयान से संत नाराज हो गए थे। बाद में प्रदीप मिश्रा ने राधारानी मंदिर पहुंचकर नाक रगड़कर माफी मांगी थी। इसके बाद वह पहली बार बरसाना पहुंचे हैं। कथा के लिए बरसाना से 3 किलोमीटर दूर गाजीपुर संकेत रोड पर प्रेम सरोवर के पास मैदान में पंडाल बनाया गया है। इसमें 50 हजार से ज्यादा लोगों के बैठने की व्यवस्था है। कथा 28 सितंबर से 4 अक्टूबर तक रोजाना दोपहर 1 से शाम 4 बजे तक चलेगी। इसका आयोजन श्री विट्ठलेश सेवा समिति सीहोर की ओर से किया जा रहा है। समिति की अपील- VIP पास की व्यवस्था नहीं, फ्रॉड से बचें श्री विट्ठलेश सेवा समिति ने कथा को लेकर एडवाइजरी जारी की है। समिति के मुताबिक, कथा के लिए कोई VIP पास की व्यवस्था नहीं है। अगर कोई व्यक्ति पैसे लेकर पास दिलाने का झांसा देता है, तो उसकी शिकायत पुलिस या समिति से करें। समिति ने लोगों से ऐसे धोखेबाजों से सावधान रहने की अपील की है, जो दान या सहयोग के नाम पर पैसे मांगकर ठगी कर सकते हैं। अब 27 महीने पहले के विवाद को जानिए 9 जून 2024 : कहा था- राधाजी बरसाना की नहीं, रावल की थीं पंडित प्रदीप मिश्रा ने 9 जून, 2024 को ओंकारेश्वर में विवादित बयान दिया था। कथा के पहले दिन प्रवचन के दौरान उन्होंने कहा था, ‘राधा-रानी का नाम भगवान श्रीकृष्ण की 108 पटरानियों और 1600 रानियों में नहीं है। राधा के पति का नाम अनय घोष, उनकी सास का नाम जटिला और ननद का नाम कुटिला था। राधा जी का विवाह छाता में हुआ था।’ उन्होंने कहा था, ‘राधा जी बरसाना की नहीं, रावल की रहने वाली थीं। बरसाना में तो राधा जी के पिता की कचहरी थी, जहां वह साल भर में एक बार आती थीं।’ पंडित प्रदीप मिश्रा का ये प्रवचन वायरल हुआ तो संत और ब्रजवासियों ने विरोध किया। सबसे तल्ख टिप्पणी संत प्रेमानंद महाराज की तरफ से आई थी। उन्होंने कहा था, ‘लाडली जी के बारे में तुम्हें पता ही क्या है? तुम जानते ही क्या हो? अगर तुम किसी संत के चरण रज का पान करके बात करते तो तुम्हारे मुख से कभी ऐसी वाणी नहीं निकलती।’ 29 जून 2024 : राधारानी से माफी मांगने बरसाना पहुंचे संतों के विरोध के बाद पंडित प्रदीप मिश्रा 29 जून, 2024 को बरसाना में राधारानी मंदिर पहुंचे। यहां उनके साथ बदसलूकी की गई। धक्का-मुक्की करते हुए उनके अंगवस्त्र खींचे गए। नाक रगड़ने के लिए मजबूर किया गया। दंडवत प्रणाम किया। लोग चिल्ला रहे थे कि नाक रगड़वाओ, कान पकड़वाओ…। उन्होंने राधा-रानी के जन्म और विवाह से जुड़े अपने बयान पर माफी मांगी। इसके बाद मंदिर से बाहर निकले। हाथ जोड़कर ब्रजवासियों का अभिनंदन किया था। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने कहा था, ‘मैं ब्रजवासियों के प्रेम की वजह से यहां आया हूं। लाडली जी (राधारानी) ने खुद ही इशारा कर मुझे यहां बुलाया। मेरी वाणी से किसी को ठेस पहुंची है, तो उसके लिए माफी मांगता हूं।’ उन्होंने कहा, ‘ब्रजवासियों के चरणों में दंडवत माफी मांगता हूं। मैं लाडली जी और बरसाना सरकार से क्षमा चाहता हूं। सभी से निवेदन है कि किसी के लिए कोई अपशब्द न कहें। राधे-राधे कहें, महादेव कहें। मैं सभी महंत, धर्माचार्य और आचार्य से माफी मांगता हूं।’ शिव महापुराण कथा में कई संत शामिल होंगे बरसाना में होने वाली शिव महापुराण कथा में कई संत और योग गुरु शामिल होंगे। इनमें रमणरेती आश्रम के स्वामी गुरुशरणानंद महाराज, मान मंदिर के रमेश बाबा और बरसाना के विनोद दास बाबा शामिल हैं। इसके अलावा योग गुरु स्वामी रामदेव, वाराणसी के सतुआ बाबा और रोहतक के महंत बालकनाथ योगी भी कथा में पहुंचेंगे। ———————— ये खबर भी पढ़िए- योगी सपा-कांग्रेस पर भड़के, बोले- हरकतों से बाज आएं: चुनाव आयुक्त पर सवाल उठाना ठीक नहीं, जीत गए तो बढ़िया, हारें तो EVM दोषी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर छिड़े विवाद के बीच सीएम योगी ने रविवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। सपा और कांग्रेस पर जमकर भड़के। उन्होंने कहा- SIR की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस, सपा, राजद समेत विपक्षी दल हायतौबा मचा रहे हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। पढ़ें पूरी खबर…